माइक्रोलिथ्स के विकास द्वारा चिन्हित किया जाता है, मध्यपाषाण युग

मेरठ

 01-12-2020 11:23 AM
ठहरावः 2000 ईसापूर्व से 600 ईसापूर्व तक

मानव सभ्यता के विकास में पाषाण युग एक बहुत ही विशेष काल रहा है। इस युग को क्रमशः तीन भागों पुरापाषाण (Paleolithic), मध्यपाषाण (Mesolithic) और नवपाषाण (Neolithic) काल, में वर्गीकृत किया गया है। मध्यपाषाण काल, पाषाण युग का दूसरा चरण था, जिसके अंतर्गत मानव सभ्यता के विकास में महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए। भारत में यह युग 9,000 ईसा पूर्व से 4,000 ईसा पूर्व तक चला, जिसे मुख्य रूप से माइक्रोलिथ्स (Microliths) अर्थात छोटे ब्लेडे (Blade) वाले पत्थर के औजारों के निर्माण या विकास से पहचाना गया। इस युग में, पुरापाषाण युग और नवपाषाण युग दोनों की विशेषताएं पायी जाती हैं। शिकार करना, मछली पकड़ना तथा अपना भोजन जुटाना इस युग के लोगों द्वारा किया जाने लगा था।
इसके बाद उन्होंने विभिन्न जानवरों को पालतू बनाना भी शुरू किया। जहां, पहले औजारों और उपकरणों को बनाने के लिए बड़े आकार के पत्थरों का उपयोग किया जा रहा था, वहीं इस युग में छोटे-छोटे आकार के पत्थरों या माइक्रोलिथ्स द्वारा औजार व उपकरण बनाये जाने लगे थे। माइक्रोलिथ्स आकार में बहुत छोटे होते हैं, और उनकी लंबाई 1 से 8 सेंटी मीटर तक होती है। बैक्ड ब्लेड (Backed Blade), कोर (Core), पॉइंट (Point), ट्राइएंगल (Triangle), ल्यूनेट (Lunate) और ट्रेपेज़ (Trapeze), मध्यपाषाण काल के मुख्य उपकरण हैं। हालाँकि, कुछ उपकरणों जैसे स्क्रैपर (Scraper), चॉपर (Choppers) आदि का इस्तेमाल पहले से ही किया जा रहा था। इस युग के लोगों ने चित्र बनाने का भी अभ्यास किया, जिसमें उन्होंने पक्षियों, जानवरों और मनुष्यों को दर्शाया। प्रागैतिहासिक गुफा या शैल चित्र भी इस युग की महत्वपूर्ण विशेषता है। ये चित्र उन विभिन्न विषयों को दर्शाते हैं, जो मानव और पशु से सम्बंधित हैं। पशु और पक्षियों के अलावा, मछलियां भी इन चित्रों में देखने को मिलती हैं। इन चित्रों में मानव की विभिन्न गतिविधियां, जैसे - नृत्य, दौड़ना, शिकार करना, खेल खेलना, लड़ाई करना आदि प्रदर्शित की गयी हैं। शैल चित्रों को गहरे लाल, हरे, सफेद और पीले रंग से बनाया गया है, ताकि वे स्पष्ट रूप से दिखायी दें।

संदर्भ:
https://www.jagranjosh.com/general-knowledge/the-mesolithic-age-1430564980-1
https://en.wikipedia.org/wiki/Bhimbetka_rock_shelters
https://www.researchgate.net/figure/Map-of-the-Mesolithic-site-of-Damdama-on-the-Gangetic-Plain-India_fig1_223957558
https://www.brainyias.com/mesolithic-age/
https://en.wikipedia.org/wiki/Mesolithic
चित्र सन्दर्भ:
मुख्य चित्र में मध्यपाषण युग के माइक्रोलिथ्स हथियार दिखाए गए हैं। (Publicdomainpictures)
दूसरे चित्र में भीमबेटका गुफा को दिखाया गया है। (Wikimedia)
अंतिम चित्र में भीमबेटका शैल-आश्रय का चित्र दिखाया गया है। (Needpix)

RECENT POST

  • विश्व भर की पौराणिक कथाओं और धर्मों में प्रतीकात्मक महत्व रखते हैं, सरीसृप
    रेंगने वाले जीव

     22-01-2022 10:21 AM


  • क्या है ऑफ ग्रिड जीवन शैली और क्या ये फायदेमंद है?
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     21-01-2022 10:00 AM


  • प्राकृतिक व मनुष्यों द्वारा जानवरों और पौधों की प्रजातियां में संकर से उत्‍पन्‍न संतान एवं उनका स्‍वरूप
    स्तनधारी

     19-01-2022 05:17 PM


  • महामारी पारंपरिक इंटीरियर डिजाइन को कैसे बदल रही है?
    घर- आन्तरिक साज सज्जा, कुर्सियाँ तथा दरियाँ

     19-01-2022 11:04 AM


  • भारतीय जल निकायों में अच्छी तरह से विकसित होती है, विदेशी ग्रास कार्प
    मछलियाँ व उभयचर

     17-01-2022 10:51 AM


  • माँ दुर्गा का अलौकिक स्वरूप, देवी चंडी का इतिहास, मेरठ में इन्हे समर्पित लोकप्रिय मंदिर
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     17-01-2022 05:34 AM


  • विंगसूट फ्लाइंग के जरिए अपने उड़ने के सपने को पूरा कर रहा है, मनुष्य
    हथियार व खिलौने

     16-01-2022 12:45 PM


  • मेरठ कॉलेज, 1892 में स्थापित, हमारे शहर का सबसे पुराना तथा ऐतिहासिक कॉलेज
    सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

     15-01-2022 06:34 AM


  • मकर संक्रांति की भांति विश्व संस्कृति में फसलों को शुक्रिया अदा करते त्यौहार
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     14-01-2022 02:44 PM


  • मेरठ और उसके आसपास के क्षेत्रों में फसल नुकसान का कारण बन रही है, अत्यधिक बारिश
    साग-सब्जियाँ

     13-01-2022 06:55 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id