क्या है मांण्डी थर्सडे (Maundy Thursday) और अंतिम भोज ?

लखनऊ

 10-04-2020 05:20 PM
विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

2011 की जनगणना के आंकड़ों के अनुसार रामपुर शहर में 789 ईसाई हैं, जो गुड फ्राइडे (Good Friday) पर मेथोडिस्ट और केथोलिक चर्चों (Methodist and Catholic churches) में प्रार्थना करते हुए इस दिन को मनाते हैं। गुड फ्राइडे ईसा मसीह के क्रॉस पर चढ़ने का स्मरणोत्सव है। मेथोडिस्ट चर्च में यीशु की सात अमरवाणियों का चिंतन किया जाता है और चर्च में दोपहर 12 बजे से अपराह्न 3:00 बजे तक प्रार्थना की जाती है। गुड फ्राइडे से एक दिन पहले मांण्डी थर्सडे (Maundy Thursday) मनाया जाता है। इस दिन परंपरागत रूप से चर्च में सेवाओं के दौरान पैर धोने का अनुष्ठान किया जाता है और साथ ही मांण्डी थर्सडे को अंतिम भोज की सराहना करते हुए, ईसाई अनुयायी इस दिन को सार्वभौमिक रूप से पवित्र समुदाय के रूप में मनाते हैं। मांण्डी शब्द की उत्पत्ति लैटिन शब्द मांडटूम (mandatum) या आज्ञा से हुई थी, साथ ही ये यीशु के शब्दों को प्रतिबिंबित करता है कि “मैं आपको एक नया अवसर देता हूं”।

वहीं धर्मसिद्धान्त के लेखा में, अंतिम भोज को यीशु ने यरूशलेम (Jerusalem) में अपने प्रेरितों के साथ अपने क्रॉस पर चढ़ने से पहले साझा किया था। अंतिम भोज को विशेष रूप से मांण्डी थर्सडे को मनाया जाता है। अंतिम भोज युहरिस्ट (Euharist) के लिए शास्त्रीय आधार प्रदान करता है, जिसे "पवित्र समुदाय" या "अंतिम भोज" के रूप में भी जाना जाता है। ऐसा माना जाता है कि यीशु के क्रॉस पर चढ़ने से पहले यीशु ने भोजन के दौरान अपने एक प्रचारक द्वारा विश्वासघात करने की भविष्यवाणी कर ली थी और वो भोज उनका उनके अनुयायियों के साथ अंतिम था, जिसके चलते ही मांण्डी थर्सडे को अंतिम भोज का आयोजन किया जाने लगा। वहीं कुछ यीशु संगोष्ठी के विद्वानों का मानना है कि अंतिम भोज के दिन को यीशु के अनुयायियों के साथ अंतिम बार भोजन करने के उपरांत नहीं बल्कि मृतकों के लिए स्मारक रात्रिभोज की सज्जन परंपरा से आयोजित किया गया था।

दूसरी ओर विद्वानों द्वारा अंतिम भोज को प्रारंभिक ईसाई युखारिस्तीय परंपराओं (Eucharist tradition) के स्रोत के रूप में देखा गया है। जबकि अन्य लोगों का मानना है कि अंतिम भोज पहली शताब्दी के युखारिस्तीय द्वारा उत्पन्न हुई एक प्रथा है। वहीं "लास्ट सपर ((Last Supper) अंतिम भोज)" शब्द नए नियम में मौजूद नहीं है, लेकिन परंपरागत रूप से कई ईसाई इस घटना का उल्लेख करते हैं। साथ ही कई विरोधी इस दिन को संबोधित करने के लिए "लॉर्ड्स सपर (Lord's Supper)" शब्द का उपयोग करते हैं। "लॉर्ड्स सपर" शब्द बाइबिल की वृत्तांत और "पवित्र भोज" और युखारिस्तीय (धन्यवाद(Thaks Giving )) उत्सव के कार्यों को संदर्भित करता है। वहीं इवेंजेलिकल विरोधी भी "लॉर्ड्स सपर" शब्द का उपयोग करते हैं, लेकिन वे भोग के साथ "युखारिस्तीय" या "पवित्र" जैसे शब्दों का उपयोग नहीं करते हैं।

एक प्राचीन प्रथा के चलते रोम में लोगों द्वारा मांण्डी थर्सडे में सात चर्चों में जाया जाता है और ये परंपरा विश्व भर में विश्वसनीय लोगों द्वारा मनाई जाती है। ऐसे ही भारत में लोगों द्वारा चौदह चर्च में जाकर इस प्रथा को मनाया जाता है। वहीं मांण्डी थर्सडे को अधिकांश देशों में एक सार्वजनिक अवकाश होता है, जिनमें वे देश शामिल हैं, जो स्पैनिश साम्राज्य का हिस्सा थे, जो डेनिश औपनिवेशिक साम्राज्य का हिस्सा थे, और भारत में केरल राज्य। कुछ जर्मन राज्य सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए सार्वजनिक अवकाश घोषित करते हैं। जबकि ब्रिटेन में, सिविल (civil) सेवकों को पारंपरिक रूप से इस तिथि पर आधे दिन की छुट्टी दी जाती थी, लेकिन 2012 के बाद इसे समाप्त कर दिया गया था।

संदर्भ :-
1.
https://www.livehindustan.com/uttar-pradesh/rampur/story-good-friday-celebration-2496335.html
2. https://en.wikipedia.org/wiki/Maundy_Thursday
3. https://en.wikipedia.org/wiki/Last_Supper
चित्र सन्दर्भ:
1.
Picryl.com - The Last Supper
2. Wikipedia Commons - Jacopo Tintoretto - The Last Supper
3. Peakpx.com - Antim Bhoj



RECENT POST

  • गरीबों और असहायों की भूख शांत करती सरकारी खाद्य सुरक्षा योजनाएं
    आधुनिक राज्य: 1947 से अब तक

     13-08-2022 10:19 AM


  • लखनऊ सहित कुछ चुनिंदा चिड़ियाघरों में ही शेष बचे हैं, शानदार जिराफ
    स्तनधारी

     12-08-2022 08:28 AM


  • ऑनलाइन खरीदारी के बजाए लखनऊ के रौनकदार बाज़ारों में सजी हुई राखिये खरीदने का मज़ा ही कुछ और है
    संचार एवं संचार यन्त्र

     11-08-2022 10:20 AM


  • गांधीजी के पसंदीदा लेखक, संत व् कवि, नरसिंह मेहता की गुजराती साहित्य में महत्वपूर्ण भूमिका
    मध्यकाल 1450 ईस्वी से 1780 ईस्वी तक

     10-08-2022 10:04 AM


  • मुहर्रम के विभिन्न महत्वपूर्ण अनुष्ठानों को 19 वीं शताब्दी की कंपनी पेंटिंग शैली में दर्शाया गया
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     09-08-2022 10:25 AM


  • राष्ट्रीय हथकरघा दिवस विशेष: साड़ियाँ ने की बैंकिग संवाददाता सखियों व् बुनकरों के बीच नई पहल
    स्पर्शः रचना व कपड़े

     08-08-2022 08:55 AM


  • अंतरिक्ष से दिखाई देती है,भारत और पाकिस्तान के बीच मानव निर्मित सीमा
    द्रिश्य 1 लेंस/तस्वीर उतारना

     07-08-2022 12:06 PM


  • भारतीय संख्या प्रणाली का वैश्विक स्तर पर योगदान
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     06-08-2022 10:25 AM


  • कैसे स्वचालित ट्रैफिक लाइट लखनऊ को पैदल यात्रियों के अनुकूल व् आज की तेज़ गति की सडकों को सुरक्षित बनाती
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     05-08-2022 11:23 AM


  • ब्रिटिश सैनिक व् प्रशासक द्वारा लिखी पुस्तक, अवध में अंग्रेजी हुकूमत की करती खिलाफत
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     04-08-2022 06:26 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id