Post Viewership from Post Date to 25-Jan-2021 (5th day)
City Subscribers (FB+App) Website (Direct+Google) Email Instagram Total
2593 1182 0 0 3775

***Scroll down to the bottom of the page for above post viewership metric definitions

बिटुमेन और सही रखरखाव करने से रखा जा सकता है सड़कों को गड्ढों से मुक्त

रामपुर

 20-01-2021 11:29 AM
य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

निम्न श्रेणी की सामग्रियों का उपयोग और उचित योजना और माप की कमी के कारण शहर की सड़कों का निर्माण उस शहर की स्थिति को ओर अधिक बदतर बना रहा है। भारत में गड्ढों वाली सड़कें लगभग सार्वभौमिक हो गई हैं। वास्तव में, वाहन चालकों के लिए गड्ढों से बचने के लिए वाहन को गलत सिरे में ले जाना आम सा हो गया है, इससे सामने आ रहे वाहन भी घबरा जाते हैं। लोकसभा में, सड़क राज्य मंत्री मनसुख मंडाविया द्वारा बताया गया कि 2017 में अकेले गड्ढों की वजह से दुर्घटनाओं में 3,597 लोग मारे गए थे और 25,000 लोग घायल हुए थे। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आतंकवादी हमलों से अधिक भारतीयों की मौत गड्ढों के कारण हुई है।
वहीं 2017 में सड़क सुरक्षा का बजट 100.4 प्रतिशत बढ़ाकर 5,217 करोड़ रुपये कर दिया गया था। सड़क निर्माण के कार्य और सुरक्षा में इतना पैसा लगाने के बाद, क्या सड़क के कार्य पर इतने पैसे लगाने के बाद उसकी गुणवत्ता में वृद्धि नहीं देखी जानी चाहिए? स्वाभाविक रूप से, इसके लिए एक महत्वपूर्ण कारण बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और सड़कों का नकली सामग्री निर्माण है। हालांकि हर साल सड़कों के लिए महत्वपूर्ण धन जारी किया जाता है, लेकिन कभी-कभी ऐसा लगता है कि कोई भी सड़क देश में छह महीने से अधिक नहीं रह सकती है। ज्यादातर मामलों में, दोषपूर्ण नींव के कारण सड़कें विफल हो जाती हैं। निर्माण की गति के कारण, समुच्चय का उपयोग पर्याप्त मात्रा में या कभी-कभी, पूरी तरह से अनदेखा नहीं किया जाता है। तो ऐसा क्यों होता है? सामान्य धारणा यह है कि समुच्चय और जनशक्ति के लिए आवश्यक धन को कहीं और लगाया जा सकता है। और हालांकि यह निश्चित रूप से हर मामले में साबित नहीं होता है, कई अन्य मामलों में लोगों में यह ज्ञान की सरल कमी को बताया गया है। बिटुमेन (Bitumen) एक नए प्रकार का डामर है जिसने हाल के वर्षों में टार को बदल दिया है।
बिटुमेन की गुणवत्ता भी सड़क के जीवन का विस्तार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। और यह भी मायने रखता है कि इसे कैसे बिछाया गया है। बिटुमेन को हमेशा दोनों तरफ ढलान के साथ रखा जाना चाहिए, ताकि पानी आसानी से जल निकासी तक जा सके। असमान सड़कों के कारण पानी का ठहराव हो सकता है जिससे बिटुमेन का क्षरण हो सकता है। किसी भी अन्य बुनियादी ढांचे की तरह, सड़कों को भी रखरखाव की आवश्यकता होती है। जब डामर पर दरारें दिखाई देती हैं, तो यह बिटुमेन के स्थानीयकृत विफलता के कारण होती है। लेकिन यदि इसे अधिक बिटुमेन से भर दें, तो इसके संघनन के साथ बढ़ता हुआ वजन सड़क को और भी अधिक नुकसान पहुंचा सकता है। वैकल्पिक रूप से, सबसे प्रभावी कार्य बिटुमेन की स्थानीय विघात की पहचान करना और उस हिस्से को हटा कर एक नए और बेहतर बिटुमेन से बदल देना है। ऐसा करने से सड़क लंबे समय तक बनी रहती है और दरारें भी कम पड़ती है। वैश्विक स्तर पर सड़क निर्माण की तकनीकें आदि समय के साथ आधुनिक हो रही हैं अतः भारतीय जलवायु, मृदा परिक्षण, वर्षा आदि के मद्देनज़र सड़क बनाना एक बेहतर विकल्प है। भारत के अधिकतर महामार्ग आज भी संकरे हैं जो कि गति को धीमा तो करते ही हैं पर साथ में ये खतरनाक भी सिद्ध होते हैं। वहीं वीआईपी (VIP) प्रवृत्ति जो कि भारत में मौजूद है, यह भी सड़कों पर दबाव बढ़ाने का कार्य करती है जिसमें सड़कों पर कई स्थानों पर दबाव बढ़ जाता है।
इस वाकिये को समझने के लिए बिल क्लिंटन की आगरा यात्रा पढ़ना आवश्यक है। सड़कों का निर्माण जिस प्रकार से हो रहा है और पुरानी सड़क को यथास्थिति छोड़ उसके ऊपर नयी सड़कें बनाने से पारिस्थितिकी तंत्र पर भी प्रभाव पड़ता है। अब जैसे-जैसे सड़कों का स्तर बढ़ता है वैसे-वैसे उसके आस पास के आवासीय क्षेत्र नीचे होते जा रहे हैं। सड़कों और आवासीय इलाकों को एक समतल करने के लिए मिट्टी का भराव करना पड़ता है जो कि पारिस्थितिकी तंत्र पर खतरा है, कारण कि वास्तविक प्राकृतिक मिट्टी नयी मिट्टी के अन्दर दब जाएगी। प्रत्येक बार जब सड़क बनाई जा रही होती है, तो इसका स्तर कई इंच बढ़ जाता है। पिछले 30-40 वर्षों के दौरान बार-बार सड़क बनाने से शहरों में सड़कों के स्तर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इस प्रकार न्यूनतम रूप से पुराने आवासीय क्षेत्र निचले स्तर पर अधिक से अधिक होते जा रहे हैं।

संदर्भ :-
https://www.thebetterindia.com/152644/pothole-free-roads-safety-india/
https://bit.ly/35SjAHa
https://aceupdate.com/2015/08/19/roads-in-india-a-quality-check/
http://tsunamionroads.org/Download/Chapter/10.pdf
चित्र संदर्भ:
मुख्य तस्वीर सड़क की खराब स्थितियों को दिखाती है। (विकिमीडिया)
दूसरी तस्वीर में फ्लाईओवर के निर्माण को दिखाया गया है। (विकिमीडिया)
तीसरी तस्वीर में सड़क का निर्माण दिखाया गया है। (विकिमीडिया)
आखिरी तस्वीर रेत के निष्कर्षण को दिखाती है। (geograph)


***Definitions of the post viewership metrics on top of the page:
A. City Subscribers (FB + App) -This is the Total city-based unique subscribers from the Prarang Hindi FB page and the Prarang App who reached this specific post. Do note that any Prarang subscribers who visited this post from outside (Pin-Code range) the city OR did not login to their Facebook account during this time, are NOT included in this total.
B. Website (Google + Direct) -This is the Total viewership of readers who reached this post directly through their browsers and via Google search.
C. Total Viewership —This is the Sum of all Subscribers(FB+App), Website(Google+Direct), Email and Instagram who reached this Prarang post/page.
D. The Reach (Viewership) on the post is updated either on the 6th day from the day of posting or on the completion ( Day 31 or 32) of One Month from the day of posting. The numbers displayed are indicative of the cumulative count of each metric at the end of 5 DAYS or a FULL MONTH, from the day of Posting to respective hyper-local Prarang subscribers, in the city.

RECENT POST

  • जीवों के अस्तित्व को बचाए रखने में सहायक हैं, उनके शरीर पर मौजूद धारियां
    शारीरिक

     03-03-2021 10:31 AM


  • कैसे पर्सिस्टेंट हंटिंग (Persistent Hunting) ने मनुष्य के विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई?
    व्यवहारिक

     02-03-2021 10:35 AM


  • विभिन्न प्रकारों में मौजूद है, भारतीय नान
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     01-03-2021 09:56 AM


  • हिन्दू धर्म से प्रभावित हैं, मैडोना के कई गीत
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

     28-02-2021 03:06 AM


  • शिकारी पक्षी की एक लौकप्रिय प्रजाति शिकरा
    पंछीयाँ

     27-02-2021 10:16 AM


  • पौधों के अस्तित्व को बनाए रखने में सहायक है, उनमें होने वाली गति
    व्यवहारिक

     26-02-2021 10:17 AM


  • निकल का रोचक इतिहास, जब उसे भूत से संबंधित धातु माना जाता था
    खनिज

     25-02-2021 10:29 AM


  • कोरोना महामारी का सार्वजनिक परिवहन पर प्रभाव
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     24-02-2021 10:18 AM


  • रामपुर के ऐतिहासिक लेखन में पुरानी यादों की भूमिका
    ध्वनि 2- भाषायें

     23-02-2021 11:46 AM


  • भारत में विद्यालय स्‍तर पर स्‍थानीय भाषाओं की स्थिति
    ध्वनि 2- भाषायें

     22-02-2021 10:11 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id