ब्रह्मांड का सबसे बड़ा रहस्य है इसकी उत्पत्ति

जौनपुर

 01-01-2020 12:00 PM
शुरुआतः 4 अरब ईसापूर्व से 0.2 करोड ईसापूर्व तक

ब्रह्मांड की उत्पत्ति के संदर्भ में विभिन्न वैज्ञानिकों और विद्वानों द्वारा अनेक सिद्धांत और तर्क दिये गये हैं। किंतु अभी भी इसे एक महान रहस्य माना जाता है जोकि ब्रह्मांड का सबसे बडा रहस्य है। हालांकि ब्रह्मांड में अन्य रहस्य जैसे जीवन की शुरुआत कैसे हुई? चेतना क्या है?नकारात्मक ऊर्जा क्या है? आदि रहस्य भी हैं किंतु इन रहस्यों का मूल ब्रह्मांड की उत्पत्ति को ही माना जाता है।

ब्रह्मांड की उत्पत्ति के संदर्भ में कई वैज्ञानिकों द्वारा कई सिद्धांत दिये गये जिनमें से बिग बैंग (big bang) सिद्धांत का सबसे अधिक समर्थन किया गया। मानक बिग बैंग सिद्धांत के अनुसार ब्रह्मांड का जन्म लगभग 13.7 अरब साल पहले हुआ था। इसकी उत्पत्ति तेजी से विस्तार करने वाले गुब्बारे के समान थी। प्रारंभ में, ब्रह्माण्ड केवल ऊर्जा के द्वारा ही विस्तार करता था। यह ऊर्जा कुछ कणों में परिवर्तित हुई जिससे हाइड्रोजन और हीलियम जैसे हल्के परमाणु इकट्ठे हुए। इस सिद्धांत के अनुसार 13.7 अरब साल पहले ब्रह्मांड सिमटा हुआ था। इसमें हुए एक विस्फोट के कारण इसमें सिमटा हर एक कण फैलता गया जिसके फलस्वरूप ब्रह्मांड की रचना हुई। यह विस्तार आज भी जारी है जिसके चलते ब्रह्मांड आज भी फैल रहा है।

हालांकि ब्रह्मांड की उत्पत्ति के संदर्भ में कई धार्मिक मत भी दिये जाते हैं जिनका अध्ययन धार्मिक ब्रह्माण्ड विज्ञान में किया जाता है। धार्मिक ब्रह्माण्ड विज्ञान, ब्रह्मांड की उत्पत्ति, विकास और सम्भावित भाग्य की व्याख्या धार्मिक दृष्टिकोण के आधार पर करता है। विभिन्न धर्मों की विभिन्न परंपराओं और पौराणिक कथाओं में ब्रह्मांड की उत्पत्ति के लिए यह व्याख्या की गयी है कि यह किस प्रकार से अस्तित्व में आया और इससे जुडी चीजों का महत्व क्यों है? धार्मिक दृष्टिकोण के आधार पर ब्रह्मांड की उत्पत्ति के लिए सात आयाम दिये जाते हैं जोकि अनुष्ठान, अनुभव और भावनात्मक, कथा और पौराणिक, सिद्धांत, नैतिक, सामाजिक और भौतिकता हैं। धार्मिक पौराणिक कथाओं में यह उल्लेखित किया गया है कि ब्रह्मांड की उत्पत्ति किसी देवता या देवताओं के समूह द्वारा किया गया है। धार्मिक ब्रह्माण्ड विज्ञान, खगोल विज्ञान और इसी तरह के क्षेत्रों के अध्ययन के परिणामों से प्राप्त वैज्ञानिक तर्कों और सिद्धांतों से बिल्कुल अलग है। धार्मिक ब्रह्मांड विज्ञान अनुभवात्मक अवलोकन, परिकल्पना के परीक्षण और सिद्धांतों के प्रस्तावों तक सीमित नहीं है। ब्रह्मांड की उत्पत्ति और निर्माण को लेकर हर धर्म में अलग-अलग मत दिये जाते हैं। बौद्ध धर्म के अनुसार ब्रह्मांड का न तो कोई शुरूआती बिंदु है और न ही अंतिम। यह सभी अस्तित्व को शाश्वत मानता है। इसका विश्वास है कि ब्रह्मांड की रचना किसी भगवान द्वारा नहीं की गयी है।

बौद्ध धर्म ब्रह्मांड को हमेशा अविरल और प्रवाहमान मानता है। हिंदू ब्रह्मांड विज्ञान का भी यही मानना है कि सभी चीजों का अस्तित्व चक्रीय है। प्राचीन हिंदू ग्रंथ ब्रह्मांड की उत्पत्ति के लिए कई सिद्धांतों को प्रस्तावित करते हैं और उनकी चर्चा करते हैं। वैकल्पिक सिद्धांत एक ऐसे ब्रह्माण्ड का वर्णन करते हैं जिसे चक्रीय रूप से किसी देवता या देवी द्वारा सृजित और नष्ट किया गया। या फिर इसे किसी भी रचनाकार द्वारा नहीं बनाया गया। इस्लाम धर्म के धार्मिक ब्रह्मांड विज्ञान का मानना है कि ब्रह्मांड की रचना भगवान ने की, जिसमें पृथ्वी का भौतिक वातावरण और मानव शामिल हैं। इसका सर्वोच्च लक्ष्य प्रतीकों की एक पुस्तक के रूप में ब्रह्मांड की कल्पना करना है ताकि आध्यात्मिक उत्थान के लिए ध्यान और चिंतन किया जा सके।

कुरान में ब्रह्मांड की रचना के संदर्भ में निम्नलिखित उद्धरण उल्लेखित किया गया है:
“ब्रह्मांड हमने ताकत के साथ बनाया और वास्तव में, हम इसके विस्तारक हैं।"

संदर्भ:
1.
https://www.livescience.com/1774-greatest-mysteries-universe.html
2. https://en.wikipedia.org/wiki/Religious_cosmology
3. https://en.wikipedia.org/wiki/Religious_interpretations_of_the_Big_Bang_theory



RECENT POST

  • पूरी तरह से मांसाहारी जीव है, टार्सियर
    शारीरिक

     17-10-2021 12:06 PM


  • परमाणु ईंधन के रूप में थोरियम का बढ़ता महत्व और यह यूरेनियम से बेहतर क्यों है
    खनिज

     16-10-2021 05:32 PM


  • भारत-फारसी प्रभाव के एक लोकप्रिय व्यंजन “निहारी” की उत्पत्ति और सांस्‍कृतिक महत्व
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     15-10-2021 05:16 PM


  • दशहरे का संदेश और मैसूर में त्यौहार की रौनक
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     14-10-2021 06:06 PM


  • संपूर्ण धरती में जानवरों और पौधों के आवास विखंडन से प्रभावित हो रही है जैविक विविधता
    निवास स्थान

     13-10-2021 06:00 PM


  • पक्षी जैसे आकार वाले फूलों के कारण विशेष रूप से जाना जाता है ग्रीन बर्ड फ्लावर
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     12-10-2021 05:34 PM


  • ऊर्जा आपूर्ति के एक ही विकल्प पर निर्भर होने से देश व्यापक बिजली संकट के मुहाने पर खड़ा है
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     11-10-2021 02:25 PM


  • पृथ्वी पर नरक की छवि को उजागर करता है,जियोवानी बतिस्ता पिरानेसी का डिजाइन
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     10-10-2021 01:13 AM


  • हर देश की अर्थव्यवस्था को मिलती है क्रेडिट रेटिंग और क्यों है इसका इतना महत्व
    सिद्धान्त I-अवधारणा माप उपकरण (कागज/घड़ी)

     09-10-2021 05:29 PM


  • नरम और गरम कश्मीरी ऊन की है विश्व भर में बढ़ती मांग
    स्पर्शः रचना व कपड़े

     08-10-2021 01:21 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id