हम अक्सर फिल्मों में हम देखते हैं की जब एक गुंडा किसी लड़की को छेड़ने के लिए भागता है तो वह लड़की अपने बसते से एक प्रकार का स्प्रे निकाल कर उस गुंडे की आँख में मार देती है और वह गुंडा वहीँ चित्त हो जाता है, उस स्प्रे को हम ब्लैक पेपर स्प्रे के नाम से जानते हैं। काली मिर्च स्प्रे एक प्रकार का रासायनिक यौगिक है जो की आँखों में जलन, दर्द और अस्थाई अंधापन का कारण बनता है।
इस स्प्रे का प्रयोग पुलिस, दंगा नियंत्रण, भीड़ नियंत्रण और आत्मरक्षा के लिए प्रयोग में लाया जाता है। कई देशों का कानून इस स्प्रे का प्रयोग आम महिलाओं को करने के लिए अनुमति देता है इसका कारण है महिलाओं की आत्मरक्षा। यह स्प्रे जलन के साथ साथ फेफड़ों में अस्थाई परेशानी, आँखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ देने का कार्य करता है। यह स्प्रे कम घातक सिद्ध होता है और इसके प्रयोग से मरने के बहुत ही कम अवसर होते हैं। इस स्प्रे में कैप्साइसिन नामक संघटक होता है जो की शिमलामिर्च या लाल मिर्च के फल से निकलने वाला रसायन है।
कप्साइसिन नामक संघटन को निकालने के लिए एथेनोल नामक कार्बनिक विलायकों का प्रयोग किया जाता है। कानून के अनुसार तयं किये गए मापक को यदि देखें तो 1.3% से लेकर 2% तक के संघटन वाले स्प्रे को प्रयोग में लाया जाना चाहिए। सी आर सी का भी माप ठीक तरीके से यदि देखा जाए तो इसे 2 प्रतिशत से ज्यादा का नहीं होना चाहिए। सी आर सी एक दर्द पैदा करने वाला घटक है तथा यह दर्द भी देने का कार्य करता है। इस स्प्रे में ओ सी की भी मात्रा का भी ध्यान रखना पड़ता है एक ओ सी वह घटक है जो की यह निर्धारित करता है की आखिर दिए गए स्प्रे में कितना फीसद तेल है। स्प्रे का त्वरित असर कभी भी 20 से 90 मिनट तक बरकरार रहता है लेकिन इसका अन्य प्रभाव जैसे की आँखों में जलन और लालिमा पूरी 24 घंटे तक रह सकती है।
एक शोध से यह पता चला है की इसका कोई भी हानिकारक प्रभाव आँखों पर नहीं पड़ता लेकिन बार बार इसके प्रभाव में आने से आँख की कार्निया की संवेदनशीलता लम्बी समय तक परिवर्तित हो सकती है। अस्थमा के रोगी या अन्य किसी प्रकार की दवाओं का सेवन करने वाले लोगों के लिए यह मृत्यु का दावत दे सकती है। अमेरिका में 1995-90 के दशक में पुलिस द्वारा इस स्प्रे के प्रयोग से जुडी करीब 61 मौतों का विवरण प्रस्तुत होता है।
जैसा की पेपर स्प्रे दुनिया के कई देशों में प्रतिबंधित है परन्तु यह भारत में प्रतिबंधित नहीं है। देश में हो रही कई बलात्कार आदि की घटनाओं ने सुरक्षा के मद्देनजर रखते हुए इसकी बिक्री में काफी इजाफा हुआ है। इस स्प्रे को बेचने या खरीदने के लिए किसी प्रकार की लाइसेंस की आवश्यकता नहीं होती है हांलाकि इसको बनाने के लिए लाइसेंस जरूर लेना पड़ता है। इसकी एक बोतल 150 रूपए से लेकर 1000 रूपए तक आती है। भारत में मेट्रो में इसे ले जाने की मनाही है, अतः कुछ स्थानों को छोड़कर स्वछन्द रूप से यह स्प्रे लेकर विचरण किया जा सकता है।
सन्दर्भ:
1. https://en.wikipedia.org/wiki/Pepper_spray
2. https://bit.ly/33XtEvE
3. https://bit.ly/2NU9VYa
4. https://bit.ly/35bg0Fh
चित्र सन्दर्भ:
1. https://pixabay.com/pt/photos/%C3%A1gua-p%C3%A1prica-produtos-hort%C3%ADcolas-2943518/
2. https://bit.ly/35bg0Fh
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