किसने दी महत्मा गांधी को राष्ट्रपिता की उपाधि

मेरठ

 02-10-2018 09:49 AM
सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

देशवासियों को सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलना सिखाने वाले, बिना किसी हिंसा के अंग्रेजी हुकूमत से भारत को आजादी दिलाने में अपना अहम योगदान रखने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी का आज 150 वां जन्म दिवस है। आज सिर्फ भारत ही नहीं वरन पूरी दुनिया मोहनदास करमचंद गांधी को भारत के राष्ट्रपिता और महात्मा गांधी के नाम से जानती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि उन्हें राष्ट्रपिता की ये उपाधि आखिर कैसे मिली। तो चलिए आज गांधी जयंती के इस खास मौके पर हम आपको बताते हैं, उनके बारे में जिन्होंने पहली बार महात्मा गांधी जी को राष्ट्रपिता कहकर संबोधित किया था।

1944 में सुभाष चन्द्र बोस ने सिंगापुर रेडियो से एक संदेश प्रसारित करते हुए महात्मा गांधी जी को राष्ट्रपिता कहकर पहली बार संबोधित किया। वहीं गांधी जी के देहांत के बाद भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू नें रेडियो के माध्यम से देश को संबोधित किया था और कहा था कि ‘राष्ट्रपिता अब नहीं रहे’। इस प्रकार समूचे देश ने गांधी जी को दी गयी “राष्ट्रपिता” की उपाधि को स्वीकार लिया।

वहीं एक बार लखनऊ की 11 वर्षीय स्कूली छात्रा ने महात्मा गांधी के बारे में जब एक पाठ पढ़ा था, तो उसने कई बार यह जानने की कोशिश की गांधी जी को राष्ट्रपिता क्यों बोला जाता है लेकिन उसे इस बारे में कुछ नहीं मिला। फिर उसने इस बारे में जानकारी निकालने के लिए अपने माता-पिता के सुझाव से प्रधान मंत्री कार्यालय (पीएमओ) को सूचना के अधिकार (आरटीआई) में याचिका भेजी। जिसका उत्तर यह मिला की इस संदर्भ में सरकार के पास कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं।

लालकृष्ण आडवाणी नें कहा -

"मैं स्पष्ट कर सकता हूं कि हालांकि महात्मा गांधी को "राष्ट्रपिता" के रूप में जाना जाता है, लेकिन सरकार द्वारा इस तरह का कोई शीर्षक कभी औपचारिक रूप से प्रदान नहीं किया गया था।"

यह हमारी तरफ से उनके लिए श्रद्धांजलि और प्यार था जो आज हम सब उन्हें राष्ट्रपिता के नाम से बुलाते हैं।

संदर्भ :-

1. https://www.quora.com/Who-gave-mahatama-gandhi-the-title-of-father-of-nation-and-why
2. https://tvaraj.com/2013/08/01/who-conferred-the-title-of-father-of-the-nation-on-mahatma-gandhi/

RECENT POST

  • मेरठ का 300 साल पुराना शानदार अबू का मकबरा आज बकरियों का तबेला बनकर रह गया है
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     28-06-2022 08:15 AM


  • ब्लास्ट फिशिंग से होता न सिर्फ मछुआरे की जान को जोखिम, बल्कि जल जीवों को भी भारी नुकसान
    मछलियाँ व उभयचर

     27-06-2022 09:25 AM


  • एक पौराणिक जानवर के रूप में प्रसिद्ध थे जिराफ
    शारीरिक

     26-06-2022 10:08 AM


  • अन्य शिकारी जानवरों पर भारी पड़ रही हैं, बाघ केंद्रित संरक्षण नीतियां
    निवास स्थान

     25-06-2022 09:49 AM


  • हम में से कई लोगों को कड़वे व्यंजन पसंद आते हैं, जबकि उनकी कड़वाहट कई लोगों के लिए सहन नहीं होती
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     24-06-2022 09:49 AM


  • भारत में पश्चिमी शास्त्रीय संगीत धीरे-धीरे से ही सही, लेकिन लोकप्रिय हो रहा है
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

     23-06-2022 09:30 AM


  • योग शरीर को लचीला ही नहीं बल्कि ताकतवर भी बनाता है
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     22-06-2022 10:23 AM


  • प्रोटीन और पैसों से भरा है कीड़े खाने और खिलाने का व्यवसाय
    तितलियाँ व कीड़े

     21-06-2022 09:54 AM


  • कृत्रिम बुद्धिमत्ता गलत सूचना उत्पन्न करने और साइबरसुरक्षा विशेषज्ञों के साथ छल करने में है सक्षम
    संचार एवं संचार यन्त्र

     20-06-2022 08:51 AM


  • विस्मयकारी है दो जंगली भेड़ों के बीच का हिंसक संघर्ष
    व्यवहारिक

     19-06-2022 12:13 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id