सभ्यताओं की जननी, भारत

लखनऊ

 30-05-2018 03:00 PM
सभ्यताः 10000 ईसापूर्व से 2000 ईसापूर्व

भारत को सभ्यताओं की जननी कहना कतिपय गलत नहीं है। इसका सीधा प्रमाण यहाँ पर की गयी विभिन्न पुरातात्विक खुदाइयों से मिल जाता है। यायावर जीवन जीने के बाद मानव ने धीरे-धीरे खेती करना शुरू किया और यही वह दौर था जब वह एक स्थान पर रहने को बाध्य हुआ। एक स्थान पर रहने के कारण मानव घर, बर्तन आदि का भी निर्माण करने लगा जिससे गाँवों की संरचना का निर्माण हुआ। यदि देखा जाए तो मानव कभी अकेले रहने वाला प्राणी था ही नहीं, वह सदैव गुट में रहता था। यही कारण है कि गाँवों का निर्माण संभव हो सका। गाँवों के निर्माण के बाद धीरे-धीरे नगरों का निर्माण हुआ और शहरी और ग्रामीण सभ्यताओं का जन्म हुआ।

भारत में मानव बसाव के सबसे शुरुवाती बसाव मेहरगढ़, बुर्जहोम आदि में थे। यहाँ पर मानव अपना घर जमीन के अन्दर गड्ढे खोद कर बानाया करता था। भारत की सबसे प्राचीन सभ्यता का जन्म सिन्धु नदी के किनारे व आस-पास के क्षेत्र में हुआ। यह सभ्यता वर्तमान के अफगानिस्तान से लेकर रामपुर के नजदीक के जिले बागपत और मेरठ के नजदीक आलमगीरपुर के पास तक और गुजरात तक फैली हुयी थी। यह सभ्यता ग्रामीण व शहरी दोनों प्रकार के साक्ष्यों को प्रस्तुत करती है। यह भी अत्यंत महत्वपूर्ण है कि उस समय भारत में ही नहीं अपितु विश्व के अनेक अन्य शहरों में भी बड़े पैमाने पर सभ्यताओं का जन्म हो रहा था। मेसोपोटामिया उन्ही में से एक है। सिन्धु सभ्यता राजा और प्रजा के प्रमाण को भी प्रस्तुत करती है। राखिगढ़ी के प्रमुख टीले से इसके प्रमाण प्राप्त हुए हैं।

रामपुर गंगा के मैदानी भाग में बसा हुआ है। गंगा के मैदानी भागों पर विभिन्न सभ्यताओं ने जन्म लिया जिनमें से लौह युग की सभ्यताएं प्रमुख हैं। यहाँ पर कृष्ण लेपित मृदभांड परंपरा, रंगे हुए धूसर मृदभांड, कॉपर होर्ड संस्कृति आदि प्राप्त होते हैं। यह तथ्य जानने योग्य है कि विभिन्न सभ्यताओं का नाम उनके स्थान या फिर उनके बर्तनों के नाम पर रखा जाता है। जैसे सिन्धु के समीप होने के कारण सिन्धु सभ्यता, गंगा के सिंचित क्षेत्र में होने के कारण निचली गंगा घाटी सभ्यता और उच्च गंगा घाटी सभ्यता। भारत के अन्य सभ्यताओं में आहड़, जोर्वे आदि भी हैं। 2000 ईसा पूर्व के समय विश्व की आबादी करीब 27 मिलियन थी। अब आज के विवरणों का सहारा लिया जाए तो यह पता चलता है कि आज विश्व की आबादी 7 अरब है जो कि 2000 ईसा पूर्व की आबादी से कई गुना ज्यादा है। अकेले भारत की आबादी 1.2 अरब है जिसमें से उत्तर प्रदेश की आबादी 20 करोड़ के करीब है तथा इसमें रामपुर की आबादी लगभग 24 लाख है।

1. प्रेहिस्टोरिक ह्यूमन कॉलोनाईजेशन ऑफ़ इंडिया, वी. एन. मिश्र
2. प्री एंड प्रोटोहिस्ट्री ऑफ़ इंडिया, वी के जैन



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