लिथियम-आयन बैटरी के लिए क्यों लगी है विश्व में होड़?

रामपुर

 28-12-2019 11:58 AM
नगरीकरण- शहर व शक्ति

मोबाइल फोन, लैपटॉप और इलेक्ट्रिक (Electric) वहनों की बैटरी (Battery) के लिए लिथियम (Lithium) और कोबाल्ट (Cobalt) महत्वपूर्ण कच्चा माल हैं। इन खनिजों की वैश्विक मांग ऐसे वाहनों के बढ़ते उपयोग के मद्देनज़र तेज़ होती जा रही है। भारत अन्य संसाधनों के साथ, विदेशों में लिथियम और कोबाल्ट की खानों को खरीदने का प्रयास कर रहा है, हालांकि, इस दौड़ में चीन पहले ही भारत से काफी आगे है। भारत के पास लिथियम और कोबाल्ट का कोई ज्ञात स्रोत नहीं है और लगभग एक दशक में अपने अधिकांश वाहनों को इलेक्ट्रिक पावर में बदलने की योजना की सफलता के लिए यह एक महत्वपूर्ण पहुंच साबित होगी।

चित्र -
2.

हाल ही में भारत सरकार ने तीन राज्य के स्वामित्व वाली खनिज कंपनियों को इस दिशा में कार्य करने के लिए निर्देशित किया है। जिसके लिए साझेदारी में कार्य करने वाली कंपनी नेशनल एल्युमीनियम कंपनी (National Aluminium Company - नाल्को), हिंदुस्तान कॉपर (एचसीएल) और मिनरल एक्सप्लोरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (Mineral Exploration Corporation Limited - एमईसीएल) हैं। यह निजी क्षेत्र की कंपनियों को भी आमंत्रित कर सकता है जो इसमें भाग लेने के लिए इच्छुक हैं। नए संयुक्त उद्यम से ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका जैसे अन्य खनिज समृद्ध देशों के साथ साझेदारी बनाने में मदद मिल सकती है।

चित्र -
3.

लिथियम के संभावित स्रोतों में अफ्रीका का कोंगो और लैटिन अमेरिकी देश जैसे अर्जेंटीना, बोलीविया और चिली शामिल हैं। इन्हें लिथियम त्रिकोण के रूप में भी जाना जाता है। लिथियम की मांग में वृद्धि से दुनिया के एक-चौथाई भंडार वाले देश बोलीविया तथा ऐसे ही अन्य देशों में धातु के खनन के प्रति रुचि को बढ़ता हुआ देखा जा सकता है। यह धातु की खोज और निष्कर्षण और मूल्य वर्धित उत्पादों के निर्माण के लिए भारत जैसे देशों तक पहुंच गए हैं।

चित्र -
4.

भारत में लिथियम आयन बैटरी बनाने की योजना सुज़ूकी इंडिया (Suzuki India) जैसी कंपनियों द्वारा चालित हैं। ऑटो उद्योग के अनुमानों के अनुसार, भारत में लिथियम की आवश्यकता प्रति वर्ष 3,50,000 टन होने की उम्मीद है। वहीं हाल ही में वॉल स्ट्रीट जर्नल (Wall Street Journal) के विवरण के अनुसार, 2017 के पहले नौ महीनों में कोंगो से कोबाल्ट का चीन द्वारा आयात लगभग 1.2 बिलियन डॉलर रहा था तथा भारत द्वारा 3.2 मिलियन डॉलर रहा था। दुनिया के कोबाल्ट की आपूर्ति में कोंगो का हिस्सा लगभग 54% है।

चित्र -
5.

संदर्भ:-
1.
https://bit.ly/37dKmrX
2. https://mck.co/2QvlNzM
3. https://bit.ly/37kihzf
चित्र सन्दर्भ:-
1.
https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Bingham_Canyon_April_2005.jpg - दिया गया चित्र बिंघम कैन्यन, यूटाह(Utah) के माइंस का है।
2. https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Mine_argent_Cobalt_Ontario_1918.jpg - दिया गया चित्र कोबाल्ट माइनिंग, ओंटारियो (Ontario) का चलचित्र है जो कोबाल्ट माइनिंग से संदर्भित है।
3. https://bit.ly/2SIHakb - दिया गया चित्र सन 1906 में जारी किया गया कोबाल्ट ओंटारियो (Cobalt, Ontario) का चलचित्र है।
4. दिया गया चित्र में पूर्व समय में होने वाली आयन माइनिंग को प्रदर्शित करती एक कलाकृति है



RECENT POST

  • क्या क्वाड रोक पायेगा हिन्द प्रशांत महासागर से चीन की अवैध फिशिंग?
    मछलियाँ व उभयचर

     27-06-2022 09:23 AM


  • प्राकृतिक इतिहास में विशाल स्क्विड की सबसे मायावी छवि मानी जाती है
    शारीरिक

     26-06-2022 10:01 AM


  • फसल को हाथियों से बचाने के लिए, कमाल के जुगाड़ और परियोजनाएं
    निवास स्थान

     25-06-2022 09:46 AM


  • क्यों आवश्यक है खाद्य सामग्री में पोषण मूल्यों और खाद्य एलर्जी को सूचीबद्ध करना?
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     24-06-2022 09:47 AM


  • ओपेरा गायन, जो नाटक, शब्द, क्रिया व् संगीत के माध्यम से एक शानदार कहानी प्रस्तुत करती है
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

     23-06-2022 09:28 AM


  • जीवन जीने के आदर्श सूत्र हैं , महर्षि पतंजलि के अष्टांग योगसूत्र
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     22-06-2022 10:18 AM


  • कहीं आपके घर के बाहर ही तो नहीं है लाखों रुपयों के ये कीड़े
    तितलियाँ व कीड़े

     21-06-2022 09:42 AM


  • क्या सनसनीखेज खबरों का हमारे समाज से अब जा पाना मुश्किल हो चुका है?
    संचार एवं संचार यन्त्र

     20-06-2022 08:45 AM


  • नेवले और गिलहरी के केप कोबरा के साथ संघर्ष को दिखाता वीडियो
    व्यवहारिक

     19-06-2022 12:12 PM


  • जानलेवा हो सकते हैं जहरीले मशरूम, कैसे करें इनकी पहचान?
    फंफूद, कुकुरमुत्ता

     18-06-2022 10:10 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id