Post Viewership from Post Date to 17-Mar-2021 (5th day)
City Subscribers (FB+App) Website (Direct+Google) Email Instagram Total
2531 7 0 0 2538

***Scroll down to the bottom of the page for above post viewership metric definitions

मंगल ग्रह लाल नहीं है - यह मानवता के ध्यान की गहनता से भरा हुआ है

मेरठ

 12-03-2021 09:46 AM
संचार एवं संचार यन्त्र
चौंकिएगा मत यदि आज से 10 साल बाद कोई आपको ये कहे कि चलो गर्मियों में मंगल ग्रह पर छुट्टियां बिताने चलते है। जी हाँ यह बिल्कुल संभव है। और इंसानों के इस बेहद महत्वाकांक्षी सपने को पूरा करने के लिए पूरे विश्व की सारी स्पेस एजेंसी अपनी पूरी ताकत झोंक चुकी है। और इन सारी कोशिशों के बाद सकारात्मक परिणाम आने शुरू हो चुके हैं।
सबसे पहले हमारे लिए मंगल ग्रह के बारे में कुछ बेहद दिलचस्प और ज़रूरी बातें जानना आवश्यक है। हमारे सौरमंडल में धरती सूरज से तीसरे नंबर (सूरज से 9.3 करोड़ मील की दूरी) पर स्थित है। तथा मंगल ग्रह सूरज से चौथे नंबर यानि (लगभग 14.2 करोड़ मील की दूरी) पर स्थित है। इस आंकड़े से एक बात और साफ़ हो जाती है की, मंगल गृह प्रथ्वी की तुलना में अधिक ठंडा है। क्यों कि सूरज की किरणों को मंगल तक का सफर तय करने में अधिक समय लगता है। तथा वे किरणे मंगल पर पृथ्वी की तुलना में कम क्षमता के साथ पहुंच पाती है।. मंगल ग्रह का व्यास (4,220 मील) धरती के व्यास से (7,926 मील) लगभग आधा है। यानि हमारी पृथ्वी उस ग्रह से दोगुनी बड़ी है। मंगल का वातावरण 96 फीसदी कार्बन डाई ऑक्साइड (CO2), 1.93 प्रतिशत आर्गन, 0.14 प्रतिशत ऑक्सीजन(O2) और 2 प्रतिशत नाइट्रोजन्स (N) गैस से भरा है। चूँकि ऑक्सीज़न और कार्बन डाई ऑक्साइड जैसी गैसों की उपलब्धता है। इसलिए मंगल पर मानव जीवन को बसाने के प्रयास लगाए जा रहे हैं।
आज पूरी दुनिया की जनसँख्या अभूतपूर्व रूप से वृद्धि कर रही है। और यदि जनसँख्या इसी तरह बढ़ती रही, तो भविष्य में मनुष्य के लिए संसाधनो,रहने, और खाने-पीने जैसी मूलभूत जरूरतों का आभाव हो सकता है। पृथ्वी पर भुखमरी, दंगे जैसी अन्य समस्याएं उतपन्न हो सकती है। साथ ही धरती पर बढ़ता प्रदूषण बड़े परमाणु हमले या पृथ्वी के बाहर से आने वाले उल्का पिंड या उस जैसी कई अन्य भयंकर आपदाएँ पृथ्वी पर कभी भी बिन बुलाये मेहमानों की तरह आ सकती है। यही वो कारण हैं, की आज मनुष्य को धरती के बाहर जीवन तलाशने की ज़रूरत पड़ रही है। क्यों की ऐसा न करने पर सम्पूर्ण मानवता पूर्ण रूप से विलुप्त हो सकती है।
आज पूरी दुनिया मंगल ग्रह पर जीवन को लेकर आस लगाये बैठी है। लोग हमारे इस पडोसी गृह में इतनी रूचि लेने लगे हैं कि मंगल मिशन पर हॉलीवुड और बॉलीवुड में कई सारी फ़िल्में भी बनी लगी है। ऐसी ही एक फिल्म जीरो में मंगल मिशन की कहानी को दिखाया गया है। जिसमे कहानी के मुख्य पात्र शाहरुख़ खान जो की एक बौना आदमी होता है। वह मेरठ से मंगल गृह तक की यात्रा करता है। और 15 साल बाद मंगल से लौटने के बाद भी वह धरती वासियों से 15 साल छोटा ही होता है। मंगल पर जाने की कहानी अब हकीकत की दुनिया में भी सच होने के बेहद करीब है।
प्रसिद्ध अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने 30 जुलाई 2020 को अपनी एक बेहद आधुनिक और शक्तिशाली अंतरिक्ष यान पर्सिवियरेंस (Perseverance ) को मंगल पर जीवन की संभावनाओं की तलाश के लिए रवाना किया था। जो की 18 फरवरी 2021 को मंगल गृह की रेतीली और पथरीली ज़मीन पर सफलता पूर्वक उतरा। धरती से मंगल ग्रह की सतह तक पहुंचने में प्रेज़रवेन्स को 45.8 करोड़ किलोमीटर का सफर तय करना पड़ा। अपनी लेंडिंग के तुरंत बाद नासा के इस यान ने पृथ्वी पर जो तस्वीरें भेजी है, वो बेहद रोमांचित करने वाली है। और मंगल ग्रह पर इंसानों के बसेरे के भरोसे को और मज़बूत करती हैं। यह रोवर मंगल ग्रह पे खनिजों, वातावरण और करोड़ों सालों पहले मंगल ग्रह पर जीवन के प्रमाणों की जानकारी पृथ्वी से टकटकी लगाये वैज्ञानिको को देगा। इस कमाल के यान में स्वचालित सोलर पैनल लगाए गए है, जो सूरज की रोशनी से खुद को चार्ज करने और रोवर में लगे छोटे-बड़े उपकरणों को ऊर्जा देंगे। नासा के इस बेहद महत्वकांक्षी मिशन में कुल 2.2 अरब अमरीकी डॉलर का खर्च आया। ये प्रोजेक्ट को अंतरिक्ष से जुड़े कुछ बेहद महंगे प्रजेक्ट में से एक है।
इंसानियत मंगल गृह पर अपने पाँव जमाना शुरू कर चुकी है। और शायद आने वाले कुछ सालों में हम धरती को छोड़कर मंगल या अन्य निकटतम ग्रहों पर रहने लगे। लेकिन हम सभी को अंतररिक्ष को जीतने की होड़ में इस बात को भी याद रखना पड़ेगा, कि मगल या दूसरे ग्रह हमारे लिए अभी भी भविष्य की बात है। हमारा ध्यान इस बात पर भी बना रहना चाहिए की धरती हमारे लिए रहने का एक आदर्श स्थान बनी रहे।

संदर्भ:
https://en.wikipedia.org/wiki/Mars_2020
https://bit.ly/3laCrDH
https://cnn.it/2PYixjZ
https://bit.ly/3bEAJHD
https://bit.ly/3clIiCp

चित्र संदर्भ:
मुख्य चित्र में मंगल ग्रह पर रोबोट अंतरिक्ष वाहन को दिखाया गया है। (nasa.org)
दूसरी तस्वीर में मंगल ग्रह को दिखाया गया है। (nasa.org)
तीसरी तस्वीर में मंगल ग्रह पर रोबोट अंतरिक्ष वाहन को दिखाया गया है। (nasa.org)
***Definitions of the post viewership metrics on top of the page:
A. City Subscribers (FB + App) -This is the Total city-based unique subscribers from the Prarang Hindi FB page and the Prarang App who reached this specific post. Do note that any Prarang subscribers who visited this post from outside (Pin-Code range) the city OR did not login to their Facebook account during this time, are NOT included in this total.
B. Website (Google + Direct) -This is the Total viewership of readers who reached this post directly through their browsers and via Google search.
C. Total Viewership —This is the Sum of all Subscribers(FB+App), Website(Google+Direct), Email and Instagram who reached this Prarang post/page.
D. The Reach (Viewership) on the post is updated either on the 6th day from the day of posting or on the completion ( Day 31 or 32) of One Month from the day of posting. The numbers displayed are indicative of the cumulative count of each metric at the end of 5 DAYS or a FULL MONTH, from the day of Posting to respective hyper-local Prarang subscribers, in the city.

RECENT POST

  • क्या एंटीरेट्रोवाइरल दवाएं एचआईवी संक्रमण को जड़ से खत्म कर सकती है?
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     01-12-2022 11:50 AM


  • इंडियन स्विफ्टलेट पक्षी: जिसके घोसले की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में है लाखों में
    निवास स्थान

     30-11-2022 10:36 AM


  • टोक्सोप्लाज़मोसिज़ गोंडी- एक ऐसा  परजीवी जो चूहों और इंसानों को भयमुक्त कर सकता है
    कोशिका के आधार पर

     29-11-2022 10:37 AM


  • प्राचीन काल में अनुमानित तरीके से, इस तरह होता था, शरीर की ऊंचाई और जमीन का मापन
    सिद्धान्त I-अवधारणा माप उपकरण (कागज/घड़ी)

     28-11-2022 10:24 AM


  • अरब की भव्य इमारतें बहुत देखी होंगी आपने, पर क्या कभी अरबी शादी भी देखी ?
    सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

     27-11-2022 12:21 PM


  • प्रदूषण और कोहरा मिलकर बड़ा रहे है, हमारे शहरों में अँधेरा
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     26-11-2022 10:53 AM


  • भारतीय किसानों को अधिक दूध के साथ-साथ अतिरिक्त लाभ भी पंहुचा सकती हैं, चारा फसलें
    भूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)

     25-11-2022 10:49 AM


  • किसी भी व्यवसाय के सुख-दुःख का गहराई से विश्लेषण करती पुस्तक
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     24-11-2022 11:07 AM


  • पहनावे और सुगंध का संयोजन, आपको भीड़ में भी सबसे अलग पहचान दिलाएगा
    गंध- ख़ुशबू व इत्र

     23-11-2022 10:50 AM


  • कैसे कर रहे हैं हमारे देश के आदिवासी समुदाय पवित्र वनों का संरक्षण?
    जंगल

     22-11-2022 10:45 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id