क्या रहा मनुष्य और उसके आविष्कारों के अनुसार, अब तक प्रारंग और जौनपुर का सफर

जौनपुर

 24-07-2020 08:00 AM
म्रिदभाण्ड से काँच व आभूषण

प्रारंग शहर की स्थानीय भाषा में विभिन्न शहरों/स्थानों की संस्कृति और प्रकृति पर हर रोज उपयोगी अंतर्दृष्टि प्रदान करके, संस्कृति - प्रकृति संतुलित करने का उद्देश्य रखता है। हम शहर विशेष की संस्कृति और प्रकृति के संदर्भ में दुनिया के अन्य हिस्सों के साथ शहर के संसर्गों पर शोध करते हैं और उन्हें प्रस्तुत करते हैं। प्रारंग के लेखों की रूपरेखा में, हमने प्रकृति और संस्कृति दोनों का ही निम्नलिखित 6 (प्रत्येक में 3) भागों के माध्यम से प्रतिनिधित्व किया है:

संस्कृति

1. समयसीमा : इस बिंदु में पृथ्वी की शुरुआत से लेकर अब तक के समयकाल के बारे में बहुत से नये तथ्यों का पता चलेगा। हम दुनिया भर में सभ्यताओं के विकास के संश्रय में हमारे विशिष्ट शहर के विकास का पता लगाते हैं।

2. मानव व उनकी इन्द्रियाँ : शहर के संदर्भ को ध्यान में रखते हुए, हम मनोरंजन और संवर्धन की वस्तुओं और मानव आवश्यकता की गतिविधियों के विकास का पता लगाते हैं, जो ध्वनि, गंध, स्पर्श, स्वाद, दृष्टि और विचार के रूप में मानव अपनी इंद्रियों के माध्यम से अनुभव करते हैं।

3. मानव व उसके अविष्कार : हम दस्तकारी और औद्योगिक उत्पादों और सेवाओं में हुए आविष्कारों और नवाचारों का पता लगाते हैं, क्यूंकि इनके द्वारा ही दुनिया ने विभिन्न सभ्यताओं की वृद्धि देखी है।

प्रकृति

1. भूगोल : प्रकृति के इस बिंदु में हम अपने शहर और विश्व के भूगोल के बारे में प्राप्त जानकारियों को संदर्भित करते हैं। यह भाग पृथ्वी पर मौजूद स्थानों की प्राकृतिक विषेशताओं पर रौशनी ड़ालता है जैसे नदियाँ, समुद्र, जंगल इत्यादि।

2. जीव–जन्तु : जीव-जन्तु प्रकृति का एक अहम हिस्सा होते हैं। प्रारंग के प्रकृति खण्ड के इस भाग में जानिए अपने शहर और विश्व भर में पाये जाने वाले जीव-जन्तुओं से जुडी रोचक जानकारी का वर्णन।

3. वनस्पति : पेड़-पौधों अथवा वनस्पति लोक का अर्थ, किसी क्षेत्र का वनस्पति जीवन या भूमि पर मौजूद पेड़-पौधे और इसका संबंध किसी विशिष्ट जाति, जीवन के रूप, रचना, स्थानिक प्रसार या अन्य वानस्पतिक या भौगोलिक गुणों से है।


क्या रहा मनुष्य और उसके आविष्कारों के अनुसार, अब तक प्रारंग और जौनपुर का सफर


1. म्रिदभाण्ड से काँच व आभूषण:

स्थानीय कुम्हारों को रोज़गार प्रदान करेगा कुल्हड़

लिंक - https://prarang.in/jaunpur/posts/3980/Kulhar-will-provide-employment-to-local-potters


2. हथियार व खिलौने

जौनपुर में खेल सुविधाओं के निवेश में कमी

लिंक - https://prarang.in/jaunpur/posts/1214/postname


3. य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

भारत के सबसे लोकप्रिय और मनभावक रेल मार्ग

लिंक - https://prarang.in/jaunpur/posts/3477/most-popular-and-pleasant-railroad-of-india


4. संचार एवं संचार यन्त्र

क्या जौनपुर सहित सम्पूर्ण भारत में उपयोगी सिद्ध होगी फेशियल-रिकग्निशन (Facial Recognition) प्रणाली?

लिंक - https://prarang.in/jaunpur/posts/4043/Will-Facial-Recognition-System-prove-useful-in-entire-India-including-Jaunpur


5. घर- आन्तरिक साज सज्जा, कुर्सियाँ तथा दरियाँ

भदोही की कालीन बुनाई को प्राप्त है भौगोलिक संकेतक टैग

लिंक - https://prarang.in/jaunpur/posts/2544/Bhadohis-carpet-weave-is-obtained-Geographical-indicator-tag


6. वास्तुकला 1 वाह्य भवन

जौनपुर के विरासत स्थलों की स्थिति में आती गिरावट

लिंक - https://prarang.in/jaunpur/posts/3184/The-decline-in-the-status-of-heritage-sites-of-Jaunpur


7. वास्तुकला 2 कार्यालय व कार्यप्रणाली

कलम या पेन का सुहाना सफर

लिंक - https://prarang.in/jaunpur/posts/2321/history-of-pen


8. नगरीकरण- शहर व शक्ति

जौनपुर में शहरी विकास का ग्रामीण विकास पर पड़ता प्रभाव

लिंक - https://prarang.in/jaunpur/posts/3266/Urban-development-in-Jaunpur-has-an-impact-on-rural-development


9. सिद्धान्त I-अवधारणा माप उपकरण (कागज/घड़ी)

भारत के पांच अद्भुत जंतर मंतर में से एक है हमारे जौनपुर के पास

लिंक - https://prarang.in/jaunpur/posts/3010/One-of-Indias-five-wonderful-Jantar-Mantar-is-near-our-Jaunpur


10. सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

क्या हम भूल गए हैं, जौनपुर से सम्बन्ध रखने वाले सिद्दी समुदाय को

लिंक - https://prarang.in/jaunpur/posts/4445/Have-we-forgotten-the-Siddi-diaspora-belonging-to-Jaunpur


प्रारंग द्वारा आपके शहर में अब तक संस्कृति और प्रकृति से जुड़े 1000 से भी अधिक लेख प्रकाशित किये जा चुके हैं, तो आईये प्रारंग के संग, अपने शहर के विभिन्न रंगों का आनंद लेने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।

https://prarang.in/jaunpur/#


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