क्या रहा समयसीमा के अनुसार, अब तक प्रारंग और मेरठ का सफर

मेरठ

 31-07-2020 08:25 AM
शुरुआतः 4 अरब ईसापूर्व से 0.2 करोड ईसापूर्व तक

प्रारंग शहर की स्थानीय भाषा में विभिन्न शहरों/स्थानों की संस्कृति और प्रकृति पर हर रोज उपयोगी अंतर्दृष्टि प्रदान करके, संस्कृति - प्रकृति संतुलित करने का उद्देश्य रखता है। हम शहर विशेष की संस्कृति और प्रकृति के संदर्भ में दुनिया के अन्य हिस्सों के साथ शहर के संसर्गों पर शोध करते हैं और उन्हें प्रस्तुत करते हैं। प्रारंग के लेखों की रूपरेखा में, हमने प्रकृति और संस्कृति दोनों का ही निम्नलिखित 6 (प्रत्येक में 3) भागों के माध्यम से प्रतिनिधित्व किया है:

संस्कृति

1. समयसीमा : इस बिंदु में पृथ्वी की शुरुआत से लेकर अब तक के समयकाल के बारे में बहुत से नये तथ्यों का पता चलेगा। हम दुनिया भर में सभ्यताओं के विकास के संश्रय में हमारे विशिष्ट शहर के विकास का पता लगाते हैं।

2. मानव व उनकी इन्द्रियाँ : शहर के संदर्भ को ध्यान में रखते हुए, हम मनोरंजन और संवर्धन की वस्तुओं और मानव आवश्यकता की गतिविधियों के विकास का पता लगाते हैं, जो ध्वनि, गंध, स्पर्श, स्वाद, दृष्टि और विचार के रूप में मानव अपनी इंद्रियों के माध्यम से अनुभव करते हैं।

3. मानव व उसके अविष्कार : हम दस्तकारी और औद्योगिक उत्पादों और सेवाओं में हुए आविष्कारों और नवाचारों का पता लगाते हैं, क्यूंकि इनके द्वारा ही दुनिया ने विभिन्न सभ्यताओं की वृद्धि देखी है।

प्रकृति

1. भूगोल : प्रकृति के इस बिंदु में हम अपने शहर और विश्व के भूगोल के बारे में प्राप्त जानकारियों को संदर्भित करते हैं। यह भाग पृथ्वी पर मौजूद स्थानों की प्राकृतिक विषेशताओं पर रौशनी ड़ालता है जैसे नदियाँ, समुद्र, जंगल इत्यादि।

2. जीव–जन्तु : जीव-जन्तु प्रकृति का एक अहम हिस्सा होते हैं। प्रारंग के प्रकृति खण्ड के इस भाग में जानिए अपने शहर और विश्व भर में पाये जाने वाले जीव-जन्तुओं से जुडी रोचक जानकारी का वर्णन।

3. वनस्पति : पेड़-पौधों अथवा वनस्पति लोक का अर्थ, किसी क्षेत्र का वनस्पति जीवन या भूमि पर मौजूद पेड़-पौधे और इसका संबंध किसी विशिष्ट जाति, जीवन के रूप, रचना, स्थानिक प्रसार या अन्य वानस्पतिक या भौगोलिक गुणों से है।


क्या रहा समयसीमा के अनुसार, अब तक प्रारंग और मेरठ का सफर


1. शुरुआतः 4 अरब ईसापूर्व से 0.2 करोड ईसापूर्व तक

कैसे हुआ मेरठ की धरती का निर्माण

लिंक - https://prarang.in/meerut/posts/1362/postname


2. जन: 40000 ईसापूर्व से 10000 ईसापूर्व तक

जब पत्थर से बनते थे औज़ार

लिंक - https://prarang.in/meerut/posts/1369/postname


3. सभ्यताः 10000 ईसापूर्व से 2000 ईसापूर्व

मेरठ के करीब मिला 4000 साल पुराना पहिया

लिंक - https://prarang.in/meerut/posts/1405/postname


4. ठहरावः 2000 ईसापूर्व से 600 ईसापूर्व तक

प्राचीन काल में लोग समय कैसे देखते थे

लिंक - https://prarang.in/meerut/posts/2572/How-did-people-view-the-times-in-ancient-times


5. धर्म का उदयः 600 ईसापूर्व से 300 ईस्वी तक

चीन से प्राप्त हुए भगवान श्री कृष्‍ण के ये अनमोल चित्र

लिंक - https://prarang.in/meerut/posts/1781/postname


6. छोटे राज्य 300 ईस्वी से 1000 ईस्वी तक

इंडोनेशिया और भारत के सदियों पुराने नाते

लिंक - https://prarang.in/meerut/posts/2078/ages-old-link-between-indonesia-and-india


7. मघ्यकाल के पहले : 1000 ईस्वी से 1450 ईस्वी तक

मेरठ के नाम की उत्पत्ति का इतिहास

लिंक - https://prarang.in/meerut/posts/2612/History-of-the-origin-of-Meeruts-name


8. मध्यकाल 1450 ईस्वी से 1780 ईस्वी तक

दिल्ली की इस मस्जिद का नाम सुनके उड़ जाएंगे होश

लिंक - https://prarang.in/meerut/posts/4207/Hearing-the-name-of-this-mosque-in-Delhi-will-blow-you-away


9. उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

क्यों मिलते हैं वेस्टइंडीज़ क्रिकेटरों के नाम भारतीय नामों से?

लिंक - https://prarang.in/meerut/posts/2877/Why-do-the-names-of-West-Indies-cricketers-come-from-Indian-names


10. आधुनिक राज्य: 1947 से अब तक

क्या वास्‍तव में कोई संबंध है विदुर-के-टीले का महाभारत से ?

लिंक - https://prarang.in/meerut/posts/2429/mahabharata-and-vidur-ka-teela-hastinapur


प्रारंग द्वारा आपके शहर में अब तक संस्कृति और प्रकृति से जुड़े 1000 से भी अधिक लेख प्रकाशित किये जा चुके हैं, तो आईये प्रारंग के संग, अपने शहर के विभिन्न रंगों का आनंद लेने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।

https://prarang.in/meerut/#


RECENT POST

  • पौधों के विकास में सूक्ष्मजीवों की वही भूमिका है जो है स्वस्थ इंसानों में प्रोबायोटिक्स की
    कीटाणु,एक कोशीय जीव,क्रोमिस्टा, व शैवाल

     24-09-2021 09:11 AM


  • कैंसर का इतिहास व् उपचार, कैसे कम किया जाए कैंसर विकास के जोखिम को
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     23-09-2021 11:08 AM


  • सिर ढकने के लिए छत ढूँढना कोई हर्मिट केकड़े से सीखे
    मछलियाँ व उभयचर

     22-09-2021 09:01 AM


  • जब कंपनी पेंटिंग ने आधुनिक कैमरा का काम किया
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     21-09-2021 09:42 AM


  • वृक्ष संरक्षण अधिनियम के उद्देश्य व अतिक्रमण से बचाव के उपाय
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     20-09-2021 09:26 AM


  • दुनिया की सबसे बड़ी अपतटीय तेल आपदा है, पाइपर अल्फा प्लेटफॉर्म में हुआ विस्फोट
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     19-09-2021 12:31 PM


  • मेरठ छावनियों में आज भी मौजूद हैं कुछ शुरुआती अंग्रेजी बंगले
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     18-09-2021 10:18 AM


  • कौन से रसायन हमारे एक मात्र घर धरती की सुरक्षा कवच या ओजोन परत को हानि पहुंचाते है
    जलवायु व ऋतु

     17-09-2021 09:42 AM


  • विलवणीकरण तकनीक का उपयोग कर समुद्र के खारे पानी को मीठे पानी में किया जा सकता है परिवर्तित
    समुद्र

     16-09-2021 10:05 AM


  • सर्दियों के आम होते हैं बेहद खास
    साग-सब्जियाँ

     15-09-2021 10:09 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id