Post Viewership from Post Date to 01-Feb-2021 (5th day)
City Subscribers (FB+App) Website (Direct+Google) Email Instagram Total
2492 1079 0 0 3571

***Scroll down to the bottom of the page for above post viewership metric definitions

मनुष्य और पक्षियों के बीच एक गहरा रिश्ता

रामपुर

 27-01-2021 10:25 AM
पंछीयाँ
पंछी सदैव से ही मानव जीवन से जुड़े हुए हैं। हमें ऐतिहासिक रूप से इसके उदाहरण प्राप्त होते रहे हैं प्राचीन मूर्तियों ही नहीं बल्कि पाषाण कालीन गुफा चित्रों में भी हमें पक्षियों का अंकन बड़े पैमाने पर देखने को मिलता है। अभी हाल ही में कई नई अन्वेषित पुरास्थल हमारे समक्ष आए हैं जिनमें पक्षियों के अवशेष बड़े पैमाने में प्राप्त हुए हैं। फ्रांस (France) के लैसकॉक्स (Lascaux) उपस्थित शैल चित्रों में हमें अर्ध मनुष्य और अर्ध पक्षी के अवशेष भी प्राप्त हुए है। मिस्र (Egypt) के सभ्यता में हमें अर्ध पुरुष और अर्थ पक्षी के अवशेष बड़े पैमाने पर मिले हैं। भारत में भी अर्ध पक्षी और अर्ध मनुष्यों का अंकन बड़े पैमाने पर हुआ है। इन सभी बिंदुओं को देखने से एक बात तो सिद्ध होती है की मनुष्य और पक्षियों के बीच एक गहरा रिश्ता ऐतिहासिक रूप से था। पक्षियों को मात्र पक्षी ही ना समझकर एक दैवीय रूप से भी प्रस्तुत किया गया है। फ्रांस से प्राप्त पक्षी और अर्ध मनुष्य की चित्र करीब 15000 ईसा पूर्व से 5000-10000 ईसा पूर्व तक देखा जा सकता है। पक्षी हमारे परिवेश का एक महत्वपूर्ण अंग है यही कारण है कि हमारे मध्य में इनका एक महत्वपूर्ण योगदान देखा जा सकता है।
विष्णु भगवान से जुड़ा हुआ पक्षी गरुड़ है और हम प्राचीन मंदिरों में गरुड़ के पुरुष एवं पक्षी रूप के समायोजन को तथा मात्र पुरुष रूप को देखते हैं। इस प्रकार के मंदिर संपूर्ण भारत में फैले हुए हैं। भारत में ही गरुड़ का सबसे विशालतम प्रतिमा का भी स्थापना किया गया है जो कि भारतीय समाज में पक्षी के महत्ता को प्रदर्शित करता है। गरुड़ के इस प्रतिमा को जटायु प्रतिमा के नाम से भी जाना जाता है। प्रतिमा केरल राज्य के जटायु पारा नामक पहाड़ी पर स्थित है यह पहाड़ी केरल के कोल्लम (Kollam) जिले में स्थित है। मध्य काल के दौरान जहाँगीर के जहांगीरनामा में कई पक्षियों का लघु चित्रण किया गया है जो कि कला के दृष्टिकोण से अत्यंत ही महत्वपूर्ण है। यही नहीं मुगल काल के दौरान पशुओं के चित्रों में महिलाओं का एवं पुरुषों का संभोग रत चित्रण हमें प्राप्त होता है जो कि कला के पराकाष्ठा को प्रदर्शित करता है इन चित्रों में बाघ के ऊपर कई युगलों का चित्रण तथा ऊंट के ऊपर भी इसी प्रकार का चित्रण हमें देखने को मिलता है।
इनके साथ ही संपूर्ण विश्व में हाल के दिनों में कई चित्रों का ऑक्शन (auction) किया गया जिनमें पक्षियों के चित्र करोड़ों रुपए के वैल्यू (value) के पाए गए। बेबीलोन (Babylon) की सभ्यता के अलावा माया इनका एज़टेक (Aztec), मिस्र, चीन (china) मेसोपोटामिया (Mesopotamia) सिंधु व अनेकों धर्मों में पक्षी एवं पुरुषों के समायोजन को एवं कला के माध्यम से इनके प्रदर्शन को हम भली-भांति देखते आ रहे हैं। यह कला के सभी नमूने हमें प्राचीन सभ्यताओं में हुए तमाम परीक्षणों को प्रदर्शित करने का कार्य करते हैं। पक्षी और मनुष्य एक दूसरे से कला ही नहीं अपितु कई अन्य माध्यमों से जुड़े हुए हैं इन सभी माध्यमों में एक अत्यंत ही महत्वपूर्ण माध्यम है अध्यात्म। पक्षियों को समाज में अध्यात्मिक रूप से जोड़ा गया है और यही कारण है की ईश्वर के साथ ही अनेकों प्रकार के आभासीय जीवों का अंकन किया गया है। भारतीय धर्म ग्रंथों में मात्र विष्णु ही नहीं अपितु चौसठ योगिनी यों में वर्णित कई योगिनी यों को पक्षियों के साथ ही अंकित किया गया है।
संदर्भ

https://web.stanford.edu/group/stanfordbirds/text/essays/Bird_Art.html
https://bit.ly/3qRuO6W
https://bit.ly/37sZyTl
https://www.exoticindiaart.com/article/nature/
चित्र संदर्भ:
मुख्य चित्र में जटायु पृथ्वी केंद्र को दिखाया गया है। (विकिमीडिया)
दूसरी तस्वीर में विष्णु भगवान और गरुड़ को दिखाया गया है। (विकिमीडिया)
तीसरी तस्वीर में रावण को जटायु का वध करते हुए दिखाया गया है। (विकिमीडिया)


***Definitions of the post viewership metrics on top of the page:
A. City Subscribers (FB + App) -This is the Total city-based unique subscribers from the Prarang Hindi FB page and the Prarang App who reached this specific post. Do note that any Prarang subscribers who visited this post from outside (Pin-Code range) the city OR did not login to their Facebook account during this time, are NOT included in this total.
B. Website (Google + Direct) -This is the Total viewership of readers who reached this post directly through their browsers and via Google search.
C. Total Viewership —This is the Sum of all Subscribers(FB+App), Website(Google+Direct), Email and Instagram who reached this Prarang post/page.
D. The Reach (Viewership) on the post is updated either on the 6th day from the day of posting or on the completion ( Day 31 or 32) of One Month from the day of posting. The numbers displayed are indicative of the cumulative count of each metric at the end of 5 DAYS or a FULL MONTH, from the day of Posting to respective hyper-local Prarang subscribers, in the city.

RECENT POST

  • 1994 में मिस वर्ल्ड का खिताब जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला बनीं,ऐश्वर्या राय
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     28-11-2021 01:58 PM


  • भाग्य का अर्थ तथा भाग्य और तक़दीर में अंतर
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     27-11-2021 10:12 AM


  • भारत में भी अनुभव कर सकते हैं आइस स्केटिंग का रोमांच
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     26-11-2021 10:18 AM


  • प्राचीन भारतीय परिधान अथवा वस्त्र
    ठहरावः 2000 ईसापूर्व से 600 ईसापूर्व तक

     25-11-2021 09:42 AM


  • रामपुर के निकट स्थित अहिच्छत्र के ऐतिहासिक स्थल में कला की अभिव्यक्ति व् प्रारंभिक शहरी विकास के प्रमाण
    छोटे राज्य 300 ईस्वी से 1000 ईस्वी तक

     24-11-2021 08:50 AM


  • ब्रीफ़केस का इतिहास तथा ब्रीफ़केस व अटैचकेस में अंतर
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     23-11-2021 11:04 AM


  • रामपुर की महिलाओं का ऐतिहासिक दर्पण है, पुस्तक द बेगम एंड द दास्तान
    सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

     22-11-2021 09:37 AM


  • लास वेगास के सर्वश्रेष्ठ आकर्षणों में से एक है, बेलाजियो फाउंटेन शो
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     21-11-2021 11:10 AM


  • वायु प्रदूषण से निपटने तथा अन्य आवश्यकताओं की पूर्ति में पेड़ों का महत्वपूर्ण योगदान
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     20-11-2021 10:48 AM


  • गुरुपर्ब पर बड़े जश्न के साथ मनाया जाता है नगर कीर्तन
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     19-11-2021 09:24 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id