आज ही देखिये, रामपुर से जुड़े 220 महत्वपूर्ण लेख

रामपुर

 10-08-2018 02:04 PM
विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

अच्छी संगत के साथ सफ़र कहाँ बीत जाता है पता ही नहीं चलता। प्रारंग का यह सफ़र भी कुछ ऐसा ही है जो अपने पाठकों के प्रोत्साहन के साथ चलता जा रहा है और दिन प्रतिदिन और भी मनोरंजक होता जा रहा है। हर दिन हमारे इस प्रारंग परिवार में कुछ नए सदस्य जुड़ते जा रहे हैं। तो आज हम कुछ समय निकालेंगे 2018 के अब तक के सफ़र की समीक्षा करने में।

आज की तारीख है 10 अगस्त 2018 तथा आज इस वर्ष का 222वां दिन है। इन 222 दिनों में प्रारंग अपने परिवार के रामपुरवासियों तक 219 लेख पहुंचा चुका है तथा यह लेख 220वां लेख होगा। यदि ध्यान दें तो लगभग हर दिन प्रारंग ने रामपुर को समर्पित एक लेख आप तक पहुँचाया है। प्रारंग के अनूठे वर्गीकरण में यदि इन लेखों को देखा जाए तो संस्कृति से जुड़े 167 लेख तथा प्रकृति से जुड़े 52 लेख अब तक इस वर्ष में प्रस्तुत किये गए हैं। और यदि संस्कृति और प्रकृति के भीतर वर्गीकरण की बात करें तो लेखों का वितरण कुछ इस प्रकार है:

प्रकृति:
• समयसीमा- 21
• मानव व उसकी इन्द्रियाँ- 83
• मानव व उसके आविष्कार- 63

संस्कृति:
• भूगोल- 16
• जीव-जंतु- 17
• वनस्पति- 19

इन लेखों को प्रारंग के रामपुर पोर्टल (http://rampur.prarang.in/), फेसबुक (https://www.facebook.com/prarang.in/), ट्विटर (https://twitter.com/prarang_in?lang=en) तथा प्रारंग की एंड्राइड मोबाइल एप्लीकेशन (https://play.google.com/store/apps/details?id=com.riversanskiriti.prarang&hl=en_IN) द्वारा आप तक पहुँचाया गया। इनमें से रामपुरवासियों की सबसे अधिक प्रतिक्रिया फेसबुक पर देखने को मिली।

यदि बात करें फेसबुक लाइक्स (Facebook Likes) की तो वर्ष 2018 में रामपुर के लेखों को करीब 6500 बार लाइक किया गया तथा उनपर कमेंट (Comment) के रूप में पाठकों द्वारा 85 बार टिप्पणी की गयी। आज प्रारंग के साथ फेसबुक पर करीब 43,000+ पाठक जुड़े हुए हैं जिनमें से 10,000+ पाठक रामपुर से हैं। साथ ही प्रारंग की एंड्राइड मोबाइल एप्लीकेशन के 1000 से भी अधिक डाउनलोड (Download) हो चुके हैं जिनमें से रामपुर से करीब 300 डाउनलोड हैं।

प्रारंग द्वारा प्रकाशित किये गए प्रस्तुत 5 लेख रामपुरवासियों में सबसे अधिक लोकप्रिय रहे। हर लेख के नाम पर क्लिक कर आप उसे पढ़ सकते हैं:

1. रामपुर में ज़रदोज़ी की चमक
2.
रामपुर बना पूरे राज्य का प्रेरणास्रोत
3.
रामपुर का भोजन बंगाल में मचा रहा धूम
4.
रामपुर का पड़ोसी अमरोहा
5. 
कोठी ख़ास बाग़ में मौजूद है एक जापानी बाग़

साथ ही हम आप सभी से आग्रह करना चाहेंगे कि हर लेख पर कमेंट और लाइक के रूप में अपनी प्रतिक्रिया ज़रूर ज़ाहिर करें। अंत में प्रारंग अपने सभी रामपुर के पाठकों को हमारे साथ बने रहने के लिए धन्यवाद कहना चाहेगा क्योंकि यह आप लोगों का निरंतर प्रोत्साहन ही है जो हमें हर दिन बेहतर से बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करता है।



RECENT POST

  • क्या मंगल ग्रह पर जीवन संभव है?
    जलवायु व ऋतु

     27-01-2022 10:35 AM


  • भारत के संविधान की पहली हस्तलिखित प्रति के कुछ रोचक तथ्य, रामपुर के प्रेम बिहारी रायज़ादा द्वारा लिखित
    आधुनिक राज्य: 1947 से अब तक

     26-01-2022 10:38 AM


  • क्या है इस्लामी कला की परिभाषा? सालार जंग संग्रहालय में इस्लामी कला गैलरी
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     25-01-2022 09:30 AM


  • उदाहरण से समझिए कि खेल सिद्धांत या गेम थ्योरी क्या है?
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     24-01-2022 10:43 AM


  • नेता जी सुभाष चंद्र बोस के प्रतिष्ठित भाषणों को प्रदर्शित करते कुछ वीडियो
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     23-01-2022 02:14 PM


  • भारत में विलुप्त हो रही है स्नेक चार्मिंग और सपेरे
    रेंगने वाले जीव

     22-01-2022 10:14 AM


  • क्या भारत को खाद्य रेगिस्तान बनने से बचाया जा सकता है?
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     21-01-2022 09:58 AM


  • प्राइमेट पर प्रकाशित अधिकांश प्राइमेटोलॉजी शोध, भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा किए गए हैं
    स्तनधारी

     19-01-2022 05:14 PM


  • इंटीरियर डिजाइन में बनावट या टेक्सचर की भूमिका, स्पर्श की भावना है महत्त्वपूर्ण
    घर- आन्तरिक साज सज्जा, कुर्सियाँ तथा दरियाँ

     19-01-2022 11:01 AM


  • पृथ्वी पर सबसे लंबे समय तक जीवित रहने वाली मछली क्या सिखा सकती है मनुष्य को
    मछलियाँ व उभयचर

     17-01-2022 10:51 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id