क्यों मनाया जाता है विश्व मधुमेह जागरूकता दिवस

रामपुर

 14-11-2019 12:10 PM
विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

14 नवम्बर अर्थात मधुमेह जागरूकता दिवस। आखिर यह दिवस इतना ख़ास क्यूँ है और इसे मनाया क्यूँ जाता है? आइये जानने की कोशिश करते हैं इस लेख के माध्यम से इस सवाल के जवाब को। सन 2017 में विश्व मधुमेह फेडरेशन (आई डी एफ) ने एक आंकड़ा पेश किया जिसमे लिखा गया था की दुनिया भर में करीब 425 मिलियन वयस्कों को मधुमेह है और उनमे भी भारत पहले पायदान पर खड़ा हुआ है कुल करीब 73 मिलियन मधुमेह के रोगियों को लेकर। यह बिमारी इतनी व्यापक स्तर पर फैली हुयी है की इससे निजात पाने और इसके प्रति जागरूकता फैलाने के लिए मधुमेह दिवस का गठन हुआ था और यह दिवस 1991 से मनाया जा रहा है।

मधुमेह दिवस की एक खासियत यह है की प्रत्येक वर्ष इसका एक विषय होता है और उसी विषय के आधार पर इस दिवस के दिन उस चुने हुए विषय पर ही विभिन्न जागरूकता से जुड़े कार्यक्रमों को कराया जाता है। इस वर्ष का विषय अरिवार और मधुमेह है, इस विषय का सार यह है की इसके आधार पर सभी परिवारों में मधुमेह के बारे में बताना और इसके प्रभावों के रोकथाम से अवगत कराना आदि है। मधुमेह के रोगी के लिए नियम का अत्यंत पाबन्द और व्यायामी होना चाहिए। मधुमेह से ग्रसित लोगों को अपने रक्त में उपस्थित शर्करा या शक्कर की जांच नियमित तौर पर करनी चाहिए, दवाई लेने का समय नियत होना चाहिए इसके अलावां प्रत्येक दिन व्यायाम करने वाला होना चाहिए और साथ ही साथ खाने की आदतों को सटीक रखने वाला होना चाहिए।

जैसा की हम जानते हैं की बिना शिक्षा और परिवार के समर्थन के इस यह उपरोक्त दिए गए तथ्य साबित नहीं हो सकते हैं। परिवार यदि जागरूक है तो वह मनुष्य की मानसिक स्थिति को भी उस प्रकार से बनाता है जिसमे की वह मधुमेह की बिमारी से मानसिक रूप से लड़ने के लायक हो जाता है। मधुमेह से जुड़े हुए प्रबंधों को यदि हलके में लिया जाए तो यह रोग बड़ा ही जटिल हो जाता है और इससे व्यक्ति की आसमयिक मृत्यु भी हो जाती है।

टाइप 2 मधुमेह नियमित रूप से शारीरिक गतिविधि, संतुलित आहार और स्वस्थ पर्यावरण में निवास करने से काफी हद तक रोका जा सकता है। टाइप 2 मधुमेह के जोखिमों आदि के बारे में जानकारी पहुचाना और उसने जुड़े विभिन्न शिक्षाओं को प्रदान करना एक अहम् कार्य बन जाता है जब मनुष्य विश्व मधुमेह जागरूकता दिवस की बात करता है तब। किसी भी रोगी के लिए परिवार की ताकत सबसे बाद ताकत होती है क्यूंकि इसमें वह व्यक्ति सांत्वना से लेकर दवा, भोजन आदि सही मात्रा में पाने में सक्षम हो पाता है और उसकी रोग प्रतिरोधी क्षमता बढती है। मधुमेह एक ऐसी बिमारी भी है जिसमे नियमितता की आवश्यकता बड़ी है अतः खान पान और रहन सहन के माध्यम से इसको रोका जा सकता है।

सन्दर्भ:
1. https://bit.ly/33M1YJZ
2. https://www.diabetes.co.uk/Diabetes-and-the-family.html
3. https://en.wikipedia.org/wiki/Diabetes#Management



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