Machine Translator

क्या चक्रवात अम्फान है, ऊष्मा लहरों का कारण

मेरठ

 05-06-2020 10:35 AM
जलवायु व ऋतु

पिछले कुछ दिनों से, राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र बहुत गंभीर गर्मी का अनुभव कर रही है। गर्मी के इस पहले चरण ने ही ऊष्मा तरंग के तापमान को सामान्य से काफी ऊपर बड़ा दिया है, राजस्थान के चुरू में मंगलवार को 50 डिग्री (Degree) तक का तापमान बताया गया है। एक ऊष्मा तरंग का चरण आमतौर पर न्यूनतम चार दिनों तक रहता है। कुछ अवसरों पर, यह सात या दस दिनों तक बढ़ सकता है। मौसम अधिकारियों द्वारा बताया गया है कि ऊष्मा तरंग का एक कारण हाल ही में पूर्वी भारत और बांग्लादेश के कुछ हिस्सों में आया शक्तिशाली चक्रवात अम्फान तूफान है। कुछ मौसम अधिकारियों का मानना है कि शक्तिशाली चक्रवात अम्फान का तूफान ने देश के अन्य हिस्सों से सारी नमी को सोख लिया है।

एक ऊष्मा लहरों को आमतौर पर क्षेत्र में सामान्य मौसम के सापेक्ष मापा जाता है। एक गर्म जलवायु के लोग जिस तापमान को सामान्य मानते हैं, यदि तापमान उस सामान्य जलवायु से उच्च होता है तो उसे ऊष्मा लहर कहा जा सकता है। ऊष्मा लहरें तब बनती हैं जब उच्च दबाव (10,000-25,000 फीट) शक्तिशाली हो जाता है और एक क्षेत्र में कई दिनों तक या कई हफ्तों तक बना रहता है। मार्च और जून के बीच भारत में ऊष्मा लहरें उत्पन्न होती है। जब मौसम में किसी स्थान के लिए अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार जाता है तो मौसम विज्ञानी ऊष्मा लहर की घोषणा करते हैं। कई नए अध्ययनों से संकेत मिलता है कि सीएचजेड (CHZ) ने इन चार महीनों के दौरान प्रति वर्ष छह से अधिक ऊष्मा लहरों का अनुभव किया है। उत्तरपश्चिम में कई जगह और दक्षिण-पूर्वी तट के साथ के शहरों में प्रति दिन गर्मी के मौसम में आठ ऊष्मा लहरें उत्पन्न होती है। हालांकि, उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पश्चिम भारत में क्षेत्र ऊष्मा लहरों का कम प्रवण है। यह गर्मियों में (उत्तरी और दक्षिणी दोनों गोलार्द्धों में) आम है क्योंकि जेट स्ट्रीम (Jet stream) 'सूर्य का अनुसरण' करती है। जेट स्ट्रीम के भूमध्य रेखा पर, वायुमंडल की ऊपरी परतों में, उच्च दबाव क्षेत्र मौजूद है।

सर्दियों की तुलना में गर्मियों के मौसम के स्वरूप आमतौर पर धीमे होते हैं। नतीजतन, यह ऊपरी स्तर का उच्च दबाव भी धीरे-धीरे चलता है। उच्च दबाव के तहत, हवा सतह की ओर धंस जाती है, जिससे वो स्थिरोष्म रूप से गरम और शुष्क हो जाती है। यह गर्म धंसने वाली हवा एक उच्च स्तरीय विपरिवर्तन को उत्पन्न करती है जो संवहन को रोकते हुए वायुमंडल के गुंबद के रूप में कार्य करती है, जिससे इसके नीचे उच्च आर्द्रता वाली गर्म हवा फंस जाती है। आमतौर पर, संवहन परिधि के साथ कम दवाब वाले क्षेत्र में मौजूद होता है। अंतिम परिणाम सतह पर गर्मी का एक निरंतर निर्माण है जिसे लोग ऊष्मा लहर के रूप में अनुभव करते हैं। जैसा कि हम जानते हैं कि, रातों में, शहर अक्सर उपनगरों या ग्रामीण इलाकों की तुलना में अधिक गर्म होते हैं। वे एक बड़े ग्रामीण परिदृश्य में शहरी ऊष्मा द्वीप बन जाते हैं। हाल के एक अध्ययन में, एक लाख से अधिक की आबादी वाले 44 भारतीय शहरी क्षेत्रों में निर्मित गर्मी को ठंडा होने में समय लगता है। इसका एक कारण शहरों की पृष्ठभूमि के तापमान में "धीमी और लगातार" वृद्धि हो सकता है। इसके अतिरिक्त, पिछले अध्ययनों के विपरीत, देखा गया है कि अधिकांश शहरों में दिन के दौरान भी तापमान में वृद्धि देखी जा सकती है। अधिक तापमान वाले शहरों में और भी अधिक गर्मी हो जाती है, जिससे ऊष्मा द्वीप में उत्पन्न होने वाली ऊष्मा लहरें स्वास्थ्य को नकारात्मक रूप से प्रभावित करती है।

विश्व मौसम संगठन ने इस बात पर प्रकाश डाला है कि एक पूरे दशक में वर्ष 2019 भारत में लंबे समय तक ऊष्मा लहरों सहित असाधारण वैश्विक गर्मी और उच्च प्रभाव वाले मौसम का वर्ष रहा था। ऊष्मा लहरों के कारण संपूर्ण भारत में कई मौतें होती हैं, लेकिन लोगों पर वर्तमान तापमान के प्रभाव के बारे में अभी कोई विवरण पेश नहीं किया गया है। इसके अलावा, ऊष्मा लहरों ने राजस्थान सहित देश के कुछ हिस्सों में फसलों को नष्ट करने वाले टिड्डियों के झुंड से निपटने के प्रयासों को भी काफी प्रभावित किया है। वहीं इन ऊष्मा द्वीपों और लहरों के प्रभाव को कम करने के लिए जितना संभव हो सकें अपने आसपास पेड़ पौधों को लगाएं। यदि आपके आस-पास पेड़ लगाने के लिए स्थान मौजूद नहीं है तो आप अपनी छतों में भी पौधे लगा सकते हैं। पेड़ पौधे हमारी जलवायु को शुद्ध करके उसे शीतल बनाते हैं।

चित्र सन्दर्भ:
1. मुख्य चित्र में भारतीय गर्मियों के दौरान का चित्रण है। (Picsql)
2. दूसरे चित्र में गर्मियों के कारण उड़ती हुई गर्म हवाओं की लपटों को देखा जा सकता है। (pikist)
3. तीसरे चित्र में थर्मामीटर और सूरज गर्म हवाओं के कारण तापमान वृद्धि दिखा रहे हैं। (Prarang)
4. अंतिम चित्र में गर्मी का पैनारोमा चित्रण है। (Prarang)

संदर्भ :-
1. https://en.wikipedia.org/wiki/Heat_wave
2. https://www.bbc.com/news/world-asia-india-52816493
3. https://bit.ly/373MnIs
4. https://bit.ly/2U8TmKU



RECENT POST

  • मेरठ और चिकनी बलुई मिट्टी के अद्भुत उपयोग
    भूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)

     06-07-2020 03:34 PM


  • क्या अन्य ग्रहों में होते हैं ग्रहण
    जलवायु व ऋतु

     04-07-2020 07:22 PM


  • भारत के शानदार देवदार के जंगल
    जंगल

     03-07-2020 03:12 PM


  • विभिन्न संस्कृतियों में हंस की महत्ता और व्यापकता
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     02-07-2020 11:08 AM


  • विभिन्न सभ्यताओं की विशेषताओं की जानकारी प्रदान करते हैं उत्खनन में प्राप्त अवशेष
    सभ्यताः 10000 ईसापूर्व से 2000 ईसापूर्व

     01-07-2020 11:55 AM


  • मेरठ का शहरीकरण और गंध
    गंध- ख़ुशबू व इत्र

     01-07-2020 01:20 PM


  • भारत में मौजूद उल्कापिंड टकराव से बने गढ्ढों पर एक झलक
    खनिज

     30-06-2020 06:40 PM


  • क्या है, बुलियन में निवेश का अर्थशास्त्र
    म्रिदभाण्ड से काँच व आभूषण

     29-06-2020 11:45 AM


  • फिल्म मेम साहब का गीत दिल दिल से मिलाकर देखो, आइल ऑफ़ केप्री से है प्रेरित
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

     28-06-2020 12:20 PM


  • कैसे हुआ मेरठ की पसंदीदा, नान खटाई का जन्म
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     27-06-2020 10:00 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.