क्या रहा समयसीमा के अनुसार, अब तक प्रारंग और जौनपुर का सफर

जौनपुर

 14-07-2020 07:15 PM
शुरुआतः 4 अरब ईसापूर्व से 0.2 करोड ईसापूर्व तक

प्रारंग शहर की स्थानीय भाषा में विभिन्न शहरों/स्थानों की संस्कृति और प्रकृति पर हर रोज उपयोगी अंतर्दृष्टि प्रदान करके इसे संतुलित करने की सुविधा प्रदान करता है। संस्कृति की 3 मुख्य श्रेणियां हैं और प्रकृति की 3 मुख्य श्रेणियां हैं:

संस्कृति

1. समयसीमा : इस बिंदु में पृथ्वी की शुरुआत से लेकर अब तक का सफर रखा जाता है। इस भाग में आपको अतीत से लेकर अब तक के समयकाल के बारे में बहुत से नये तथ्यों का पता चलेगा।

2. मानव व उनकी इन्द्रियाँ : संस्कृति के इस भाग में आपको मानव और उनकी इन्द्रियों के विषय के बारे में जानकरी प्राप्त होगी। यह भाग मानव और उसकी इन्द्रियों के विषय के ऊपर रौशनी ड़ालता है।

3. मानव व उसके अविष्कार : इस भाग में हम मानव और उसके द्वारा किये गये अविष्कारों के विषय के जानकारी प्राप्त करते हैं।

प्रकृति

1. भूगोल : प्रकृति के इस बिंदु में हम अपने शहर और विश्व के भूगोल के बारे में प्राप्त जानकारियों को संदर्भित करते हैं। यह भाग पृथ्वी पर मौजूद स्थानों की प्राकृतिक विषेशताओं पर रौशनी ड़ालता है जैसे नदियाँ, समुद्र, जंगल इत्यादि।

2. जीव–जन्तु : जीव-जन्तु प्रकृति का एक अहम हिस्सा होते हैं। प्रारंग के प्रकृति खण्ड के इस भाग में जानिए अपने शहर और विश्व भर में पाये जाने वाले जीव-जन्तुओं से जुडी रोचक जानकारी का वर्णन।

3. वनस्पति : पेड़-पौधों अथवा वनस्पति लोक का अर्थ, किसी क्षेत्र का वनस्पति जीवन या भूमि पर मौजूद पेड़-पौधे और इसका संबंध किसी विशिष्ट जाति, जीवन के रूप, रचना, स्थानिक प्रसार या अन्य वानस्पतिक या भौगोलिक गुणों से है।


क्या रहा समयसीमा के अनुसार, अब तक प्रारंग और जौनपुर का सफर


1. शुरुआत : 4 अरब ईसापूर्व से 0.2 करोड़ ईसापूर्व

ब्रह्मांड का सबसे बड़ा रहस्य है इसकी उत्पत्ति

लिंक - https://prarang.in/jaunpur/posts/3815/The-biggest-secret-of-the-universe-is-its-origin


2. जन : 40000 ईसापूर्व से 10000 ईसापूर्व

क्या जौनपुर में मौजूद थे आदिमानव?

लिंक - https://prarang.in/jaunpur/posts/1350/postname


3. सभ्यता : 10000 ईसापूर्व से 2000 ईसापूर्व

जौनपुर का नजदीकी कोल्डिहवा, उत्तर प्रदेश में एक पुरातात्विक स्थल

लिंक - https://prarang.in/jaunpur/posts/3404/Koldihwa-is-an-archaeological-site-in-Uttar-Pradesh-nearby-Jaunpur


4. ठहराव : 2000 ईसापूर्व से 600 ईसापूर्व

जौनपुर की 3000 साल पुरानी सभ्यता

लिंक - https://prarang.in/jaunpur/posts/853/postname


5. धर्म का उदय : 600 ईसापूर्व से 300 ईस्वी

आज भी विवादास्पद है, भगवान बुद्ध की गृहस्थ भूमि कपिलवस्तु

लिंक - https://prarang.in/jaunpur/posts/2906/Even-today-controversial-is-the-household-land-of-Lord-Buddha-Kapilavastu


6. छोटे राज्य : 300 ईस्वी से 1000 ईस्वी

इंडोनेशिया में भारतीय शैली के बने मंदिर और जौनपुर

लिंक - https://prarang.in/jaunpur/posts/194/Indian-style-temples-in-Indonesia-and-Jaunpur


7. मघ्यकाल के पहले : 1000 ईस्वी से 1450 ईस्वी

जाने सल्तनत काल में किस प्रकार संगठित की जाती थी जौनपुर सरकार

लिंक - https://prarang.in/jaunpur/posts/2726/How-was-the-Jaunpur-Government-organized-during-the-Sultanate-period


8. मध्यकाल : 1450 ईस्वी से 1780 ईस्वी

जौनपुर में भी हुआ था सत्ता के लिए लोदी राजवंश में संघर्ष

लिंक - https://prarang.in/jaunpur/posts/3362/The-struggle-for-power-in-the-Lodi-dynasty-also-took-place-in-Jaunpur


9. उपनिवेश व विश्वयुद्ध: 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी

आज़ादी की लड़ाई में जौनपुर के वीरों का बलिदान

लिंक - https://prarang.in/jaunpur/posts/2033/contribution-of-jaunpur-in-the-freedom-struggle


10. 1. आधुनिक राज्य : सन 1947 से वर्तमान

क्या हैं, वर्तमान में भारतीय सेना की रक्षा क्षमताएं?

लिंक - https://prarang.in/jaunpur/posts/3875/What-are-the-current-defense-capabilities-of-the-Indian-Army


हमें उम्मीद है कि आपको यह सब पढ़कर मज़ा आया होगा। प्रारंग द्वारा आपके शहर में अब तक संस्कृति से जुड़े 1000 से भी अधिक लेख प्रकाशित किये जा चुके हैं। इन लेखों और अपने शहर से जुडी रोचक जानकारियों के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।

https://prarang.in/jaunpur/#


RECENT POST

  • मुगलकालीन प्रसिद्ध व्‍यंजन जर्दा
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     20-10-2020 08:47 AM


  • नौ रात्रियों का पर्व
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     19-10-2020 07:21 AM


  • कोविड-19 से लड़ रहे रोगियों के लिए आशा का स्रोत बना है, गीत ‘येरूशलेमा’
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

     18-10-2020 10:10 AM


  • भारत में मिट्टी के स्वस्थ्य के प्रशिक्षण में नहीं बना कोविड-19 रुकावट
    भूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)

     16-10-2020 10:22 PM


  • मनुष्य के अच्छे दोस्त- फायदेमंद कीट
    तितलियाँ व कीड़े

     16-10-2020 05:44 AM


  • महामारी प्रसार का मुख्य कारण माने जाने वाले चूहे, टीके के विकास में अब बन गए हैं
    स्तनधारी

     14-10-2020 04:15 PM


  • क्या है आल्हा रामायण का इतिहास और क्यूँ है वो इतनी ख़ास?
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     13-10-2020 03:03 PM


  • विकास या पतन की और ले जाती सड़कें
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     12-10-2020 03:10 PM


  • रोजगार उत्पन्न करने में सहायक है, जौनपुर निर्मित दरियों का निर्यात
    घर- आन्तरिक साज सज्जा, कुर्सियाँ तथा दरियाँ

     12-10-2020 02:04 AM


  • जलवायु परिवर्तन के एक संकेतक के रूप में कार्य करता है, नोक्टिलुका स्किन्टिलन
    कीटाणु,एक कोशीय जीव,क्रोमिस्टा, व शैवाल

     11-10-2020 03:29 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id