Post Viewership from Post Date to 03-Feb-2022
City Subscribers (FB+App) Website (Direct+Google) Email Instagram Total
1355 77 1432

***Scroll down to the bottom of the page for above post viewership metric definitions

ओमाइक्रोन क्यों है चिंता का वायरस और क्या है बचाव के उपाय?

मेरठ

 04-01-2022 06:49 AM
कोशिका के आधार पर

भारत में एक कहावत बहुत प्रचलित है "इतिहास खुद को दोहराता है"। लेकिन कोरोना महामारी के संदर्भ में जैसा दुखद दृश्य हमने इसकी दूसरी लहर के दौरान देखा था, उसे ध्यान में रखते हुए हम सभी को यह भरपूर कोशिश करनी चाहिए की कम से कम इस बार इतिहास खुद को न दोहराएं। और कोरोना वायरस का नया "ओमाइक्रोन" संस्करण वैसा उत्पात न मचाएं जैसा की दूसरी लहर के दौरान कोरोना के डेल्टा वेरिएंट ने मचाया था! दुनिया भर के लोग कोविड-19 के ओमिक्रॉन वेरिएंट (Omicron variant) को लेकर चिंतित हैं। WHO ने कोविड-19 के ओमाइक्रोन संस्करण को गंभीर चिंता का विषय माना है, क्यों की इसमें कई उत्परिवर्तन (mutations) हो रहे हैं। ओमाइक्रोन के बारे में अभी भी काफी अनिश्चितता है और इसकी संप्रेषणीयता, गंभीरता और पुन: संक्रमण के जोखिम का मूल्यांकन करने के लिए बहुत सारे शोध अभी भी चल रहे हैं।
ओमिक्रॉन संस्करण कैसे विकसित हुआ?
यह वायरस व्यापक रूप से फैल रहा है और कई संक्रमण पैदा कर रहा है, जिस कारण वायरस के उत्परिवर्तित होने की संभावना बढ़ जाती है। ओमाइक्रोन जैसे नए संस्करण इस बात का प्रमाण हैं कि कोविड-19 महामारी अभी खत्म नहीं हुई है। इसलिए यह आवश्यक है कि सभी लोग वायरस के प्रसार को रोकने के लिए मौजूदा सलाह का पालन करना जारी रखें, जिसमें शारीरिक दूरी, मास्क पहनना, नियमित रूप से हाथ धोना और इनडोर क्षेत्रों को अच्छी तरह हवादार रखना शामिल है। किसी भी वायरस से संक्रमण के बाद, प्रतिरक्षा प्रणाली एंटीबॉडी (antibodies) बनाकर अनुकूल हो जाती है जो इसे बेअसर करने के लिए वायरस से चिपक जाती है, और टी-कोशिकाओं को मार देती है जो संक्रमित कोशिकाओं को नष्ट कर देती हैं। एंटीबॉडी प्रोटीन के टुकड़े होते हैं जो वायरस के विशिष्ट आणविक आकार से चिपके रहते हैं, और किलर टी-कोशिकाएं संक्रमित कोशिकाओं को आणविक आकार के माध्यम से भी पहचानती हैं। ओमाइक्रोन पर्याप्त रूप से उत्परिवर्तन करके प्रतिरक्षा प्रणाली से बच सकता है। इसका आणविक आकार प्रतिरक्षा प्रणाली की मान्यता से परे बदल जाता है। यही कारण है कि ओमिक्रॉन पिछली प्रतिरक्षा वाले लोगों को भी संक्रमित करने में इतना स्पष्ट रूप से सफल अर्थात घातक है। भारत सहित दुनिया भर के कई अन्य देशों में अब ओमाइक्रोन संस्करण का पता चला है। डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट है कि ओमाइक्रोन शायद अधिकांश देशों में फ़ैल चुका है। हालांकि वहां अभी तक इसका पता नहीं चला है। विशेषज्ञों के प्रारंभिक निष्कर्ष बताते हैं कि ओमाइक्रोन डेल्टा संस्करण की तुलना में गंभीर हो सकता है, और डब्ल्यूएचओ ने चेतावनी दी है कि इसे "हल्के" में नहीं लिया जाना चाहिए। हमें हमेशा याद रखना चाहिए की कोविड-19 के सभी प्रकार गंभीर बीमारी या मृत्यु का कारण बन सकते हैं। ओमाइक्रोन अन्य वेरिएंट की तुलना में अधिक तेजी से फैल रहा है। डब्ल्यूएचओ का मानना ​​​​है कि यह संभावना है कि ओमाइक्रोन डेल्टा संस्करण से आगे निकल जाएगा। हालांकि, टीकाकरण और सावधानी बरतने जैसे भीड़- भाड़ वाली जगहों से बचना, दूसरों से दूरी बनाए रखना और मास्क पहनना आदि उपचार इसके प्रसार को रोकने में मदद करने के लिए महत्वपूर्ण हैं। डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान में उपलब्ध टीके गंभीर बीमारी और मृत्यु के खिलाफ महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रदान करते हैं। डेल्टा वन जैसे अन्य व्यापक रूप से परिसंचारी रूपों के खिलाफ सुरक्षा के लिए टीकाकरण करना भी महत्वपूर्ण है। आपको टीका अवश्य लगवाना चाहिए, भले ही आपको पहले कोरोना हो या नहीं क्यों की जो लोग COVID-19 से ठीक हो जाते हैं, उनमें वायरस के प्रति कुछ प्राकृतिक प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो सकती है।
कोरोनावायरस के नए वेरिएंट ओमाइक्रोन ने एक बार फिर दुनिया को डरा दिया है। सबसे पहले बोत्सवाना, अफ्रीका में पाया गया संस्करण अब भारत सहित 40 देशों में पहुंच गया है। अब तक, भारत ने महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली और कर्नाटक सहित विभिन्न राज्यों में ओमाइक्रोन के 21 मामले दर्ज किए हैं। भारतीय राज्यों में ओमिक्रॉन डर के बीच यात्रा प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं। हालांकि कुछ आसान उपाय अपनाकर आप भी कोरोना के इस घातक संस्करण से बच सकते हैं:
1. टीका लगवाएं : शीघ्र यथासंभव खुद को टीका लगवाएं! वास्तव में, कई देश बिना टीकाकरण किए यात्रियों को प्रवेश की अनुमति नहीं दे रहे हैं।
2. दिशानिर्देशों का पालन करें : ओमाइक्रोन ने एक बार फिर राज्य सरकारों को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों यात्रियों के लिए नए यात्रा दिशानिर्देश पेश करने के लिए मजबूर किया है। महाराष्ट्र, अंडमान और निकोबार और छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों ने घरेलू यात्रियों के लिए पीसीआर नकारात्मक (PCR negative) परीक्षण रिपोर्ट अनिवार्य कर दी है।
3. मास्क का प्रयोग करें: तेज़ी से बढ़ते ओमाइक्रोन संस्करण के मद्देनज़र, फेस मास्क बहुत जरूरी हैं! सुनिश्चित करें कि बाहर निकलने से पहले आपका मुंह और नाक दो परतों वाले मास्क से अच्छी तरह से ढका हो। ऐसा मास्क पहनें जो आपकी नाक और मुंह को पूरी तरह से ढके। सुनिश्चित करें कि मास्क लगाते समय आपके हाथ साफ हों।
4. सामाजिक दूरी बनाए रखें: भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर जाने से बचें। दुनिया में ओमाइक्रोन की बढ़ती संख्या के बीच सामाजिक दूरी बनाए रखना काफी जरूरी है। इसके अलावा फैलने के जोखिम से बचने के लिए वातानुकूलित स्थानों से बचें। सुनिश्चित करें कि आप अच्छी तरह हवादार जगह पर या खुले क्षेत्र में हैं। सभी से कम से कम 1 मीटर की शारीरिक दूरी बनाकर रखें।
5. एक स्वच्छ जीवन शैली बनाए रखें: ओमाइक्रोन से बचने के लिए सभी लोगों को स्वस्थ और स्वच्छ जीवन शैली का अनुसरण करना चाहिए। बच्चों को हाथों को संक्रमित करने वाली वस्तुओं को छूने से बचना चाहिए, इसलिए हैंड सैनिटाइज़र (hand sanitizers) अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। यह वायरस के प्रसार के प्रमुख कारकों में से एक है। घर के अंदर वेंटिलेशन में सुधार के लिए खिड़कियां खुली रखें।

संदर्भ
https://bit.ly/3mQW7yH
https://uni.cf/31iYUsQ
https://bit.ly/3sSXSPS
https://bit.ly/34avRJ3

चित्र संदर्भ   
1. ओमिक्रॉन संस्करण को संदर्भित करता एक चित्रण (Yahoo News)
2. प्रत्यक्ष फ्लोरोसेंट एंटीबॉडी के फोटोमाइक्रोग्राफ को दर्शाता एक चित्रण (Rawpixel)
3. कोरोना पॉजिटिव टेस्ट को दर्शाता एक चित्रण (Rappler)

***Definitions of the post viewership metrics on top of the page:
A. City Subscribers (FB + App) -This is the Total city-based unique subscribers from the Prarang Hindi FB page and the Prarang App who reached this specific post. Do note that any Prarang subscribers who visited this post from outside (Pin-Code range) the city OR did not login to their Facebook account during this time, are NOT included in this total.
B. Website (Google + Direct) -This is the Total viewership of readers who reached this post directly through their browsers and via Google search.
C. Total Viewership —This is the Sum of all Subscribers(FB+App), Website(Google+Direct), Email and Instagram who reached this Prarang post/page.
D. The Reach (Viewership) on the post is updated either on the 6th day from the day of posting or on the completion ( Day 31 or 32) of One Month from the day of posting. The numbers displayed are indicative of the cumulative count of each metric at the end of 5 DAYS or a FULL MONTH, from the day of Posting to respective hyper-local Prarang subscribers, in the city.

RECENT POST

  • प्रदूषण और कोहरा मिलकर बड़ा रहे है, हमारे शहरों में अँधेरा
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     26-11-2022 10:53 AM


  • भारतीय किसानों को अधिक दूध के साथ-साथ अतिरिक्त लाभ भी पंहुचा सकती हैं, चारा फसलें
    भूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)

     25-11-2022 10:49 AM


  • किसी भी व्यवसाय के सुख-दुःख का गहराई से विश्लेषण करती पुस्तक
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     24-11-2022 11:07 AM


  • पहनावे और सुगंध का संयोजन, आपको भीड़ में भी सबसे अलग पहचान दिलाएगा
    गंध- ख़ुशबू व इत्र

     23-11-2022 10:50 AM


  • कैसे कर रहे हैं हमारे देश के आदिवासी समुदाय पवित्र वनों का संरक्षण?
    जंगल

     22-11-2022 10:45 AM


  • भारतीय बाजार में टेलीविजन की बढ़ती मांग को पूरा करेंगे, भारतीय टेलीविज़न निर्माता
    संचार एवं संचार यन्त्र

     21-11-2022 10:37 AM


  • शून्य-गुरुत्वाकर्षण में इस टी-हैंडल की हरकतें आपको भी हैरान कर देंगी
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     20-11-2022 12:54 PM


  • पृथ्‍वी पर सबसे लंबी उम्र वाले जीव कवक
    शारीरिक

     19-11-2022 11:11 AM


  • ब्रिटेन में अश्वेतों का इतिहास
    सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

     18-11-2022 10:59 AM


  • विषम परिस्थिति में भी आदर्श शहरीकरण की मिसाल है, रेतीला शहर अल्जीरिया
    मरुस्थल

     17-11-2022 11:46 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id