आध्यात्मिक अनुभवों का लिखित प्रमाण है ओमार खय्याम की रुबैयत

रामपुर

 28-07-2021 10:24 AM
विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

मानव इतिहास में ऐसा बहुत कम देखा गया है कि किसी कवि की रचनाये, उसकी मृत्यु के बाद प्रसिद्द हुई हों। परंतु प्रसिद्ध दार्शनिक, गणितज्ञ, खगोलशास्त्री और महान कवि ओमार खय्याम, इतिहास के ऐसे कवियों में शुमार हैं, जिनकी रचनाएँ (रूबैयत) उनकी मृत्यु के कई वर्षों के बाद पश्चिम के देशों में लोकप्रिय हुई।
ओमार खय्याम अपनी कविता और छंदों के संदर्भ में बेहद प्रसिद्ध थे। फिर भी खय्याम अपने जीवनकाल में कवि के रूप में नहीं बल्कि खगोलशास्त्री और गणितज्ञ के रूप में प्रसिद्ध थे। खगोलशास्त्र में कार्य करते हुए ओमार खय्याम ने एक सौर वर्ष की दूरी दशमलव के छः स्थानों तक शुद्ध प्राप्त की। इस आधार पर उन्होंने एक नए कैलेंडर का आविष्कार किया। एक कवि के रूप में उनकी लिखित कविता का सबसे पहला संदर्भ उनकी मृत्यु के 43 साल बाद लिखी गई अल- इस्फ़हानी की जीवनी में मिलता है। उनके द्वारा एक हजार से अधिक 'रुबैयत' या छंद लिखे गए। रुबैयत विशिष्ट प्रकार की कविता अथवा रुबाई के संग्रह को कहा जाता है। यह आमतौर पर ओमार खय्याम की रुबैयत" के नाम से संदर्भित एक पुस्तक होती है, जिसमे चार चौपाइयों या पंक्तियों के श्लोक हैं, जिनके भीतर अक्सर A-A-B-A का तुकबंदी पैटर्न होता है। सन 1859 में पहली बार एडवर्ड फिट्ज़गेराल्ड (Edward Fitzgerald) द्वारा रुबैयत का फारसी भाषा से अंगेज़ी में अनुवाद किया गया, जिसने पश्चिम के देशों में अपार लोकप्रियता हासिल की, और आज यह पंक्तियाँ दुनियाभर की लगभग हर भाषा में अनुवादित कर दी गई हैं।
20वीं शताब्दी के आध्यत्मिक नेता और आत्म-साक्षात्कार फैलोशिप ( Self-Realization Fellowship) के संस्थापक योगी परमहंस योगानंद ने गहरे दार्शनिक अर्थ और आध्यात्मिक जीवन के लिए रुबैयत को "सच्चा शास्त्र" कहा है, जिसमे आत्म-साक्षात्कार के आनंद का वर्णन किया गया है। मुकुंद लाल घोष अर्थात परमहंस योगानंद (जन्म ; 5 जनवरी, 1893 - 7 मार्च, 1952) एक भारतीय हिंदू भिक्षु, योगी और गुरु थे, जिन्होंने अपने संगठन के माध्यम से लाखों लोगों को ध्यान और क्रिया योग की शिक्षाओं से परिचित कराया। अपने अंतिम 32 वर्ष उन्होंने अमेरिका में गुजारे। परमहंस योगानंद बंगाली योग गुरु स्वामी श्री युक्तेश्वर गिरि के होनहार शिष्य थे, जिनको योग की शिक्षा का विस्तार करने, पूर्वी और पश्चिमी धर्मों के बीच एकता स्थापित करने और पश्चिमी भौतिक विकास और भारतीय आध्यात्मिकता के बीच संतुलन का प्रचार करने के लिए पश्चिम के देशों में भेजा गया था। अमेरिकी योग आंदोलन (विशेष रूप से लॉस एंजिल्स (Los Angeles) की योग संस्कृति) में लंबे समय तक उनका गहरा प्रभाव रहा, उन्हें योग विशेषज्ञों द्वारा "पश्चिम में योग के पिता" के रूप में भी माना जाता है।
रुबैयत की व्याख्या ने विक्टोरियन काल (Victorian period) से अंग्रेजी कवियों और लेखकों को प्रेरित करने का काम भी किया है, जिनमें टी.एस. इलियट (T.S. Eliot) और ऑस्कर वाइल्ड (Oscar Wilde) जैसे महान लेखक शामिल हैं। सूफीवाद की अवधारणा में रुबैयत की विभिन्न आध्यात्मिक अवस्थाओं या अनुभवों को अहवाल कहा जाता है। रुबैयत में ओमार खय्याम द्वारा अहवाल के छह रूप वर्णित किये गए हैं। जो की निम्नवत हैं: 1.वाज्द 'परमानंद" Vajd 'Ecstasy '
2. दज़ौक 'स्वाद (Dzouk 'taste')',
3. फाना 'विलुप्त होने वाला' (Fana 'extinction')
4. बाका ''स्थायित्व'' (Baka 'durability)
5. 'इश्क' दिव्य प्रेम' (divine love),
6. सुकर' 'नशा (sukar' 'intoxication')'
ओमार खय्याम इन सभी छह आध्यात्मिक अवस्थाओं से होकर गुजरे हैं, और जो उनकी उनकी रूबैयत के माध्यम से परिलक्षित होती हैं। सूफीवाद को प्रायः कई परिभाषाओं में पिरोया जाता है, जिनमे से कुछ निम्नवत हैं:-
1.हमका, 1952: 77 (Hamka, 1952: 77) के अनुसार ईश्वर तक पहुँचने वाले मार्ग को आसान बनाने के लिए वस्तु और प्रकृति से आध्यात्मिक शुद्धि को सूफीवाद (तस्सौफ) कहा जाता है।
2. सूफी टिप्पणीकार (commentator), अल-कुशायरी सूफी आदर्श का एक सुंदर विवरण देते हैं: उनके अनुसार "सूफीवाद अनुकरणीय व्यवहार को अपनाना और अयोग्य व्यवहार से प्रस्थान है। उनका मानना है की सूफीवाद का अर्थ है कि, ईश्वर अपने भीतर आपको जीवित करने के लिए मृत्यु देता है। सच्चे सूफी के पास धन होता ,है तो वह गरीब महसूस करता है, जब उसके पास शक्ति होती है तो वह विनम्र होता है। जब उसके पास प्रसिद्धि होती है तो वह छिपा रहता है। सूफीवाद का अर्थ है कि आपके पास कुछ भी नहीं है फिर भी आपके पास सबकुछ है। इस प्रकार, यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि ओमार खय्याम एक सूफी कवि हैं और ओमार खय्याम की रुबैयत एक सूफी कविता है।

संदर्भ

https://bit.ly/3rBxcQS
https://bit.ly/3x7cyJA
https://bit.ly/3iSmfpV
https://bit.ly/3BIIGGV
https://bit.ly/3iKsz2S

चित्र संदर्भ
1. उमर खय्याम की रुबैयत: ई ए कॉक्स द्वारा सचित्र एक चित्रण (flickr)
2. उमर खय्याम c1920 के रुबैयत का शीर्षक पृष्ठ का एक चित्रण (flickr)
3. उमर खय्याम का एक चित्रण (wikimedia)



RECENT POST

  • मनोरंजन और कला के संयोजन से बना है प्राचीन ताश का खेल गंजीफा
    हथियार व खिलौने

     27-09-2021 12:04 PM


  • हर कल्पनीय समुद्री आवास के लिए खुद को अनुकूलित करने में सक्षम हैं, पॉलीचेट्स
    कीटाणु,एक कोशीय जीव,क्रोमिस्टा, व शैवाल

     26-09-2021 12:08 PM


  • टीकाकरण का डिजिटलीकरण जहां शहरों के लिए है सुविधा वहीं ग्रामीणों के लिए बना अजाब
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     25-09-2021 10:02 AM


  • जल्द ही मलेरिया भी बीते दिनों की बात होगी
    कीटाणु,एक कोशीय जीव,क्रोमिस्टा, व शैवाल

     24-09-2021 09:24 AM


  • भारत में कैंसर के बढ़ते रोगी भौगोलिक क्षेत्रों में कैंसर का स्वरूप भिन्न होता है
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     23-09-2021 11:04 AM


  • समुद्री सुपरस्टार है तारामछली
    मछलियाँ व उभयचर

     22-09-2021 08:59 AM


  • बंगाल स्कूल ऑफ आर्ट के प्रसंग से समझिये आज़ादी में कला के योगदान को
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     21-09-2021 09:40 AM


  • धतूरे की उत्‍पत्ति व शिव पूजा में इसका महत्व
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     20-09-2021 09:24 AM


  • बुशफायर और ग्रासफायर के लिए उत्तरदायी हैं, मानव गतिविधियां और प्राकृतिक कारक
    जंगल

     19-09-2021 12:26 PM


  • कोसी नदी पर बने प्राचीन वियर व् बांधों से हुई रामपुर ज़िले की भूमि अति उपजाऊ
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     18-09-2021 10:15 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id