कहाँ से आई भारत में लीची?

मेरठ

 29-04-2020 07:25 AM
साग-सब्जियाँ

अधिकांश लोग गर्मियों के आने का बेसब्री से इंतेजार अपने पसंदीदा, रसीले और स्वादिष्ट फलों को खाने के लिए ही करते हैं। इन्हीं फलों में से एक है गर्मियों का एक स्वादिष्ट रसदार फल लीची। गर्मियों में मुख्य रूप से उत्पादित लीची उपभोक्ताओं द्वारा बहुत पसंद की जाती है। लीची का पारभासी, सुगंधित खाद्य गूदा भारत में एक ताजे फल के रूप में लोकप्रिय है, जबकि चीन और जापान जैसे देशों में इसे सूखे या डिब्बाबंद स्थिति में पसंद किया जाता है। लीची की उत्पत्ति दक्षिणी चीन, विशेष रूप से क्वांगतुंग और फुकियन के प्रांतों से हुई थी। चीन से लीची 17 वीं सदी के अंत तक बर्मा से होते हुए पूर्वी भारत में पहुंची और उसके बाद 18 वीं शताब्दी के अंत तक इसे बंगाल में पेश किया गया, जहाँ से इसने बाद में रामपुर सहित भारत के बड़े हिस्सों में प्रवेश किया था। जिसके बाद भारत अब विश्व में लीची का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है।

भारत में, लीची बहुत लोकप्रिय है और अप्रैल से जून के दौरान लगभग 60 से 80 दिनों तक बाजार में मौजूद रहने वाली इस लीची की लोगों में काफी मांग रहती है। भारत में लीची 5.75 लाख मीट्रिक टन के उत्पादन के साथ लगभग 83 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में उगाई जाती है। बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, झारखंड, उत्तराखंड भारत के प्रमुख लीची उत्पादक राज्य हैं। वहीं भारत बेहतर लीची की किस्में पैदा करता है जिनमें गुठली के मुकाबले गूदे की मात्रा अधिक होती है और उच्च पैदावार देती है। भारत में लीची की कम से कम 12 महत्वपूर्ण किस्में उगती हैं, जिनमें से ज्यादातर उत्तर पूर्व में हैं। लीची की विभिन्न किस्मों का उत्पादन जम्मू और कश्मीर के उत्तर में और मणिपुर के पूर्व में फैलता है। भारत में लीची का 75 प्रतिशत उत्पादन बिहार के शहर मुजफ्फरपुर में होता है। यहा लीची उगाने के लिए सबसे उपयुक्त क्षेत्र है, क्योंकि आमतौर पर ठंढ से मुक्त यह नमी के प्रति संवेदनशील भी है और गर्म हवाएं आसानी से इनके फल को नुकसान पहुंचाती हैं। लीची का पेड़ सुंदर, घना, गोल-शीर्ष और सदाबहार पत्तियों के साथ धीमी गति से बढ़ता है जिसमें 6-9 अण्डाकार आयातकार और भालाकार नुकीली पत्तियां होती हैं। पत्तियों का रंग हल्के हरे रंग से गहरे हरे रंग में भिन्न होता है। हरे सफेद या पीले रंग के फूल गुच्छों में उत्पादित होते हैं। फल गोल या दिल के आकार के पतले, कठोर त्वचा वाले होते हैं। फलों का रंग कृषिजोपजाति के साथ भिन्न होता है और लाल या गुलाब या गुलाबी रंग का होता है।

वहीं जहां राष्ट्रीय स्तर पर केला और आम सबसे महत्वपूर्ण फल हैं। बिहार राज्य में, लीची को सबसे महत्वपूर्ण फल माना जाता है क्योंकि यह इसके कुल फल उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान देता है। क्षेत्र में इस फल की फसल के महत्व को ध्यान में रखते हुए, अनुसंधान कार्यक्रमों के माध्यम से तकनीकी सहायता प्रदान करने और विकास कार्यक्रमों के माध्यम से निर्यात सहित फसल के बाद के प्रबंधन और विपणन को बढ़ावा देने के प्रयास किए जाते हैं। साथ ही लीची को निर्यात के लिए एक महत्वपूर्ण फसल के रूप में भी निर्धारित किया गया है। वर्तमान में, विस्तारित घरेलू बाजार के कारण लीची का भारतीय निर्यात काफी कम है। निर्यात और दूर के घरेलू बाजारों के लिए उत्पाद को आमतौर पर पूर्व ठंडा और सल्फरन के बाद 2 किलोग्राम डिब्बों में पैक किया जाता है। लीची की विभिन्न विशेषताएं जो इसे गर्मियों के फल के रूप में बहुत लोकप्रिय बनाती है। लीची में भरपूर मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है, जो एक दैनिक अनुशंसित मूल्य का 119% प्रदान करती है। यह सर्दी और अन्य संक्रमणों से बचाती है और साथ ही शरीर को प्रतिरोध विकसित करने और सूजन से लड़ने में मदद करती है। लीची में अन्य पोषक तत्वों में उच्च स्तर के विटामिन बी शामिल हैं, जैसे विटामिन बी 6, साथ ही पोटेशियम (जो हृदय गति और रक्तचाप को नियंत्रित करने और हृदय रोग को रोकने में मदद करता है), थियामिन, नियासिन, फोलेट और तांबा (जो लाल रक्त कोशिकाओं का उत्पादन करता है, स्वस्थ हड्डियों को बनाए रखता है, थायराइड की समस्याओं और एनीमिया को रोकता है)।

वहीं लीची को चीज के साथ भर कर सलाद के रूप में व्रणोपचार और पेकान के साथ परोसा जाता है। कटी हुई लीची को व्हीप्ड क्रीम या मेयोनेज़ के साथ सलाद पर परोसा जाता है। लीची से बीज को निकालकर उसका रस निकाला जाता है और फिर इसे सादे जिलेटिन, गर्म दूध, हल्का क्रीम, चीनी और थोड़े नींबू के रस के साथ मिलाकर शर्बत बनाया जाता है। इस प्रकार लीची जहां खाने में तो स्वादिष्ट है ही वहीं इसके चमत्कारी गुण आपके स्वास्थ्य के लिये भी बहुत लाभदायक हैं।

चित्र(सन्दर्भ):
1.
मुख्य चित्र में पेड़ पर लगी हुई लीची दिखाई दे रही हैं।, Peakpx
2. दूसरे चित्र में लीची का एक समूह दिखाई दे रहा है।, Pexels
3. तीसरे चित्र में लीची का संयोजन छवि दिखाई दे रही है।, Pikseql
4. अंतिम चित्र में बिक्री के लिए तैयार लीची दिखाई दे रही है।, Pexels
संदर्भ :-
1.
http://www.iosrjournals.org/iosr-jhss/papers/Vol.%2022%20Issue8/Version-9/D2208092125.pdf
2. https://en.wikipedia.org/wiki/Lychee
3. https://www.speakingtree.in/blog/origin-is-foreign-but-very-much-indian---lychee



RECENT POST

  • ऑप्टिकल भ्रम का सुंदर दृश्य उत्पन्न करता है, डेडवेली
    मरुस्थल

     01-08-2021 01:25 PM


  • कैसे हुई चिकन टिक्का मसाला की उत्पत्ति ?
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     31-07-2021 09:07 AM


  • अवैध उपनिवेशों पर सख्ती से लगाम लगा रहा है, मेरठ विकास प्राधिकरण
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

     30-07-2021 10:43 AM


  • बोन्‍साई कला लाये घर में बहार और सिखाये धैर्य व् जीवन की तरलता का मूल्‍य
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     29-07-2021 09:39 AM


  • प्रलय में क्या संदेश देता है बाल कृष्ण का अंगूठा चूसते हुए चित्र ?
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     28-07-2021 10:22 AM


  • विश्व में सर्पदंश से होने वाली मौतों की लगभग आधी होती हैं भारत में
    रेंगने वाले जीव

     27-07-2021 10:04 AM


  • सुरक्षित वातावरण देख करती हमारी नाज़ुकमिज़ाज काली गर्दन वाली सारस प्रजनन
    पंछीयाँ

     26-07-2021 09:35 AM


  • मायन शहर के महत्वपूर्ण स्मारकों में से एक है, “एल कैस्टिलो”
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     25-07-2021 02:16 PM


  • टोक्यो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करते मेरठ के खिलाडियों को हमारी शुभकामनायें
    द्रिश्य 2- अभिनय कला

     24-07-2021 10:18 AM


  • तो क्या भविष्य में, सर्कस केवल सुनहरा इतिहास बन जाएंगे
    द्रिश्य 2- अभिनय कला

     23-07-2021 10:15 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id