रामपुर का बाज़ार और ग्राहकों की सुविधा

रामपुर

 15-02-2018 09:51 AM
नगरीकरण- शहर व शक्ति

भारत में शहरों की स्थापना अध्ययन का विषय है। पुराकाल से अब तक लोगों के बसाव के लिए नगर नियोजन शहर स्थापना का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। अगर हम आज तक के कुछ महत्वपूर्ण शहर लें और उनके नगर नियोजन का ढांचा देखें तो ये बात सामने आती है की एक मध्य महत्वपूर्ण इमारत जैसे गढ़, किल्ले आदि को घेरेके अथवा समीप बाकी लोगों को एवं अतिरिक्त आवश्यक इमारतों को बनाया जाता है। मोहोंजोदारो से लेकर बनारस, अलाहाबाद, लखनऊ आदि महत्वपूर्ण शहर ऐसे ही स्थापित हुए हैं। कोई भी शहर जब स्थापित होता है तो उसके नागरिकों के दैनंदिन जीवन के लिए, जरुरी चीज़ों के लिए साथ में बाज़ार भी बनाए जाते हैं। सभी शहर और उनके बाज़ार जैसे दिल्ली का मीना बाज़ार, इम्फाल का इमा बाज़ार, कोलकाता का न्यू मार्केट आदि ऐसे ही बनाए गएँ हैं। रामपुर शहर में भी रामपुर किले के समीप बाज़ार आदि महत्वपूर्ण स्थान हैं। रामपुर बाज़ार में आज भी नयी दुकानों के साथ बहुतसी पुश्तैनी दुकाने हैं। इस बाज़ार में खाने की चीजें जैसे फल, अनाज, सब्जियां तथा फूल, मिठाई, जेवर, कपड़े, रामपुरी चाकू, हार्डवेयर, इलेक्ट्रोनिक्स आदि सभी उपलब्ध हैं। शहर जैसे बढ़ता है तथा प्रगति की तरफ निकलता है तो उस वक़्त होने वाले बदलावों का सबसे पहला प्रभाव बाजारों पर होता दिखता है। पहनावे में बदलाव, नए फ़ोन, नए प्रकार के बर्तन, अलग किस्म के फल-फूल जो उस जगह पर नहीं बनते या उगते वे हमे बाज़ार में मिलते हैं। बाज़ार पुरानी नीव और आधुनिकता से जुड़े बदलाव का एक प्रतिक मालुम होता है। रामपुर शहर में आते बदलाव का रामपुर का बाज़ार भी एक उदहारण पेश करता है। आधुनिकीकरण के साथ-साथ आने वाले बदलाव जैसे रामपुरी चाकू बनाने में आते बदलाव का, रामपुर के कलाकारी में आते बदलाव का, खेती से नौकरी की तरफ खींचे चले जाने वाले पीढ़ी का रामपुर बाज़ार एक प्रतिक है। किसी भी शहर की अर्थव्यवस्था के बारे में हमे उस जगह के बाज़ार से पता चल सकता है। रामपुर के बाज़ार जैसे बाज़ार दिन-ब-दिन जनाकिर्ण होते जा रहें हैं। सरकार की तरफ से नज़रंदाज़ किये जाने वाले कामों की वजह से जैसे साफ़ सफाई और यहाँ के संकुचित रास्तों को बढ़ाना आदि से यहाँ पर ग्राहकों को बहोत परेशानी उठानी पड़ती है। अगर ऐसे बाज़ार योजनापूर्वक पुनर्निर्मित किये जाएँ अथवा उनमे कुछ महत्वपूर्ण बदलाब लायें जाएँ जैसे साफ़ सफाई रखना, बाज़ार से निकालते यातायात को दुसरे रास्तें से मोड़ना आदि तो पुराने व्यवसाओं के साथ नए व्यवसाओं को बढ़ावा मिल सकता है और साथ ही ग्राहकों को खरीददारी में सुविधा भी। प्रस्तुत चित्र रामपुर बाज़ार का है।



RECENT POST

  • फ़ूड ट्रक देते हैं बड़े प्रतिष्ठानों की उच्च कीमतों की बजाय कम कीमत में उच्‍च गुणवत्‍ता का भोजन
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     26-05-2022 08:24 AM


  • रामपुर से प्रेरित होकर देशभर में जल संरक्षण हेतु निर्मित किये जायेगे हजारों अमृत सरोवर
    नदियाँ

     25-05-2022 08:08 AM


  • 102 मिलियन वर्ष प्राचीन, अफ्रीकी डिप्टरोकार्प्स वृक्ष की भारत से दक्षिण पूर्व एशिया यात्रा, चुनौतियां, संरक्षण
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     24-05-2022 07:33 AM


  • भारत में कोयले की कमी और यह भारत में विभिन्न उद्योगों को कैसे प्रभावित कर रहा है?
    खनिज

     23-05-2022 08:42 AM


  • प्रति घंटे 72 किलोमीटर तक दौड़ सकते हैं, भूरे खरगोश
    व्यवहारिक

     22-05-2022 03:30 PM


  • अध्यात्म और गणित एक ही सिक्के के दो पहलू हैं
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     21-05-2022 11:15 AM


  • भारत में प्रचिलित ऐतिहासिक व् स्वदेशी जैविक खेती प्रणालियों के प्रकार
    भूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)

     20-05-2022 09:59 AM


  • भारत के कई राज्यों में बस अब रह गई ऊर्जा की मामूली कमी, अक्षय ऊर्जा की बढ़ती उपलब्धता से
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     19-05-2022 09:42 AM


  • मिट्टी के बर्तनों से मिलती है, प्राचीन खाद्य पदार्थों की झलक
    म्रिदभाण्ड से काँच व आभूषण

     18-05-2022 08:44 AM


  • काफी हर्षोल्लास के साथ मनाई जाती है संपूर्ण विश्व में बुद्ध पूर्णिमा
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     17-05-2022 09:46 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id