ओलावृष्टि के कारण होने वाला जान माल का नुकसान

रामपुर

 26-02-2020 12:50 PM
जलवायु व ऋतु

प्रकृति को अत्यंत ही खूबसूरती के रूप में जाना जाता है। यह पूरी पृथ्वी पर कई ऐसे बदलावों को दिखाती है जो कि मनुष्य से लेकर जीव-जंतु, पेड़-पौधों आदि को एक ऐसा माहौल देती है जिसमें वे बढ़ सकें। प्रकृति के विषय में कितने ही लेखकों ने अपनी कलमें घिसी हैं जिसके बारे में हम अक्सर पढ़ते हैं। परन्तु प्रकृति हमेशा खूबसूरत नहीं होती, कभी-कभी यह अत्यंत ही खतरनाक रूप ले लेती है जैसे कि सुनामी, भूकंप, ओलावृष्टि, बाढ़, सूखा आदि। प्रकृति का यह रूप इतना खतरनाक होता है कि यह बड़े पैमाने पर लोगों को, जीवों को प्रभावित करता है। हाल ही में हमने उड़ीसा का हाल देखा जहाँ एक प्राकृतिक आपदा ने कैसे लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित किया। इस लेख में हम जानेंगे ओलावृष्टि के बारे में और मोरादाबाद की ऐतिहासिक ओलावृष्टि के बारे में भी विस्तार से पढेंगे।

ओलावृष्टि में गिरने वाले ओले अत्यंत ही खतरनाक भी हो सकते हैं, कारण कि ये छोटे से लेकर एक किलो तक के वज़न के हो सकते हैं। वज़न के अनुपात में ज्यादा होने के कारण गुरुत्वाकर्षण के नियम से ये ओले अत्यंत तीव्र गति से पृथ्वी पर गिरते हैं जिससे ये जानलेवा भी हो जाते हैं। दुनिया भर में ओलावृष्टि से मौत की कई खबरे हैं जो कि अत्यंत ही गंभीर हैं। भारत के मोरादाबाद शहर की एक घटना ऐसी भी है जिसने पूरे के पूरे विश्व को आश्चर्य में डाल दिया था। सन 1888 में आई इस ओलावृष्टि ने करीब 246 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। यह दुनिया की अब तक की सबसे खतरनाक ओलावृष्टि में से एक जानी जाती है। इस ओलावृष्टि ने मनुष्यों ही नहीं बल्कि भारी संख्या में जानवरों और फसलों को भी क्षति पहुंचाई थी। यह इसलिए हुआ क्यूंकि मौसम अपनी चरम सीमा पर पहुँच गया था जिसके कारण भारी मात्रा में ओलावृष्टि हुयी थी।

इस प्रकार की घटनाओं को त्रासदी के रूप में देखा जाता है और इसी लिए दुनिया भर के वैज्ञानिकों ने ऐसी घटनाओं के पूर्वानुमान पर कार्य करना शुरू किया था। अभी हाल ही की घटना की मानें तो कुछ महीने पहले कुरुक्षेत्र के लाडवा ब्लाक में कुल 2,534 एकड़ की फसल ओलावृष्टि के कारण खराब हो गयी। इस प्रकार से हम यदि ध्यान दें तो भारत में प्रत्येक वर्ष कहीं न कहीं पर ओलावृष्टि ज़रूर होती है जिससे एक बड़े पैमाने पर फसल और जानमाल का नुकसान होता है। यह सब मौसम में हुए परिवर्तनों के कारण होता है तथा इसे ठीक करना भी हम मनुष्यों का ही कर्तव्य है।

सन्दर्भ:
1.
https://en.wikipedia.org/wiki/1888_Moradabad_hailstorm
2. https://bit.ly/2SJshO9
3. https://bit.ly/32a9izm
4. https://bit.ly/394jPOU
5. https://bit.ly/2VmPt6k
चित्र सन्दर्भ:-
1.
https://bit.ly/2VpJzBs
2. https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Hailstorm_in_Lahore.jpg
3. https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Hail_Storm.jpg



RECENT POST

  • मुरादाबाद के पीतल की शिल्प का भविष्य
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     02-07-2020 11:48 AM


  • रामपुर में इत्र की महक
    गंध- ख़ुशबू व इत्र

     01-07-2020 01:13 PM


  • पृथ्वी के सबसे बड़े खतरों में से एक है 'क्षुद्रग्रह' का पृथ्वी से टकराना
    खनिज

     30-06-2020 06:30 PM


  • क्या है, भारतीय इतिहास में मुद्रा शास्त्र की भूमिका
    म्रिदभाण्ड से काँच व आभूषण

     29-06-2020 12:30 PM


  • हिंदी फिल्म अकेले हम और हॉलीवुड की फिल्म द गॉडफ़ादर के मध्य का सम्बन्ध
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

     28-06-2020 12:30 PM


  • रामपुर का लजीज यखनी पुलाव
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     27-06-2020 10:10 AM


  • मनुष्य के अस्तित्व में अकेलेपन की भूमिका
    व्यवहारिक

     26-06-2020 09:45 AM


  • रामपुर कालीन उद्योग की कहानी में है, काफी धूप-छाँव
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     25-06-2020 01:50 PM


  • क्या है स्वादिष्ट और लोकप्रिय फल खजूर और उसके वृक्ष की कहानी ?
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     24-06-2020 11:55 AM


  • समाज की गतिशीलता को बेहतर ढंग से समझने में मदद करता है जनसंख्या अध्ययन
    सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

     23-06-2020 01:10 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.