अमूल्य गुणों से भरपूर है कचनार का पेड़

मेरठ

 13-03-2020 11:30 AM
पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

भारत एक ऐसा देश है जहां पेड-पौधों की कई प्रजातियां पायी जाती हैं। ये वनस्पतियां जहां वनस्पति विविधता को बढ़ाती हैं वहीं कई अन्य अमूल्य गुणों से भी भरपूर हैं। ‘कचनार’ भी इसी तरह के अमूल्य गुणों से भरा एक पेड़ है जिसका वैज्ञानिक नाम बहुनिया वैरीएगेटा (Bauhinia variegata) है। फेबेशिए (Fabaceae) परिवार से सम्बंधित इस पेड़ को ऑर्किड ट्री (Orchid Tree), पहाड़ी आबनूस, माउंटेन एबोनी (Mountain Ebony) इत्यादि नामों से भी जाना जाता है। ये वृक्ष प्रायः दक्षिणी चीन (South China), भारत, पाकिस्तान, नेपाल (Nepal), भूटान (Bhutan), म्यांमार (Myanmar), थाईलैंड (Thailand), लाओस (Laos), वियतनाम (Vietnam) इत्यादि क्षेत्रों में पाया जाता है।

बाह्य संरचना की यदि बात की जाए तो यह एक छोटे से मध्यम आकार का पेड़ है जो 10-12 मीटर (33-39 फीट) तक लंबा उग सकता है तथा शुष्क मौसम में पर्णपाती होता है। पत्तियां 10-20 सेंटीमीटर (3.9–7.9 इंच) तक, लंबी और चौड़ी, गोल और बाइलोब्ड (द्वि-पालिकाएं - Bilobed) होती हैं। पाँच पंखुड़ियों के साथ फूल 8-12 सेंटीमीटर (3.1-4.7 इंच) व्यास के होते हैं जोकि चमकीले गुलाबी, बैंगनी या सफेद हो सकते हैं। परागकण लम्बे या लंबाई में लगभग 75 माइक्रोन (Micron) होते हैं। बीज 15-30 सेंटीमीटर (5.9–11.8 इंच) लंबे फलों में छिपे होते हैं। यह पेड़ 150-1800 मीटर की ऊँचाई पर अच्छी दोमट मिट्टी वाली खुली घाटियों में उगता है, आमतौर पर पर्णपाती बांस के जंगलों और खुले क्षेत्रों में। कचनार को दुनिया के सबसे खूबसूरत, पेड़ों में से एक माना जाता है।

इसके फूलों की खिलने की अवधि शुरुआती गर्मियों तक रहती है। इस पेड़ की सुंदरता तथा महत्व को देखते हुए भारतीय डाक विभाग ने एक डाक टिकट भी जारी किया था। आईयूसीएन (IUCN) की सबसे संकटग्रस्त प्रजाति की रेड लिस्ट (Red list) में कचनार को 'लीस्ट कंसर्न' (Least Concern) के रूप में वर्गीकृत किया गया है। कचनार शुष्क ग्रीष्मकाल और हल्की सर्दियों के साथ उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय जलवायु का पौधा है जोकि अधिकतम तापमान 30-42 डिग्री सेल्सियस (Degree Celsius) तथा औसत न्यूनतम तापमान 7-14 डिग्री सेल्सियस के साथ 1,800 मीटर की ऊंचाई तक सबसे अच्छा बढ़ता है। उपयुक्त वृद्धि के लिए औसत वार्षिक वर्षा 500-2,550 मिमी की सीमा में होनी चाहिए। यह उपजाऊ, नमी-धारणीय लेकिन अच्छी तरह से सूखी मिट्टी को प्राथमिकता देता है जिसके लिए सूर्य की पूर्ण स्थिति अनिवार्य है। पेड़ सूखे के लिए काफी प्रतिरोधी लेकिन आग के लिए अतिसंवेदनशील है। 2-3 वर्ष की आयु में पेड़ में फूल लगने शुरू हो जाते हैं। उपोष्णकटिबंधीय और उष्णकटिबंधीय जलवायु में यह एक बहुत ही लोकप्रिय सजावटी पेड़ है, जो इसके सुगंधित फूलों के लिए उगाया जाता है और भारतीय व्यंजनों में खाद्य पदार्थ के रूप में भी उपयोग किया जाता है। नियोट्रोपिक्स (Neotropics) में, इसका उपयोग हमिंगबर्ड्स (Hummingbirds) को आकर्षित करने के लिए किया जा सकता है। कुछ क्षेत्रों में यह स्वाभाविक या आक्रामक रूप से उग जाता है।

कचनार की कलियों को कई भारतीय व्यंजनों में एक घटक के रूप में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। कचनार की कलियों, दही, प्याज़ और देशी भारतीय मसालों के द्वारा पारंपरिक कचनार करी (Curry) बनाई जाती है। भारतीय उप-महाद्वीप के कई हिस्सों में इसकी कलियों को तलकर या अचार बनाकर भी खाया जाता है। कचनार का हर हिस्सा अत्यंत उपयोगी है। पत्तों, फूल और फूल की कलियों, और फल को उबालकर सब्जी के रूप में खाया जाता है, तथा अचार भी बनाया जाता है। औषधीय रूप से देखा जाए तो इसकी छाल कृमिनाशक है। छाल के रस का उपयोग अमीबिक पेचिश (Amoebic dysentery), अतिसार और पेट के अन्य रोगों के उपचार में किया जाता है। इसके अलावा इसका पेस्ट (Paste) घावों, त्वचा रोगों, और अल्सर (Ulcer) के उपचार में भी उपयोगी है। सूखी कलियों का उपयोग बवासीर, पेचिश, दस्त इत्यादि के उपचार में किया जाता है। फूलों के रस का उपयोग दस्त, पेचिश और पेट की अन्य बीमारियों के इलाज के लिए किया जाता है। सांप के ज़हर के प्रभाव को खत्म करने के लिए इसकी जड़ अत्यंत उपयोगी है। अपच का इलाज करने के लिए जड़ का काढ़ा बनाकर पीया जाता है। कचनार की छाल टैनिन (Tannin) का भी मुख्य स्रोत है तथा इसका उपयोग रंगाई में भूरे रंग के तौर पर किया जाता है। पेड़ से फाइबर (Fiber) तथा गोंद भी प्राप्त किया जाता है। इसकी लकड़ी घर के निर्माण, घरेलू और कृषि उपकरणों को बनाने में तथा ईंधन के रूप में भी अत्यंत उपयोगी है।

संदर्भ:
1.
https://en.wikipedia.org/wiki/Bauhinia_variegata
2. https://www.flowersofindia.net/catalog/slides/Kachnar.html
3. http://tropical.theferns.info/viewtropical.php?id=Bauhinia+variegata
चित्र सन्दर्भ:
1.
https://www.flickr.com/photos/dinesh_valke/2209082553
2. https://pixabay.com/it/photos/fiore-bauhinia-purpurea-398023/
3. https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Bauhinia_(Phanera)_variegata_CF9A2793.jpg

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