बैटरी - वर्तमान में उपयोगी इतिहास की एक महत्वपूर्ण खोज

रामपुर

 18-09-2020 04:55 AM
नगरीकरण- शहर व शक्ति

वर्तमान समय में हम अपने चारों ओर छोटी - बड़ी अनेकों मशीनें व उपकरण देखते हैं, जिनका आविष्कार मनुष्य के काम आसान करने व समय की बचत करने के लिए किया गया है। इन मशीनों तथा उपकरणों को चलने के लिए ऊर्जा के स्त्रोत की आवश्यकता होती है, जो निरंतर गति से इन्हें चलने के लिए शक्ति प्रदान करे। वैज्ञानिकों ने इसी समस्या के समाधान स्वरूप बैटरी का अविष्कार किया। आज हम बैटरी के बिना एक दिन की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं। इनवर्टर (Inverter) से लेकर मोबाइल फ़ोन तक सभी बैटरी से चलने वाले उपकरण हमारे जीवन का एक अभिन्न अंग बन चुके हैं। इसकी शुरुआत हुई थी सन 1800 में, जब इटली के एक महान वैज्ञानिक एलेसेंड्रो वोल्टा (Alessandro Volta) ने 20 मार्च के दिन बैटरी के विकास से जुड़ी इस खोज को विश्व के सम्मुख प्रस्तावित किया था। वोल्टा ने तांबे और जिंक की छड़ों को कांच के दो बर्तनों में रख कर उन्हें नमक के पानी से भीगे एक तार से जोड़ कर साबित किया कि इस भौतिक तरीके से बिजली का उत्पादन किया जा सकता है।


डेनियल सेल (Daniell Cell)
रसायन विज्ञान के एक अंग्रेजी प्रोफेसर जॉन फ्रेडरिक डेनियल (John Frederic Daniell) ने सबसे पहले उत्पादित हाइड्रोजन (Hydrogen) का उपभोग करने के लिए एक दूसरे इलेक्ट्रोलाइट (Electrolyte) का उपयोग करके वोल्टायिक ढेर (Voltaic Pile) में हाइड्रोजन के बुलबुले की समस्या को हल करने के एक तरीके की खोज की। 1836 में, उन्होंने डेनियल सेल का आविष्कार किया, जिसमें सल्फेट (Sulfate) के घोल से भरा एक तांबे का बर्तन होता है, जिसमें सल्फ्यूरिक एसिड (Sulfuric Acid) और एक जस्ता इलेक्ट्रोड से भरा एक अनजला मिट्टी के बर्तन या कंटेनर को डुबोया जाता है। मिट्टी के बर्तन का अवरोध छिद्रयुक्त होता है, जो आयनों (Ions) को गुजरने की अनुमति प्रदान करता है, लेकिन मिश्रण को घुलने से रोकता है।

वोल्टाइक सेल की तुलना में अधिक लम्बे समय तक चलने वाली तथा अधिक विश्वसनीय धारा प्रदान करने वाली डेनियल सेल बैटरी सुरक्षित और कम संक्षारक होती है। यह आज के समय में प्रयोग की जाने वाली बैटरियों के विकास के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण खोज साबित हुई। उस समय यह धारा प्रवाह का पहला व्यावहारिक स्रोत माना जाता था। शीघ्र ही, यह बैटरी नए टेलीग्राफ नेटवर्क में प्रयोग होने के बाद एक उपयोगी मानक के रूप में प्रचलित हो गई।


बुन्सेन सेल (Bunsen Cell)

बुन्सेन सेल (Bunsen cell) एक जस्ता-कार्बन प्रारंभिक सेल अथवा बैटरी है, जो नाइट्रिक सल्फ्यूरिक एसिड (Nitric Sulfuric Acid) में जिंक एनोड से बना होता है, जो नाइट्रिक या क्रोमिक एसिड (Chromic Acid) में कार्बन कैथोड से एक छिद्रित बर्तन द्वारा पृथक होता है। यह बैटरी ग्रोव बैटरी से मिलती-जुलती होती है, किन्तु इसका ऋण पत्र (Negative Plate) प्लैटिनम (Platinum) की जगह कार्बन (Carbon) का होता है। यह बैटरी लगातार बिजली की तेज धारा उत्पन्न करने के कारण प्रारंभिक बैटरियों से बेहतर है। यह बहुत कम लागत में तैयार हो जाती है और बड़ी सुगमता के साथ बनाई जा सकती है। इस बैटरी की कमी के बारे में बात करें तो पहली यह कि जब यह काम करती है, उस वक्त इससे जहरीला और जलन पैदा करने वाला धुआँ बहुत बड़ी मात्रा में उत्पन्न होता है। दूसरा यह कि दो प्रकार के तेज़ तेज़ाब इसमें काम में लाए जाते हैं। उनमें से शोरे का तेज़ाब (Nitric Acid) बगैर हल्का किये हुए अपने मूल रूप में (In Undiluted State) में होता है। इनमें से पहले अवगुण से तो प्रायः बैटरी को कमरे के बाहर रख कर बचा जा सकता है, जिससे इससे उत्सर्जित लाल रंग का भारी धुआँ हवा के साथ बहकर दूर चला जाए और किसी भी तरह सांस के साथ मुँह में न जा सके। दूसरे अवगुण से इस तरह बचा जा सकता है कि तेज़ाब और बैटरी को इधर-उधर रखने व छुने-छुआने में बहुत सावधानी रखी जाए।

जिंक-कार्बन सेल (Zinc-carbon Cell) जिंक-कार्बन सेल, जिसे सबसे पहले सूखे सेल के रूप में भी जाना जाता है, का विकास तब से आरम्भ हुआ जब 1812 में बना ज़ाम्बोनी ढेर (Zamboni Pile) एक उच्च-वोल्टेज वाली सूखी बैटरी के रूप में विकसित हुआ, लेकिन इसके साथ समस्या यह थी कि यह केवल कुछ मिनट तक धाराओं को वितरित करने में सक्षम था। कई प्रयोगकर्ताओं ने सेल्युलोज (Cellulose), चूरा, काता कांच, अभ्रक फाइबर, और जिलेटिन (Gelatin) के साथ विभिन्न प्रयोग किए, उसके पश्चात इलेक्ट्रोकेमिकल सेल (Electrochemical Cell) के इलेक्ट्रोलाइट को विसर्जित किया गया ताकि यह उपयोग करने के लिए अधिक सुविधाजनक हो सके।
1886 में, कार्ल गैस्नर (Carl Gassner) ने लेक्लांची सेल (Leclanché cell) के एक संस्करण पर एक जर्मन पेटेंट प्राप्त किया और नवंबर 1887 में, उन्होंने उसी डिवाइस के लिए अमेरिकी पेटेंट 373,064 प्राप्त कर लिया। जिसे ड्राई सेल (Dry Cell) के रूप में जाना जाता है क्योंकि इसमें एक मुक्त तरल इलेक्ट्रोलाइट नहीं है बल्कि, अमोनियम क्लोराइड को पेस्ट बनाने के लिए प्लास्टर ऑफ़ पेरिस (Plaster of Paris) के साथ मिलाया जाता है, जिसमें थोड़ी मात्रा में ज़िंक क्लोराइड भी होता है। मैंगनीज डाइऑक्साइड कैथोड को इस पेस्ट में डुबोया जाता है, और दोनों को एक जस्ता के खोल (आवरण) में सील कर दिया जाता है, जो एनोड के रूप में भी काम करता है।
हर उस क्षेत्र में जहां विज्ञान से जुड़े आविष्कार प्रयोग में लाये जाते हैं, में बैटरी के विभिन्न प्रकार देखे जा सकते हैं। यदि इनका इस्तेमाल सावधानी से किया जाए तो बैटरियां सबसे सुलभ, सुरक्षित और लम्बे समय तक चलने वाला ऊर्जा का एक प्रमुख स्रोत हैं।

सन्दर्भ
https://batteryindustry.tech/a-brief-history-of-the-battery/
https://www.wikiwand.com/en/History_of_the_battery
https://www.wikiwand.com/en/History_of_the_battery
चित्र सन्दर्भ :
मुख्य चित्र में जिंक - कार्बन बैटरी और उससे ऊष्मा प्राप्त करते हुए बल्ब को दिखाया गया है। (Youtube)
दूसरे चित्र में ज़िंक कार्बन बैटरी समूह को दिखाया गया है। (Freepik)
तीसरे चित्र में डेनियल सेल (Daniell cell) को दिखाया गया है। (Wikimedia)
अंतिम चित्र में बुन्सेन सेल (Bunsen cell) को दिखाया गया है। (Wikimedia)



RECENT POST

  • धार्मिक प्रसंगों से शुरू होते हुए, असमिया साहित्य का अन्य विधाओं में विकास
    ध्वनि 2- भाषायें

     10-08-2022 10:01 AM


  • अय्यामे अजा माहे मोहर्रम की शुरूआत से शहर के इमामबाड़ों में मजलिसों, रौशनी, फातेहाख्वानी का सिलसिला
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     09-08-2022 10:23 AM


  • राष्ट्रीय हथकरघा दिवस विशेष: बुनकरों की मेहनत और लगन की झलक स्पष्ट दिखाई देती है हथकरघा वस्त्रों में
    स्पर्शः रचना व कपड़े

     08-08-2022 09:00 AM


  • सुंदर हरे नीले रंग के शैवाल की विशाल आबादी को देखने का एकमात्र तरीका है अंतरिक्ष से
    कीटाणु,एक कोशीय जीव,क्रोमिस्टा, व शैवाल

     07-08-2022 12:27 PM


  • जैन धर्म के गणितीय ग्रन्थ ने दिलायी धार्मिक अन्धविश्वाशो से मुक्ति
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     06-08-2022 10:21 AM


  • अंतर्राष्ट्रीय ट्रैफिक लाइट दिवस: आज भी रामपुर में हाथ से कंट्रोल होता है ट्रैफिक, नहीं है स्वचलित ट्रैफिक सिग्नल
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     05-08-2022 11:19 AM


  • रामपुर के इतिहास से कुछ सुनहरी झलकियां, देखी है क्या आपने ईमारत रोसाविल कॉटेज
    मध्यकाल 1450 ईस्वी से 1780 ईस्वी तक

     04-08-2022 06:20 PM


  • पृथ्वी पर सबसे पुरानी भूवैज्ञानिक विशेषता है अरावली पर्वत श्रृंखला
    पर्वत, चोटी व पठार

     03-08-2022 06:01 PM


  • स्थानीय भाषा के तड़के के बिना फीका है, शिक्षा का स्वाद
    ध्वनि 2- भाषायें

     02-08-2022 08:59 AM


  • खनन को बढ़ावा देना मतलब पर्यावरण पर दुषप्रभाव
    खदान

     01-08-2022 12:07 PM






  • © - , graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id