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राष्ट्रीय समुद्री दिवस के अवसर पर प्रमुख भारतीय बंदरगाह एवं समुद्री व्यापार का उल्लेख

जौनपुर

 08-04-2022 09:57 AM
समुद्र

भारतीय उपमहाद्वीप के ज्यादातर भागों को समेटते हुए, भारत एक एशियाई देश है जो महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर व्यापार के केंद्र में है। यह पूर्व में बंगाल की खाड़ी (Bay of Bengal), पश्चिम में अरब सागर (Arabian Sea) और दक्षिण में हिंद महासागर (Indian Ocean) जैसे विशालकाय समुद्रों से तीनों तरफ से घिरा हुआ है। इसकी 7,000 किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में विस्तृत तटरेखा है। भारत में 10 प्रमुख प्राथमिक बंदरगाह हैं जो अच्छी तरह से अत्याधुनिक सुविधाओं से भरपूर हैं। भारत में अधिकांश बंदरगाह संपूर्ण रूप से, बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय के तहत सरकारी स्वामित्व वाले हैं। जिनमें कभी कभी व्यक्तिगत टर्मिनल और सुविधाओं को निजी संगठनों द्वारा संचालित किया जा सकता है। भारत में टर्मिनलों का एक बड़ा हिस्सा डीपी वर्ल्ड (DP World), एपी मोलर टर्मिनल (AP Moller Terminals) और पीएसए इंटरनेशनल (PSA International) जैसी कंपनियों द्वारा संचालित किया जाता है। कुछ निजी बंदरगाहों का स्वामित्व रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) और अदानी समूह (Adani Group) के पास है। यह बंदरगाह हिंद महासागर पर स्थित हैं, इसलिए ये बंदरगाह मध्य पूर्व, यूरोप (Europe) और अफ्रीका (Africa) से पश्चिम में आने वाले जहाजों की सेवा करते हैं।पूर्व से मुख्य जहाज दक्षिण पूर्व एशिया (Asia), जापान (Japan), दक्षिण कोरिया (South Korea) और ऑस्ट्रेलिया (Australia) से रवाना होते हैं। ईरान (Iran) और मध्य पूर्व से आने वाले व्यापार का एक मुख्य पदार्थ तेल है। इसी के साथ कृषि उत्पाद, उर्वरक, प्राकृतिक अयस्क और खनिज, ऑटोमोबाइल, कपड़ा और खाद्य पदार्थ भी भारतीय बंदरगाहों से गुजरने वाले प्राथमिक सामान हैं।
भारत उपमहाद्वीप के पश्चिमी तट पर सबसे महत्वपूर्ण बंदरगाह जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (Jawaharlal Nehru Port Trust, JNPT) को माना जाता है। यह भारत में सबसे बड़ा कंटेनर बंदरगाह है, जिसे न्हावा शेवा (Nhava Sheva) के रूप में भी जाना जाता है। इसे 1989 में खोला गया था। यह भारत से गुजरने वाले समुद्री व्यापार के लगभग 55% भाग का निर्यात करता है। न्हावा शेवा के माध्यम से प्रमुख रूप से कपड़ा, मशीनरी, मांस, रसायन और फार्मा उत्पादों आदि का निर्यात किया जाता है तथा यहाँ से प्लास्टिक, मशीनरी, खाद्य तेल, एल्युमीनियम और अलौह धातुओं का आयात किया जाता है। जेएनपीटी (JNPT) को दुनिया के शीर्ष कंटेनर बंदरगाहों में 28वां स्थान प्राप्त है। न्हावा शेवा इंटरनेशनल कंटेनर टर्मिनल (Nhava Sheva International Container Terminal, NSICT) डीपी वर्ल्ड (DP World) द्वारा संचालित किया जाता है और यह भारत में पहला निजी तौर पर प्रबंधित टर्मिनल था। भारत में सबसे बड़े निजी बंदरगाह के रूप में, मुंद्रा बंदरगाह (Port of Mundra), कंटेनरों और थोक माल के लिए एक प्रमुख केंद्र है। इसका परिचालन 2001 में शुरू किया गया था। यह अदानी पोर्ट्स और सेज लिमिटेड (Adani Ports and SEZ Limited, APASEZ) द्वारा संचालित होता है। मुंद्रा बंदरगाह कोल टर्मिनल (Mundra Port Coal Terminal, MPCT) दुनिया का सबसे बड़ा कोयला आयात टर्मिनल है और एक वर्ष में 40 मिलियन टन से अधिक कोयले का व्यापार कर सकता है। यहां से गुजरने वाले प्रमुख निर्यात में उर्वरक, कृषि उत्पाद, तरल थोक, कच्चा तेल, रसायन, खाद्य तेल, कोयला, ऑटोमोबाइल और खनिज शामिल हैं।
चेन्नई बंदरगाह (Port of Chennai) बंगाल की खाड़ी की तटरेखा पर स्थित सबसे बड़ा बंदरगाह है और भारत में कंटेनर मार्ग के मामले में जेएनपीटी (JNPT) के बाद दूसरे स्थान पर है। इसका परिचालन 1881 से शुरू हुआ था। इस बंदरगाह को "दक्षिण भारत के प्रवेश द्वार" के रूप में जाना जाता है। यह पूर्ण रूप से चेन्नई पोर्ट ट्रस्ट (Chennai Port Trust) द्वारा संचालित किया जाता है। एक कृत्रिम बंदरगाह के रूप में, चेन्नई बंदरगाह लगभग 4 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। यहां के माध्यम से मुख्यतः ऑटोमोबाइल, मोटरसाइकिल, सामान्य औद्योगिक कार्गो, लौह अयस्क, ग्रेनाइट, कोयला, उर्वरक, पेट्रोलियम उत्पाद और कृषि उत्पादों का व्यापार किया जाता है, तथा यहां के प्रमुख निर्यातों में लोहा, चमड़ा, कपास, वस्त्र और ऑटोमोबाइल तथा प्रमुख आयातों में गेहूं, कच्चा कपास, मशीनरी, लोहा और इस्पात आदि सम्मिलित हैं। इस बंदरगाह के भीतर भारत की पहली क्रूज टर्मिनल भी स्थित है। कोलकाता बंदरगाह (Port of Kolkata – Syama Prasad Mookerjee Port Trust, KOPT), भारत में सबसे बड़े नदी बंदरगाहों में से एक है जो 200 किलोमीटर अंतर्देशीय क्षेत्रफल में स्थित है। यह एक समरूप मीठे पानी का बंदरगाह है जो हुगली (Hooghly) नदी पर स्थित है। यह संचालन में सबसे पुराना बंदरगाह है। यह बंदरगाह अधिकांशतः उत्तरी और पूर्वी भारत के साथ साथ पड़ोसी देशों जैसे नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और तिब्बत को भी सेवाएं प्रदान करता है। यह 16 वींशताब्दी की शुरुआत से उपयोग में है और उत्तर-पूर्वी राज्यों में व्यापार करने की एक अहम भूमिका निभाता है।
बंदरगाह को कोलकाता डॉक सिस्टम (Kolkata Dock System, KDS) और हल्दिया डॉक कॉम्प्लेक्स (Haldia Dock Complex, HDC) में विभाजित किया गया है। केडीएस (KDS) बाएं किनारे पर स्थित है और गैस्पर और सागर पायलटेज स्टेशनों (Gasper and Saugor pilotage station) द्वारा संचालित है। एचडीसी (HDC) पाइलटेज स्टेशनों से 60 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। वी.ओ. चिदंबरनार पोर्ट (V. O. Chidambaranar Port, VOCP) भारत में एक प्रमुख बंदरगाह है जो मुख्य भूमि के दक्षिण में स्थित है। इसे तूतीकोरिन बंदरगाह (Tuticorin Port) के रूप में भी जाना जाता है। इसे लगभग 8 वर्ग किलोमीटर में फैले एक मध्यम कृत्रिम बंदरगाह के रूप में भी वर्गीकृत किया गया है। यह भारत में चौथा एवं तमिलनाडु राज्य में दूसरा सबसे बड़ा कंटेनर टर्मिनल है। इसे वीओसीपी ट्रस्ट (V. O. Chidambaranar Port Trust) द्वारा संचालित किया जाता है। यह बंदरगाह चीन, यूरोप, श्रीलंका, भूमध्यसागरीय और संयुक्त राज्य अमेरिका से आए समुद्री जहाजों की सेवा करता है। इस बंदरगाह से मुख्य रूप से औद्योगिक कच्चा माल और कृषि उत्पादों का व्यापार किया जाता है। इस बंदरगाह के प्राथमिक आयातों में कोयला, सीमेंट, उर्वरक, फॉस्फेट (Phosphate), पेट्रोलियम (Petroleum), कोक (Coke) और खाद्य तेल शामिल हैं तथा मुख्य निर्यातों में सामान्य माल, कच्चे अयस्क और खनिज, निर्माण सामग्री, चीनी, तरल माल, चीनी, ग्रेनाइट (Granite) और लिमोनाइट (Limonite) शामिल हैं। यह बंदरगाह मन्नार की खाड़ी (Gulf of Mannar) में कोरोमंडल तट (Coromandel Coast) के निकट स्थित है जिस कारण यह बंदरगाह प्राकृतिक रूप से आश्रय है।
कांडला बंदरगाह (Port of Kandla) कच्छ की खाड़ी (Gulf of Kutch) पर गांधीधाम (Gandhidham) के पास स्थित है। यह भारत का एक प्रमुख बंदरगाह है और पाकिस्तान में कराची बंदरगाह (Port of Karachi) के करीब स्थित है। यह दीनदयाल पोर्ट ट्रस्ट (Deendayal Port Trust) के तहत प्रबंधित है एवं वर्तमान में मौजूदा सुविधाओं में सुधार के लिए विस्तार कर रहा है। इस बंदरगाह से प्रमुख निर्यातों में नमक, कपड़ा, अनाज और तेल शामिल हैं तथा प्रमुख आयातों में पेट्रोलियम, रसायन, लोहा, इस्पात और मशीनरी शामिल हैं। मुंबई बंदरगाह (Port of Mumbai) भारत में एक प्रमुख बंदरगाह है। 17वीं शताब्दी के अंत में अंग्रेजों द्वारा खोला गया यह बंदरगाह अरब सागर पर स्थित है, जिसे बॉम्बे पोर्ट ट्रस्ट (Bombay Port Trust) के रूप में भी जाना जाता है। यह एक प्राकृतिक गहरे पानी का बंदरगाह है। 400 वर्ग किलोमीटर में फैले हुए इस बंदरगाह को मुंबई पोर्ट ट्रस्ट (Bombay Port Trust, MBPT) द्वारा संचालित किया जाता है। एमबीपीटी (MBPT) मुख्य रूप से थोक और सामान्य माल के व्यापार को संभालता है, जबकि पड़ोसी न्हावा शेवा बंदरगाह (Nvaha Sheva) कंटेनर यातायात के कार्य को संभालता है। न्हावा शेवा का निर्माण शुरू में मुंबई पोर्ट से यातायात को आसान बनाने के लिए किया गया था लेकिन धीरे-धीरे न्हावा शेवा बंदरगाह, मुंबई बंदरगाह से आगे निकल गया। भारत में एक प्रमुख बंदरगाह के रूप में, विशाखापत्तनम बंदरगाह (Port of Vishakhapatnam) आंध्र प्रदेश का सबसे बड़ा बंदरगाह है। यह माल की मात्रा के मामले में तीसरे स्थान पर है। यह बंदरगाह मुख्य रूप से मध्य और दक्षिण भारत के भीतरी इलाकों की सेवा करता है। यहां के मुख्य सामानों में लौह अयस्क (Iron Ore), मैंगनीज नोड्यूल (Manganese Nodules), स्टील उत्पाद, सामान्य माल, कोयला, कच्चा तेल और पेट्रोलियम शामिल हैं। कोचीन बंदरगाह (Port of Cochin) भारत के सबसे बड़े बंदरगाहों में से एक है, जो अरब सागर के तट पर स्थित है और हिंद महासागर मार्ग पर जहाजों से यातायात का अनुभव करता है। यह बंदरगाह स्वयं दो पड़ोसी द्वीपों, विलिंगडन (Willingdon) और वल्लारपदम (Vallarpadam) पर बनाया गया है। इस बंदरगाह को 1928 में चालू किया गया था तथा यह कोचीन पोर्ट ट्रस्ट (Cochin Port Trust, COPT) द्वारा प्रबंधित किया गया है।
अदानी हजीरा बंदरगाह (Port of Hazira) भारत के पश्चिमी तट पर सूरत (Soorat) शहर के करीब एक महत्वपूर्ण एलएनजी (LNG) और पेट्रोलियम बंदरगाह है। इसे सूरत बंदरगाह के रूप में भी जाना जाता है। इस बंदरगाह को अदानी हजीरा पोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (Adani Hazira Port Private Limited, AHPPL) द्वारा प्रबंधित और संचालित किया जाता है। यह बंदरगाह थोक, थोक तरल पदार्थ, रसायन, पेट्रोलियम, खाद्य तेल, कंटेनर, ऑटोमोबाइल और कच्चे तेल सहित माल को संभालने के लिए बनाया गया है। यह बंदरगाह दिल्ली मुंबई औद्योगिक क्षेत्र (Delhi Mumbai Industrial Zone) के करीब स्थित है और मुंबई और न्हावा शेवा बंदरगाहों के भी करीब स्थित है।

संदर्भ:
https://bit.ly/3NOKe8a
https://bit.ly/3NPH4B9
https://bit.ly/37d9TGV

चित्र संदर्भ
1. बंदरगाह और नक़्शे को दर्शाता एक चित्रण (Pixabay)
2. अडाणी मुंद्रा पोर्ट को दर्शाता एक चित्रण (wikimedia)
3. चेन्नई बंदरगाह (Port of Chennai) को दर्शाता एक चित्रण (wikimedia) 4. कोलकाता बंदरगाह (Port of Kolkata को दर्शाता एक चित्रण (wikimedia)
5. तूतीकोरिन बंदरगाह (Tuticorin Port) को दर्शाता एक चित्रण (wikimedia)
6. मुंबई बंदरगाह (Port of Mumbai) को दर्शाता एक चित्रण (wikimedia)
7. कोचीन बंदरगाह (Port of Cochin) को दर्शाता एक चित्रण (wikimedia)



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