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लखनऊ में फ़ोटोग्राफ़रों और फ़ोटोग्राफ़ी प्रेमियों के लिए, यह जानना कि अपने सब्जेक्ट(विषय) को कैसे फ़्रेम और व्यवस्थित किया जाए , तस्वीरों में एक बड़ा बदलाव ला सकता है। चाहे आप बड़ा इमामबाड़ा, रूमी दरवाज़ा या शांतिपूर्ण गोमती नदी की सुंदरता अपने कैमरे में क़ैद कर रहे हों, आपके विषय की स्थिति यह तय करती है कि वह फ़ोटो कैसे दिखेगा और महसूस होगा । तिहाई का नियम (Rule of Thirds), अग्रणी लाइनों (Leading Lines) और समरूपता (Symmetry) जैसी सरल तकनीकों का उपयोग करने से, दर्शक की आंखों को सही दिशा में निर्देशित करने में मदद मिलती है और आपकी तस्वीरों को अधिक संतुलित तथा दिलचस्प और आकर्षक बनती है।
आज, हम फ़ोटोग्राफ़ी की रचना पर चर्चा करेंगे, तथा आकर्षक छवियों को बनाने में इसकी भूमिका को समझेंगे। हम संतुलित फ़्रेमिंग के लिए एक मौलिक दिशानिर्देश – ‘तिहाई के नियम’ का भी पता लगाएंगे। इसके बाद, हम फ़ोटोग्राफ़ी में अग्रणी लाइनों को देखेंगे, जो दर्शकों की आंखों को निर्देशित करने में मदद करती हैं। हम दृश्य रुचि को बढ़ाने में समरूपता और पैटर्न के महत्व पर भी चर्चा करेंगे। अंत में, हम फ़ोटोग्राफ़ी में नकारात्मक स्थान की जांच करेंगे, और देखेंगे कि, यह किसी रचना में गहराई और प्रभाव कैसे जोड़ता है।
फ़ोटोग्राफ़ी में रचना(Composition) क्या है?
रचना का मुख्य उद्देश्य, दर्शक द्वारा फ़ोटो को देखने के व्यवहार को प्रभावित करना है। फ़ोटोग्राफ़ी की रचना उतनी ही महत्वपूर्ण है, जितनी मानव शरीर में कंकाल । यह फ़ोटो की सभी विशेषताओं को एक साथ रखती है; विभिन्न दृश्य तत्वों के वज़न का समर्थन करती है; और फ़्रेम लुक (frame look) को विविध बनती है। रचना एक तस्वीर की कथा के लिए भी ज़िम्मेदार होती है। यह तय करती है कि, विभिन्न तत्व कहां रहने चाहिए; तत्वों के बीच की दूरी क्या होगी; और क्या बड़ा, अधिक रंगीन या उज्जवल होगा। इसका उद्देश्य एक सौंदर्यपूर्ण रूप से सुखद छवि बनाना है।
तिहाई का नियम (Rule of Thirds)-
तिहाई का नियम, इष्टतम रचना के लिए फ़्रेम को विभाजित करने का एक तरीका है। इसमें समान रूप से, दो समान क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर ग्रिडलाइन (Gridlines) के बीच, फ़्रेम को नौ बराबर भागों में विभाजित करना शामिल है, जो तीन-तीन-तीन का ग्रिड बनाता है। छवि के भीतर संतुलन और प्रवाह बनाने के लिए, संरचनात्मक तत्वों को रखा जाना चाहिए, जहां ग्रिड की ये पंक्तियां आपकी छवि को प्रतिच्छेद या खंडित करती हैं।
इसके पीछे विचार, दृश्य के महत्वपूर्ण तत्वों को एक या अधिक लाइनों के साथ, या जहां लाइनें प्रतिच्छेद करती हैं(वहां), रखना है। हम सामान्यतः मुख्य विषय को बीच में रखना चाहते हैं। तिहाई के नियम का उपयोग करके, विषय को केंद्र से परे रखने से, अधिक आकर्षक रचना का नेतृत्व नहीं किया जाएगा।
फ़ोटोग्राफ़ी में अग्रणी लाइनें(Leading Lines) क्या होती हैं?
अग्रणी लाइनें ऐसी रेखाएं हैं, जो छवि के माध्यम से, विषय की ओर दर्शक की दृष्टि को खींचती हैं। वे सीधे या घुमावदार, क्षैतिज, ऊर्ध्वाधर या विकर्ण और केंद्रीय भी हो सकती हैं।
दृश्य के भीतर किसी भी तत्व द्वारा अग्रणी लाइनें बनाई जा सकती हैं, जैसे कि – सड़कें, नदियां, पुल, इमारतें या यहां तक कि लोग भी। महत्वपूर्ण बात यह है कि, वे दर्शक के लिए एक दृश्य पथ बनाते हैं, जो उन्हें तस्वीर के विषय की ओर ले जाते हैं, और छवि के भीतर गहराई और गति की भावना पैदा करती हैं।
फ़ोटोग्राफ़ी में समरूपता(Symmetry) और पैटर्न(Patterns) क्यों महत्वपूर्ण हैं?
समरूपता, एक सामंजस्यपूर्ण संतुलन बनाना है, जिससे एक छवि के दोनों पक्ष(बाएं–दाएं, ऊपरी–निचला या तिरछे) एक दूसरे के साथ समानता में आ जाते हैं। इससे सब कुछ साफ़–सुथरा और व्यवस्थित दिखता है। जब चीज़ें पूरी तरह से समान बनती या दिखती हैं, तो यह स्थिरता, शांति और यहां तक कि विस्मय की भावनाओं को बढ़ावा दे सकती है।
जबकि, फ़ोटोग्राफ़ी में पैटर्न, एक तस्वीर के भीतर आकृतियों, रंगों या रंगत की सुंदरता को बार–बार पकड़ने और कैद करने के बारे में हैं। इसे एक विज़ुअल बीट(Visual beat) के रूप में सोचें, जो चित्र के माध्यम से दर्शक की दृष्टि को निर्देशित करता है, तथा गति और सद्भाव की भावना पैदा करता है। ये आवर्ती तत्व होते है, जो तस्वीरों में महत्व और गहराई की एक अतिरिक्त परत जोड़ते हैं। पैटर्न के कारण, तस्वीरें हमारी दृष्टि में अधिक आकर्षक और मनभावन बनती हैं।
फ़ोटोग्राफ़ी में नकारात्मक स्थान(Negative Space)-
नकारात्मक स्थान, किसी फ़ोटो के भाव और कहानी को गहराई से प्रभावित कर सकता है। कई मामलों में, नकारात्मक स्थान, मनोदशा या भावना को दर्शाने का एक प्रभावी माध्यम होती है। यह एक संदर्भ प्रदान करने के रूप में कार्य कर सकता है, व हल्कापन पैदा कर सकता है। यह एक तस्वीर में सकारात्मक भावनाओं को भी मज़बूत कर सकता है; विषय की भावनाओं पर ज़ोर दे सकता है। हालांकि, यह अकेलेपन या निराशा की भावना भी जोड़ सकता है।
संदर्भ:
मुख्य चित्र: लखनऊ में स्थित हार्डिंग पुल (प्रारंग चित्र संग्रह)
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