डायनासोर और उनके अंडे

रामपुर

 12-04-2018 11:54 AM
रेंगने वाले जीव

डायनासोर विविध समूह के सरीसृप क्लेड डायनासोरिया (Clade Dinosauria) में पाए जाते हैं। इन्होंने धरती पर दो करोड़ साल पहले ट्रायेसिक (Triassic) अवधी के दौरान पहला कदम रखा था। यह जीव उस दौरान कई विशेष रूप-रंग में पाए जाते थे और यह जीव मांसाहारी और शाकाहारी उपप्रजतियों में बँटे हुए थे। आज डायनासोर के मूल (Origin) की क्रमागत उन्नति (Evolution) पर विशेष शोध चल रहे हैं। विश्व के हर देश में डायनासोर के अवशेष पाए गए हैं और उन पर शोध कर विशेषज्ञों ने डायनासोर के बारे में बहुत विचित्र राज़ों से पर्दा उठाया है। खुदाई के दौरान शोधकर्ताओं और पुरातत्त्वेत्ताओं ने डायनासोर के अंडे खोज निकाले। ऐसे अंडे विश्व के अन्य देशों में भी खोज के दौरान पाए गए हैं।

डायनासोर के अंडे अन्य अण्डों की तरह ही होते हैं लेकिन उनका आकार अन्य अण्डों से काफ़ी बड़ा होता है। डायनासोर के अलग प्रजातियों के अंडे अलग रूप में पाए गए हैं और इनके रंग भी अलग-अलग पाए गए हैं। अण्डों की खोज से पहले यह माना जाता था कि अगर डायनासोर सरीसृप हैं तो वे अंडे ज़रूर देते होंगे और इसी मान को लेकर खोजकर्ताओं ने मंगोलिया में 1923 में डायनासोर के अण्डों के जीवाश्म खोजे; कैट स्कैन, X-ray, आदि से अण्डों पर शोध किया गया और कुछ अण्डों के अन्दर भ्रूण (Embryo) के अवशेष पाए गए। सबसे पुराने डायनासोर के अंडे और भ्रूण मासोस्पोंडायलस (Massospondylus) (डायनासोर की एक प्रजाति जो धरती पर 16 करोड़ साल पहले पायी जाती थी) पे गए।

अण्डों की पहचान - डायनासोर के अण्डों में मुख्यतः यह तीन लक्षण पाए जाते हैं :
1- अंडों की चौड़ाई और मोटाई मुश्किल से सामान्य होती है।
2- अंडों के छोर वक्र (Curved) होते हैं।
3- अण्डों के ऊपर छोटे-छोटे कई छिद्र (Pores) होते हैं और अण्डों के खोल के ऊपर कुछ टुकड़े होते हैं जो टक्करों से अंडे को बचाते हैं।

अण्डों का वज़न - शुतुरमुर्ग के अंडे 15 सेंटीमीटर लम्बे, 13 सेंटीमीटर चौड़े और 1.4 किलोग्राम के होते हैं, यह माना जाता है कि डायनासोर के अंडे इन अण्डों से 20 गुना ज्यादा वजनीय होते हैं।

हाल ही में गुजरात में डायनासोर (राजासौरस) के जीवाश्म पाए गए हैं और खोज के दौरान बहुत से अंडे भी पाए गए हैं, यह सभी अवशेष ‘डायनासोर एंड फॉसिल पार्क’, गुजरात में रखे गए हैं। मिर्जापुर के शलखन में भी बड़ी मात्रा में ये अंडे पाये गए हैं।

1. इंडिका प्रणय लाल
2. www.wikipedia.com/dinosaur
3. Pegasus book on Animal world- reptiles
4. www.thoughtco.com
5. The Dinosauria



RECENT POST

  • टीकाकरण का डिजिटलीकरण जहां शहरों के लिए है सुविधा वहीं ग्रामीणों के लिए बना अजाब
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     25-09-2021 10:02 AM


  • जल्द ही मलेरिया भी बीते दिनों की बात होगी
    कीटाणु,एक कोशीय जीव,क्रोमिस्टा, व शैवाल

     24-09-2021 09:24 AM


  • भारत में कैंसर के बढ़ते रोगी भौगोलिक क्षेत्रों में कैंसर का स्वरूप भिन्न होता है
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     23-09-2021 11:04 AM


  • समुद्री सुपरस्टार है तारामछली
    मछलियाँ व उभयचर

     22-09-2021 08:59 AM


  • बंगाल स्कूल ऑफ आर्ट के प्रसंग से समझिये आज़ादी में कला के योगदान को
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     21-09-2021 09:40 AM


  • धतूरे की उत्‍पत्ति व शिव पूजा में इसका महत्व
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     20-09-2021 09:24 AM


  • बुशफायर और ग्रासफायर के लिए उत्तरदायी हैं, मानव गतिविधियां और प्राकृतिक कारक
    जंगल

     19-09-2021 12:26 PM


  • कोसी नदी पर बने प्राचीन वियर व् बांधों से हुई रामपुर ज़िले की भूमि अति उपजाऊ
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     18-09-2021 10:15 AM


  • धरती माँ के सुरक्षा आँचल या ओज़ोन परत में क्यों हो रहे है इतने छिद्र
    जलवायु व ऋतु

     17-09-2021 09:40 AM


  • क्यों संपूर्ण ब्रह्मांड में महासागर के बारे में सबसे कम जानकारी मौजूद है
    समुद्र

     16-09-2021 10:02 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id