मेरठ का भूगोल और वनस्पति जीवन

मेरठ

 22-12-2017 11:55 AM
निवास स्थान
गंगा यमुना दोआब के उर्वर किनारे बसा मेरठ विभिन्न प्रकार के वनस्पति जीवन से संपन्न है। हिमालय से बहती नदियाँ प्लेस्टोसीन और समकालीन कछारी तलीय मिट्टी से तथा असमेकित जलोढ़ गाद से यहाँ की जमीन को उर्वर व संपन्न करती है। पहाड़ से परे मेरठ, मानसून से प्रभावित नम उपोष्णकटिबंधीय जलवायु और बारिश की वजह से जो यहाँ पर तक़रीबन 845 मिलीमीटर सालना के हिसाब से गिरती है, वनस्पति जीवन और खेती के लिए काफी अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराता है। यहाँ की उपजाऊ ज़मीन विविध पुष्प तथा वनस्पति जीवन का घर हैI इस वजह से मेरठ देश के उन चुनिंदा जगहों में हैं जहाँ वनस्पति उद्यान मौजूद है। यह वनस्पति उद्यान यहाँ के चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (मेरठ यूनिवर्सिटी) में स्थित है। वनस्पति अध्ययन और शिक्षण के लिए यह 1970 में मेरठ यूनिवर्सिटी की 8.3 हेक्टेयर ज़मीन में स्थापित किया गया। यहाँ पर बहुमूल्य और बड़ी मात्रा में उष्णकटिबंधीय वनस्पतियाँ मौजूद हैंI विभिन्न प्रकार के पेड़-पौधे, झाड़ियाँ एवं जडी-बुटीयाँ उनके आर्थिक, औषधीय और सजावटी गुणधर्मों के लिए मानी जातीं हैं। मेरठ में गन्ना, गेंहू, चावल, अरहर और सरसों इन प्रमुख फसलों के साथ आम, अमरुद जैसे फल; आलू, गोभी, बैंगन और भिन्डी जैसी सब्जियां तथा गेंदा और रजनीगंधा जैसे फूल भी यहाँ की प्रमुख वनस्पतियाँ हैं। उपरोक्त जानकारी से हमे यह पता चलता है की प्रमुख फसलों एवं वनस्पस्तियों के अलावा औषधी पेड़-पौधे, झाड़ियाँ एवं जडी-बुटीयाँ भी मेरठ के वनस्पति जगत के महत्वपूर्ण अंग हैं। 1. बायोडायवर्सिटी एंड इट्स कॉन्सर्वेशन इन इंडिया: शरद सिंग नेगी, 302 2. डिस्ट्रिक्ट प्रोफाइल: कृषि विज्ञान केंद्र मेरठ http://meerut.kvk4.in/district-profile.html 3. इंडियन जर्नल ऑफ़ ट्रेडिशनल नॉलेज वॉल्यूम 8 (2) अप्रैल 2009, फोक मेडिसिनल यूसेस ऑफ़ प्लांट रूट्स फ्रॉम मेरठ डिस्ट्रिक्ट, उत्तर प्रदेश: अमित तोमर, 298-301 4. इंडियन बोटैनिकल सोसाइटी: मेरठ चैप्टर, प्लांट कॉन्सर्वेशन सोसाइटी: बॉटनी डिपार्टमेंट, आर. जी ( पी. जी) कॉलेज, मेरठ http://www.indianbotsoc.org/admin/pdf/IBS%20MEERUT%20CHAPTER1444123232.pdf 5. न्यू प्लांट रेकॉर्ड्स फ्रॉम अप्पर गंगेटिक प्लेन फ्रॉम मेरठ एंड इट्स नेबरहुड: वाय. एस मूर्ती और वी. सिंग http://www.insa.nic.in/writereaddata/UpLoadedFiles/PINSA/Vol27B_1961_1_Art03.pdf

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