लखनऊ के नवाबी पकवान

लखनऊ

 03-01-2018 07:00 PM
स्वाद- खाद्य का इतिहास
आसमां में वो ताव कहां, जो हमसे छुड़ाए लखनऊ लखनऊ हम पर फिदा है, हम फिदा-ए-लखनऊ लखनऊ की स्थापना के समय के साथ ही इसे बड़ी सूझ-बूझ के साथ बनवाया गया था चाहे वो रूमी दरवाज़ा हो या बड़ा इमामबाड़ा। विश्व शहर निर्माण के विज्ञानी पैट्रिक गेडेस ने भी लखनऊ के निर्माण पर अपने विचार दिए हैं। लखनऊ के निर्माण व इसके नवाबी ठाट के भोजन या पाक कला एक प्रमुख भूमिका का निर्वहन करती है। अवध अपने खाने के लिये विश्व में एक विशिष्ट स्थान बनाया है। अवध मांसाहार के साथ-साथ शाकाहार दोनो प्रकार के खाद्य पदार्थों के लिये जाना जाता है। यहाँ पर अपनी एक अलग खास नवाबी खानपान शैली है। इसमें विभिन्न तरह की बिरयानी, कबाब, शीरमाल, ज़र्दा, रुमाली रोटी, कोरमा, नाहरी कुल्चे, और वर्की परांठा, कचौरियाँ, विभिन्न प्रकार की दाल, सब्जियाँ और रोटियां आदि हैं, जिनमें काकोरी कबाब, गलावटी कबाब, पतीली कबाब, बोटी कबाब, घुटवां कबाब, और शामी कबाब प्रमुख हैं। लखनऊ के टुण्डे कबाब (गलावटी कबाब) सबसे मशहूर है क्युँकी इसको प्रथम बार बनाने वाला व्यक्ति एक हाँथ से दिव्याँग था, इसी कारण इस कबाब को टुण्डे कबाब कहा जाता है। टुंडे कबाब बनाने के लिये लगभग 100 प्रकार के मसालों का प्रयोग किया जाता है। यह इतने मुलायम होते हैं कि मुंह में जाते ही घुल जाते हैं। यदि कबाब और कोरमा के अलावाँ यहाँ पर बनायी जाने वाली दाल देखें तो प्रमुख निम्नलिखित हैं- अरहर दाल, बादशाह पसंद, सुल्तानी दाल, मास की दाल व खिचड़ी दाल प्रमुख हैं। ऊपर लिखे मशहूर शेर के तीन दावेदार बताए जाते हैं। पहले नवाब वाजिद अली शाह। दूसरे शायर नासिख और तीसरे नौबत राय नज़र। 1- द क्लासिकल क्युसिन ऑफ लखनऊ- ए फूड मेमोयर: मिर्जा ज़ाफर हुसैन, 1980।



RECENT POST

  • उत्तर और मध्य प्रदेश में केन-बेतवा नदी परियोजना में वन्यजीवों की सुरक्षा बन गई बड़ी चुनौती
    निवास स्थान

     25-06-2022 09:53 AM


  • व्यस्त जीवन शैली के चलते भारत में भी काफी तेजी से बढ़ रहा है सुविधाजनक भोजन का प्रचलन
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     24-06-2022 09:51 AM


  • भारत में कोरियाई संगीत शैली, के-पॉप की लोकप्रियता के क्या कारण हैं?
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

     23-06-2022 09:37 AM


  • योग के शारीरिक और मनो चिकित्सीय लाभ
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     22-06-2022 10:21 AM


  • भारत के विभिन्‍न धर्मों में कीटों की भूमिका
    तितलियाँ व कीड़े

     21-06-2022 09:56 AM


  • सोशल मीडिया पर समाचार, सार्वजनिक मीडिया से कैसे हैं भिन्न?
    संचार एवं संचार यन्त्र

     20-06-2022 08:54 AM


  • अपने रक्षा तंत्र के जरिए ग्रेट वाइट शार्क से सुरक्षित बच निकलती है, सील
    व्यवहारिक

     19-06-2022 12:16 PM


  • संकट में हैं, कमाल के कवक, पारिस्थितिकी तंत्र में देते बेहद अहम् योगदान
    फंफूद, कुकुरमुत्ता

     18-06-2022 10:02 AM


  • बढ़ते शहरीकरण के इस युग में पक्षियों के अनुकूल बुनियादी ढांचे बनाने की आवश्यकता है
    पंछीयाँ

     17-06-2022 08:13 AM


  • हमारे देश के चार कौनों में स्थित चार धामों के चार क्षेत्र, प्रत्येक युग का प्रतिनिधित्व करते हैं
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     16-06-2022 08:52 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id