अनौपचारिक रोजगार में लाभदायक है गिग अर्थव्यवस्था (GIG Economy)

रामपुर

 24-05-2019 10:30 AM
विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

वर्तमान में एक नई अर्थव्यवस्था उभरी है, जिसे नाम दिया गया है “गिग अर्थव्यवस्था (GIG Economy)”। गिग अर्थव्यवस्था रोजगार का ही एक रूप है जिसमें श्रमिक अल्पकालिक परियोजनाओं या नौकरियों में स्वतंत्र रूप से संलग्न होता है। इसमें फ्रीलान्स (Freelance) कार्य और एक निश्चित अवधि के लिये प्रोजेक्ट (Project) आधारित रोज़गार शामिल होते हैं। अमेरिका में यह अर्थव्यवस्था अच्छी तरह से स्थापित हो गयी है तथा यहां की एक तिहाई जनसंख्यां गिग (GIG) के माध्यम से स्वतंत्र, अल्पकालिक और अस्थायी रूप से काम कर रही है। इसने स्वतंत्र अनुबंध कार्य की सुविधा दी है जिसमें किसी को निश्चित कार्यालय में जाने की आवश्यकता नहीं होती और काम के लिये व्यक्ति अपने मनमुताबिक समय भी चुन सकता है। उबर (Uber), लिफ़्ट (Lift), ओयो (Oyo) जैसी कंपनियों के द्वारा यह बहुत अधिक प्रोत्साहित किया जा रहा है। वर्तमान में संगीतकार, फोटोग्राफर, लेखक, ट्रक चालक और परंपरावादी लोग भी पारंपरिक रूप से गिग कार्यकर्ता बन रहे हैं। इंटुइट (Intuit) के सी-ई-ओ (CEO) ब्रैड स्मिथ (Brad Smith) के अनुसार 2017 में अमेरिका में लगभग 34% लोग "द गिग अर्थव्यवस्था” के तहत कार्य कर रहे थे और वर्ष 2020 तक यह आंकडा 43% हो जायेगा। हार्वर्ड बिजनेस रिव्यू (Harvard Business Review) की रिपोर्ट के अनुसार उत्तरी अमेरिकी और पश्चिमी यूरोप में लगभग 150 मिलियन लोग गिग अर्थव्यवस्था के जरिये नौकरी कर रहे हैं। इसके कारण बाजार अधिक समृद्ध और जटिल होता जा रहा है। गिग अर्थव्यवस्था में दिन प्रतिदिन रुझान बढ़ता जा रहा है जिसके कारण निम्नलिखित हैं:
अंशकालिक या अस्थायी पदों पर काम करने के इच्छुक लोगों की बढ़ती संख्या।
बेरोजगारी की समस्या।
पूर्णकालिक या अंशकालिक नौकरी में आय का कम होना।
मनमुताबिक कार्यसमय।
इसके अतिरिक्त अधिकतर गिग श्रमिक मानव मालिकों के अधीन नहीं होते वे ऐप्स (Applications) के माध्यम से काम करते हैं और यह केवल उन्हें गिग अर्थव्यवस्था के माध्यम से ही प्राप्त हो सकता है।

आधुनिक समाज के लिये यह एक चुनौती भी है क्योंकि गिग अर्थव्यवस्था में किसी व्यक्ति की सफलता उसकी विशिष्ट निपुणता पर निर्भर करती है। असाधारण प्रतिभा, गहरा अनुभव, विशेषज्ञान या प्रचलित कौशल के आधार पर ही आप गिग अर्थव्यवस्था के तहत कार्य कर सकते हैं। जो लोग इंटरनेट जैसी तकनीकी सेवाओं का उपयोग करने में संलग्न नहीं हैं, वे गिग अर्थव्यवस्था के लाभ को नहीं उठा पाते। इस अर्थव्यवस्था में श्रमिकों को आय संरक्षण, वेतन भत्ते, छुट्टियां, बीमार होने पर अतिरिक्त आय उपलब्ध नहीं हो पाती जो इसकी एक कमी है। इसके तहत विभिन्न वेबसाइटों या सामाचार पत्रों ke लिए आलेख लिखना, ऑनलाइन गेम्स खेलना, ब्लॉग बनाना, ई- बुक्स लिखना, ग्राफिक डिजाइनिंग करना आदि शामिल हैं जो कमाई का जरिया बन सकता है। भारत में 15 मिलियन फ्रीलांसर हैं, जो अपने गिग अर्थव्यवस्था श्रमिकों के साथ आईटी और प्रोग्रामिंग, वित्त, मानव संसाधन, डिजाइन, विपणन, एनीमेशन, सामग्री और शैक्षणिक लेखन के स्वतंत्र अनुबंध प्राप्त कर रहे हैं।

वर्तमान में भारत में बेरोजगार युवाओं की संख्या बहुत अधिक है, तथा इन्हें रोजगार देना सरकार के लिये बहुत चुनौतीपूर्ण है। भले ही इसे चुनावी मुद्दा बनाकर जगह जगह उछाला ही क्यों न गया हो किंतु “मेक इन इंडिया", “राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम” आदि योजनाओं के बाद भी कोई खास प्रगति होती नहीं दिखायी दी है। भारत में औपचारिक नौकरी को ही अधिक महत्ता दी जाती है जबकि वास्तव में भारत के रामपुर जैसे शहरों की अधिकांश जनसंख्या अनौपचारिक व्यवसाय पर ही निर्भर है। रामपुर और अन्य शहरों में हथकरघा और हस्तकला जैसे उद्योगों में अच्छी कमाई केवल तब ही होती है जब कोई विशेष ऋतु, त्यौहार, शादी या खास अवसर जैसे हस्तकला प्रदर्शन मेला आदि चल रहा हो। यहां के लोगों के लिये गिग अर्थव्यवस्था स्थायी रोजगार प्रदान करने में सहायक हो सकती है, जरुरत है तो बस उद्योगों को राजनीतिक रूप से उन्नत बनाये जाने की।

संदर्भ:
1. https://www.investopedia.com/terms/g/gig-economy.asp
2. https://bit.ly/2Hxg4X1
3. https://bit.ly/2PGu2qO
4. https://hbr.org/2018/03/thriving-in-the-gig-economy
5. https://bit.ly/30DRzPi
6. https://www.entrepreneur.com/slideshow/299713
7. https://www.dandc.eu/en/article/indias-informal-sector-backbone-economy



RECENT POST

  • विदेश में ग्रेहाउंड रेसिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, रामपुर हाउंड
    निवास स्थान

     02-12-2021 08:44 AM


  • पाकिस्तान के चुनावी गणित को तुलनात्मक रूप से समझें
    आधुनिक राज्य: 1947 से अब तक

     01-12-2021 09:00 AM


  • अंग्रेजी शब्द कोष में cot आया है हिंदी के खाट या चारपाई और फ़ारसी चिहारपई से
    ध्वनि 2- भाषायें

     30-11-2021 10:29 AM


  • दिल्ली के सराई रोहिल्ला रेलवे स्टेशन का इतिहास
    मध्यकाल 1450 ईस्वी से 1780 ईस्वी तक

     29-11-2021 08:55 AM


  • 1994 में मिस वर्ल्ड का खिताब जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला बनीं,ऐश्वर्या राय
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     28-11-2021 01:58 PM


  • भाग्य का अर्थ तथा भाग्य और तक़दीर में अंतर
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     27-11-2021 10:12 AM


  • भारत में भी अनुभव कर सकते हैं आइस स्केटिंग का रोमांच
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     26-11-2021 10:18 AM


  • प्राचीन भारतीय परिधान अथवा वस्त्र
    ठहरावः 2000 ईसापूर्व से 600 ईसापूर्व तक

     25-11-2021 09:42 AM


  • रामपुर के निकट स्थित अहिच्छत्र के ऐतिहासिक स्थल में कला की अभिव्यक्ति व् प्रारंभिक शहरी विकास के प्रमाण
    छोटे राज्य 300 ईस्वी से 1000 ईस्वी तक

     24-11-2021 08:50 AM


  • ब्रीफ़केस का इतिहास तथा ब्रीफ़केस व अटैचकेस में अंतर
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     23-11-2021 11:04 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id