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रामपुरी व्यंजनों का साथ देने के लिए कौन सी रोटी है आपकी पसंदीदा ?

मेरठ

 16-12-2021 12:11 PM
स्वाद- खाद्य का इतिहास

भारतीय मुख्य उपज रोटी एक अखमीरी चपटी ब्रेड है और देश भर में इसके कई रूप देखने को मिल जाते हैं। गेहूं के आटे से बनाई जाने वाली यह पौष्टिक और स्वास्थ्यवर्धक होती है और अक्सर भारतीय घरों में इसका मुख्य रूप से उपयोग किया जाता है।यदि इसमें मक्खन या घी डाला जाएं तो यह काफी स्वादिष्ट लगती है! भारत एक विविध देश होने के कारण, स्थानीय अवयवों के आधार पर प्रत्येक राज्य की रोटी में भिन्नता देखी जा सकती है।
चपाती: रोटी को कई मोटाई में बेला जा सकता है।पतली, मुलायम बेली हुई रोटी को चपाती कहतेहैं। यह कई घरों में, खासकर उत्तर भारत में हर रोज बनाई जाती है। इसे पूरे गेहूं के आटे का उपयोग करके बनाया जाता है और इसे तवे पर पकाया जाता है। चपाती शब्द हिंदी भाषा से आया है जिसका अर्थ है थप्पड़। इसे चपाती इसलिए कहते हैं क्योंकि इसे बनाते समय आटे को हाथों के बीच थपथपाया जाता है।
मक्की रोटी:मक्की का मतलब मकई है और यह रोटी मक्के के आटे या पीले मकई के आटे का उपयोग करके बनाई जाती है। यह इस रोटी को पीला रंग देता है। इसे तवे पर बनाया जाता है और गरमा गरम सरसों के साग के साथ परोसा जाता है। मक्की की रोटी और सरसों का साग पंजाब का एक पारंपरिक व्यंजन है।
अक्की रोटी:यह कर्नाटक का मशहूर व्यंजन है अक्की यानी चावल और इस रोटी को चावल के आटे से बनाया जाता है। केवल चावल का आटा ही नहीं, इसमें कद्दूकस की हुई सब्जियां और ढेर सारे मसाले भी हैं। इसे चटनी के साथ परोसा जाता है और इसके साथ कोई अन्य सब्जी की आवश्यकता नहीं होती है।
थालीपीठ रोटी:यह महाराष्ट्रीयन चपाती दो अलग-अलग प्रकार के आटे- बाजरा और ज्वार से बनाई जाती है। आटे के साथ इसमें चावल, चना और मसाले भी होते हैं। कुछ लोग इसमें सब्जियां भी मिलाते हैं जो इसे पौष्टिक बनाती हैं। थालीपीठ को दही या घी के साथ परोसा जाता है। यह कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भी बहुत लोकप्रिय है।
मिस्सी रोटी:यह राजस्थानी विशेषता चपाती के समान है क्योंकि इसमें समान सामग्री है। मिस्सी रोटी में बहुत सारे मसाले होते हैं जैसे लाल मिर्च पाउडर, जीरा पाउडर और हल्दी पाउडर जिन्हें आटे में मिलाया जाता है। इस स्वादिष्ट रोटी को किसी भी सब्जी के साथ परोसा या खाया जा सकता है।
कुट्टू रोटी:यह नवरात्रि व्रत के दौरान एक बहुत ही आम खाद्य पदार्थ है। इसे कुट्टू मैदा और आलू से बनाया जाता है। इस रोटी की सबसे अच्छी बात यह है कि यह ग्लूटेन (Gluten)मुक्त होती है जो इसे सेहतमंद बनाती है।
पराठा:ये गेहूं के आटे से बनते हैं और अपने आप में एक संपूर्ण भोजन हैं। ये दो तरह के होते हैं: सादा और भरवां परांठे।इसमें भरावट किसी भी सब्जी की हो सकती है लेकिन सबसे आम आलू है और अन्य भरावट में फूलगोभी, प्याज, मूली, अंडा और पनीर शामिल हैं। आप इसे मक्खन, दही या आचार के साथ खा सकते हैं।
रूमाली रोटी:यह एक पतली मुलायम रोटी होती है जिसे रूमाल की तरह मोड़ा जा सकता है। यह रोटी अवधी, मुगलई और हैदराबादी व्यंजनों में काफी लोकप्रिय है। इसे संपूर्ण गेहूं या मैदा से बनाया जाता है और यह सफेद रंग की होती है।
गुड़ की रोटी:सर्दियों में गुड़ की रोटी खाने का एक अलग ही आनंद मिलता है। ये गुड़ की रोटियां छोटी और थोड़ी मोटी चपटी रोटी होती हैं। वे गुड़ और गेहूं के आटे को मिश्रित करके बनाई जाती हैं। इन्हें आमतौर पर मीठी रोटी के नाम से जाना जाता है और बच्चे इन्हें बहुत पसंद करते हैं। हमारे रामपुर के रामपुरी व्यंजनों में फितरी नान, नान-ए-तनक, शीरमल, किश्मिशी परांठा, वाह वाह रोटी, गिलाफी कुलचा, बकुरखानी, तफ्तान और खमेरी रोटी जैसी कई तरह की रोटी हैं। रामपुर का स्वाद कश्मीरी, अवधी और हैदराबादी परंपराओं के मेल को संदर्भित करता है।वहीं तंदूरी रोटी को मिट्टी के ओवन (Oven) में बनाया जाता है। इसके ऊपर मक्खन या घी को लगाया जाता है।सबसे छोटे फूले हुए चपटे ब्रेड को फुल्का कहा जाता है। जब गूँथे हुए गेंहू के आटे को तेल में तला जाता है तो उसे पूड़ी कहते हैं।मैदा से बनी रोटी को नान कहा जाता है। वहीं गूँथे हुए मैदा के आटे को तेल में तलने पर परोसे जाने वाली रोटी को भटूरा कहा जाता है। इसे अक्सर मसालेदार छोले की सब्जी के साथ खाया जाता है।जैसे भारत में रोटी के विभिन्न स्वरूप पाए जाते हैं, ऐसे ही भारत तक सीमित न होकर रोटी के विश्व के अन्य देशों में भी पाई जाती है:
श्रीलंका (Sri Lanka):श्रीलंका में, पोल रोटी (नारियल की रोटी) नामक रोटी का एक प्रकार बनाया जाता है, जो गेहूं के आटे और/या कुराक्कन के आटे और कदूकस किए गए नारियल से बनी होती है।कभी-कभी इन्हें पकाने से पहले कटी हुई हरी मिर्च और प्याज को मिश्रित किया जाता है। ये आमतौर पर अन्य प्रकार की रोटी की तुलना में अधिक मोटे और सख्त होते हैं।श्रीलंका में लोकप्रिय रोटी की एक अन्य किस्म कोट्टू रोटी है, जो पराठे या गोदम्बा रोटी से बनी होती है, इन्हें छोटे टुकड़ों में काटा जाता है, आकार में छोटा और आयताकार या चौकोर के होते हैं।फिर एक चौकोर गरम तवे पर सब्जियों और प्याज़ को फ्राई किया जाता है। तली हुई सब्जियों में अंडे, पका हुआ मांस या मछली डालकर कुछ मिनट के लिए गर्म किया जाता है। अंत में कटे हुए पराठे के टुकड़े को इनके ऊपर डाल दिया जाता है।
कैरेबियन (Caribbean):रोटी कैरेबियन में व्यापक रूप से खाई जाती है, खासकर त्रिनिदाद और टोबैगो (Trinidad and Tobago), गुयाना (Guyana), सूरीनाम (Suriname) और जमैका (Jamaica) जैसे बड़े इंडो-कैरेबियन आबादी वाले देशों में।मूल रूप से भारतीय उपमहाद्वीप के क़रारबद्ध मजदूरों द्वारा रोटी को द्वीपों में लाया गया, तभी से रोटी इन देशों के सांस्कृतिक रूप से समृद्ध व्यंजनों में एक लोकप्रिय उपज बन गई है।
गुयाना (Guyana):गुयाना में दोस्ती रोटी आम है। रोटी को नरम बनाने के लिए आटे के प्रत्येक टुकड़े को बेलने से पहले उसमें थोड़ी मात्रा में तेल को डाला जाता है।आमतौर पर वनस्पति तेल का उपयोग किया जाता है, लेकिन मक्खन, या कृत्रिम मक्खन का भी उपयोग किया जा सकता है। घी का उपयोग रोज़ाना खाना पकाने में नहीं किया जाता है, बल्कि विशेष अवसरों पर किया जाता है, खासकर हिंदुओं द्वारा।
सूरीनाम (Suriname):सूरीनाम में, रोटी मुख्य रूप से ढलपुरी या आलू पुरी को संदर्भित करता है। इसे यहाँ ज्यादातर करी चिकन के साथ खाया जाता है।
इंडोनेशिया और मलेशिया (Indonesia and Malaysia):इंडोनेशिया और मलेशिया में, इस शब्द में पश्चिमी शैली के ब्रेड के साथ-साथ पारंपरिक भारतीय रोटी सहित सभी प्रकार का ब्रेड शामिल है।
दक्षिण अफ्रीका (South Africa):रोटी को शुरू में 19वीं शताब्दी के दौरान भारतीय प्रवासियों द्वारा दक्षिण अफ्रीका में पेश किया गया था, और बाद में इसे डरबन (Durban) व्यंजनों में शामिल किया गया। यह दक्षिण अफ्रीका में रहने वाले भारतीय समुदायों द्वारा व्यापक रूप से खाया जाता है, और इसे या तो एक चपटे ब्रेड के रूप में खाया जाता है या स्थानीय रूप से बनाई गई करी के साथ लपेटा जाता है।
मॉरीशस (Mauritius):इसी तरह अन्य देशों के साथ, जो भारतीय प्रवासियों का हिस्सा थे, 19वीं शताब्दी के दौरान भारतीय प्रवासी मजदूरों द्वारा मॉरीशस में रोटी पेश की गई थी, और तब से मॉरीशस के व्यंजनों और एक आम स्ट्रीट(street)व्यंजन का मुख्य हिस्सा रहा है।
ईरान (Iran):ईरान में, रोटी के दो प्रकारों को खाबू और लवाश कहा जाता है। ये दो ब्रेड (जिनमें से पहली लगभग भारतीय रोटी की तरह ही तैयार की जाती है) अन्य रोटियों से काफी मिलती-जुलती हैं। दुनिया भर की ब्रेड की तरह, रोटी अन्य खाद्य पदार्थों की मुख्य व्यंजन है।जिसे काफी स्वाद के साथ खाया जाता है और अक्सर इसको खाए बिना भूक नहीं मिटती है।

संदर्भ :-
https://bit.ly/3DX7gDJ
https://bit.ly/3pYE3U3
https://bit.ly/3GNHZh1
https://bit.ly/3yvYifB
https://bit.ly/3oUa5kD

चित्र संदर्भ   
1. रोटी के साथ परोसी गई सब्जियों को दर्शाता एक चित्रण (wikimedia)
2. चपाती को दर्शाता एक चित्रण (wikimedia)
3. मक्की रोटी को दर्शाता एक चित्रण (wikimedia)
4. अक्की रोटी को दर्शाता एक चित्रण (youtube)
5. थाली पीट रोटी को दर्शाता एक चित्रण (youtube)
6. मिस्सी रोटी को दर्शाता एक चित्रण (youtube)
7. कुट्टू रोटी को दर्शाता एक चित्रण (youtube)
8. पराठे को दर्शाता एक चित्रण (wikimedia)
9. रुमाली रोटी को दर्शाता एक चित्रण (flickr)
10. गुड़ की रोटी को दर्शाता एक चित्रण (youtube)

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