प्रौद्योगिकि के माध्यम से कैसे घर-घर पहुंच रहे हैं विश्वसस्त रीय संग्रहालय

मेरठ

 17-05-2021 09:50 PM
संचार एवं संचार यन्त्र वास्तुकला 1 वाह्य भवन

कोविड -19 (COVID-19) महामारी का यह दूसरा वर्ष चल रहा है जिसमें इसने विश्वग को बुरी तरह से प्रभावित कर दिया है और यह समाज में अपने एक नए स्व्रूप को परिभाषित कर रहा है। ऐसे परिदृश्यप में संग्रहालय भी स्वायं को एक नए तरीके से परिभाषित करने का प्रयास कर रहे हैं,जिनमें भारत भी शामिल है; यहां कई विश्व स्तरीय संग्रहालय मौजूद हैं। कोविड-19 महामारी के चलते विश्वर के अधिकांश देश एक दूसरे देश के साथ अपनी सीमाओं को बंद कर रहे हैं ताकि आवाजाही को रोका जा सके। ऐसे में कई संग्रहालय भी बंद पड़ गए हैं तो वहीं कई ने प्रौद्योगिकी का उपयोग करके आभासी प्रदर्शनियों के माध्यसम से अपने संग्रहालयों को लोगों के घरों तक पहुंचा दिया है।
2016 में वर्चुअल रियलिटी (वीआर) (Virtual Reality (VR)) और ऑगमेंटेड रियलिटी (एआर) (Augmented Reality (AR)) वर्चुअल से रियलिटी की ओर चले गए क्योंकि प्रौद्योगिकियों ने उपयोगकर्ताओं को लाभ पहुंचाने के लिए बड़े पैमाने पर परिपक्वता हासिल की। हालाँकि, इन प्रौद्योगिकियों को अपनाने वाले संग्रहालयों की संख्या अभी भी मध्यम है, VR / AR बड़े संग्रहालयों में देखी जाने वाली फैंसी तकनीक (fancy technology) नहीं है, लेकिन यूरोप (Europe) के विभिन्न छोटे सांस्कृतिक स्थलों में इसका उपयोग किया जा रहा है। आइए देखते हैं कैसे एआर / वीआर ने संग्रहालय के अनुभव को बदल दिया है और कैसे सांस्कृतिक क्षेत्र को प्रभावित करना जारी रखेगा?
कुछ संग्रहालयों को वीआर (VR ) और वर्चुअल प्लेटफार्मों (virtual platforms) द्वारा प्रतिस्थापित किए जाने का डर सता रहा है।यदि संग्रह व्यापपक और सुविधाजनक रूप से लोगों के घरों तक पहुंच जाएंगे, तो फिर संग्रहालयों की क्‍या भूमिका रह जाएगी? कुछ लोग आभासी क्षेत्र (virtual realm) को खतरा मानते हैं, जबकि अन्य नए अनुभव प्रदान करने और नए दर्शकों को आकर्षित करने के लिए इसे एक अवसर के रूप में देखते हैं।वीआर दर्शकों की जिज्ञासा को बढ़ाता है और उन्हें और अधिक देखने के लिए प्रोत्सातहित करता है।सामाजिक निर्माण में विश्व व्यापी व्यवधानों के दौरान यह बिंदु अब और भी अधिक प्रासंगिक हो जाता है। ए-आर एक सजीव संग्रहालय प्रदर्शित करता है, अधिकांश संग्रहालय इसके उपयोग पर जोर दे रहे हैं क्यों कि यह वास्तविक दुनिया में ध्वनियों, दृश्य सामग्री और अतिरिक्त जानकारी के माध्यजम से स्थिर वस्तुओं को सजीवता से जोड़ने का प्रयास करता है।आभासी वास्तविकता में सुधार के साथ हमने पिछले कुछ वर्षों में देखा है कि यह जल्दा ही भविष्य के बारे में सोचने के लिए भी सक्षम हो सकता है, जहां आभासी स्कूलों की यात्राएं वीआर उपकरण पहने बच्चों द्वारा अपनी कक्षा में ली जाती हैं, जहां आप अपने खुद के आभासी संग्रहालय बना सकते हैं और इसमें शामिल हो सकते हैं एक ही स्थान पर विभिन्न संग्रह से आपकी पसंदीदा कलाकृतियाँ और कला के प्रभावों को अनुभव कर सकते हैं।
2013 में, ऑस्ट्रेलिया (Australia) के राष्ट्रीय संग्रहालय ने एक आभासी संग्रहालय के दौरे को ढाल दिया जिसने ऑनलाइन आगंतुकों को कैमरे (Cameras), स्पीकर (speakers) और माइक्रोफोन (microphones) से युक्ता एक रोबोट (robot) को नियंत्रित करने और संग्रहालय के चारों ओर अपनी गति से संग्रहालय के निर्देशों का पालन करने की अनुमति दी। दूरस्थ आगंतुकों को संग्रहालय के साथ ऑनलाइन बातचीत करने की अनुमति देने का यह नया तरीका विशेष रूप से पूरे ऑस्ट्रेलिया में फैले स्कूली बच्चों के साथ लोकप्रिय साबित हुआ। अब देश भर के बच्चेु लंबी उड़ान के बाद संग्रहालय आने की बजाय अपनी कक्षा से अपनी विरासत और सांस्कृतिक कलाकृतियों के दौरे में भाग ले सकते हैं।जिन स्कूली बच्चों के लिए,भौतिक संग्रहालय का दौरा करने की संभावना नहीं थी, रॉबोट के उपयोग ने इसे संभव बना दिया।
जब हम ऑनलाइन संग्रहालयों (online museums ) के मुद्दे पर विचार विमर्श करते हैं तो क्याल वास्त व में इस प्रकार के संग्रहालयों का निर्माण किया जाना चाहिए, के पीछे कई प्रश्नस उठते हैं।इन प्रश्नों की श्रृंखला शुरू करने से पहले इसमें सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि "आप एक संग्रहालय को कैसे परिभाषित करते हैं?" और, जैसा कि आप उम्मीद करेंगे, आप जितने अधिक लोगों से पूछेंगें आपको उतने अधिक जटिल और विविध जवाब मिलेंगे।
कोलिन्स शब्दकोश(Collins Dictionary) के अनुसार "एक संग्रहालय एक इमारत है जहां बड़ी संख्या में दिलचस्प और मूल्यवान वस्तुएं, जैसे कि कला या ऐतिहासिक वस्तुओं को रखा जाता है, उनका अध्ययन किया जाता है और जनता के लिए उन्हेंस प्रदर्शित किया जाता है।"
यूके म्यूजियम एसोसिएशन (UK Museums Association) के अनुसार "संग्रहालय लोगों को उन संग्रहों का पता लगाने में सक्षम बनाते हैं, जिनसे उन्हें प्रेरणा, ज्ञान और आनंद प्राप्तअ हो सके। ये ऐसी संस्थाएं हैं जो एकत्रीकरण करती हैं, उनकी सुरक्षा करती हैं और वे ऐसी सुलभ कलाकृतियां और नमूने बनाते हैं, जिन पर समाज विश्वाtस कर सके। इस परिभाषा में कला दीर्घाओं के संग्रह के साथ वस्तुओं के ऐतिहासिक संग्रह भी शामिल हैं।”
जैसा कि यूके म्यूजियम एसोसिएशन कहती है कि हम "ऐसी संस्थानों की तलाश कर रहे हैं जो संग्रहित, सुरक्षित और सुलभ हों" और एक भौतिक इमारत कभी-कभी लोगों की पहुंच को सीमित कर देती है। एक ऑनलाइन संग्रहालय वास्तव में उन संग्रहों तक पहुंच में सुधार कर सकता है जिनकी संग्रहालय देखरेख कर रहा है, इसके माध्य म से लोग स्थाचनों की परवाह किए बिना आसानी से प्रदर्शनियों तक पहुंच सकते हैं, संग्रहालयों और दीर्घाओं द्वारा आयोजित की जाने वाली कलाकृतियों के बीच संबंध बनाते हैं। हाल के वर्षों में संग्रहालयों के प्रति लोगों के मध्यस बहुत अधिक जागरूकता बड़ी है, जिसके चलते यहां आगंतुकों की संख्याह में भी वृद्धि हो रही है। इसलिए संग्रहालयों की सुरक्षा को देखते हुए कई स्था नों पर पर्यटकों की संख्याृ को नियंत्रित करना पड़ रहा है ताकि यहां पर सुरक्षित रखी गयी चीजों को भावी पीढ़ी के लिए भी संरक्षित रखा जा सके।वी एंड ए, लंदन (V&A, London) अर्दबील (Ardabil) कालीन का घर है, जो प्रत्येक घंटे में केवल 10 मिनट के लिए प्रकाशित किया जाता है ताकि कालीनों के समृद्ध रंगों और बढ़िया बनावट को नष्ट किए बिना आगंतुकों को इसे दिखाया जा सके। ऑनलाइन संग्रहालय के संग्रह में इन कालीनों को शामिल करने से इन कालीनों को काफी लंबे समय तक करीब से देखा जा सकता है,जो वास्तविक जीवन में कभी भी संभव नहीं होगा।जैसे-जैसे दुनिया की आबादी बढ़ती जा रही है, हमें अपने ऐतिहासिक संग्रह, कलाकृतियों और कला के कार्यों को साझा करने के लिए किसी भौतिक स्थान की यात्रा करने की बजाए अन्यक विकल्पों की तलाश करनी होगी। एक ऑनलाइन संग्रहालय, सामग्री को दुनिया भर में साझा करने की अनुमति दे सकता है। वर्तमान परिदृश्या को देखते हुए ऑनलाइन संग्रहालय सबसे कारगर सिद्ध होगा। भारत के कई संग्रहालय इसकी पेचकश भी कर रहे हैं।मुंबई में स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज वास्तु संग्रहालय (Chhatrapati Shivaji Maharaj Vastu Sangrahalay) ने सभी भारतीय संग्रहालय वेबसाइटों (Websites) के बीच सबसे अधिक मूल ऑनलाइन प्रदर्शनियों के बारे में जानकारी दी है, जो उपलब्ध थे उनमें से अधिकांश गूगल आर्ट एंड कल्चर (Google Art & Culture) के सहयोग से डिजिटाइज़ (digitized) किए गए थे, जो संग्रहालयों को अपनी ऑनलाइन प्रदर्शनी लगाने में मदद करता है। एक अन्य भारतीय संग्रहालय डॉ. भाऊ दाजी लाड मुंबई सिटी म्यू्जियम (Dr. Bhau Daji Lad Mumbai City Museum) ने गूगल आर्ट एंड कल्चर के साथ सहयोग किया। यह वी वेयर कल्चर प्रोजेक्ट (We Wear Culture project) में शामिल हो गया है, जो पहनावे (attire) के पीछे की कहानियों को प्रस्तुत करता है। इसे प्राप्त करने के लिए, विभिन्न देशों के दर्जनों संग्रहालयों द्वारा पहल की गई है, जिनमें उपरोक्त दोनों मुंबई संग्रहालय भी शामिल हैं।
नेशनल गैलरी ऑफ़ मॉडर्न आर्ट, दिल्ली (National Gallery of Modern Art, Delhi) भी अपने संग्रह के एक भाग के लिए आभासी दीर्घाएँ प्रदान करता है। इसमें यूरोपीय यात्री कलाकारों की आंखों के माध्यम से भू-भाग और औपनिवेशिक भारत के लोगों को देखने का अवसर मिलता है।छवियों और ध्वनियों का आभासी संग्रहालय हमें ध्वनि रिकॉर्डिंग (Sound recording) या अभिलेखीय तस्वीरों जैसी सामग्रियों का पता लगाने देता है।
1947 विभाजन पुरालेख: जबकि भौतिक संग्रहालय नहीं है, 1947 में भारत के विभाजन के दौरान संग्रहालय के पीछे की टीम ने 9,000 से अधिक लोगों की कहानियों को एकत्र किया। वे कहानियां, जो सीमा के दोनों ओर (पाकिस्तानी और भारतीय) के लोगों के अक्सर मार्मिक भाग्य का दस्तावेज हैं - को रिकॉर्ड किया गया है और संग्रहीत किया गया है; कोई भी उन्हें वेबसाइट पर सुन सकता है। समान स्थिति हड़प्पाप सभ्यरताओं के स्थरलों की भी है, इन्हेंई भी ऑनलान मंच (Harappa.com) के माध्यिम से देखा जा सकता है।
इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ म्यूजियम (International Council of Museums (ICOM)) ने अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस 2020 को समर्पित एक वेबसाइट बनाई है। इसमें समृद्ध सामग्री और उपकरण शामिल किए गए हैं - जिसमें प्रचार ग्राफिक्स (Promotional graphics) के साथ संचार किट (Communication kit), जैसे डिजिटल बैनर (Digital banner) और एक पोस्टर (poster) जिसे अनुकूलित किया जा सकता है, मुद्रित किया जा सकता है, या डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म (Digital platform) पर पोस्ट किया जा सकता है। एक बार योजनाओं को अंतिम रूप देने के बाद, आपका संग्रहालय आपके स्थान को इंगित कर सकता है और दुनिया भर के अन्य संग्रहालयों के साथ-साथ एक ऑनलाइन इंटरेक्टिव (Online interactive) मानचित्र में पाठ और छवियों के माध्यम से अपनी थीम पर आधारित (themed) गतिविधियों को साझा कर सकता है।

संदर्भ:
https://bit.ly/3uSQfHn
https://bit.ly/33C8che
https://bit.ly/3tO8igx
https://bit.ly/3eG6ZvO
https://bit.ly/3o7wTeO
https://bit.ly/3tCipVn

चित्र संदर्भ
1. संग्रहालय तथा VR उपकरण पहने लड़की का एक चित्रण (Unsplash)
2 . VR उपकरण पहने व्यक्ति का एक चित्रण (Unsplash)
3 . संग्रहालय का एक चित्रण (Wikimedia)


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