क्या है जलवायु और भू-राजनीति और क्यों है जलवायु निति में बदलाव की आवश्यकता?

मेरठ

 07-12-2019 11:32 AM
जलवायु व ऋतु

पारिस्थितिकी तंत्र के बिना जीवन की कल्पना भी करना बेमानी है। यह तंत्र जीवन की धारणा को प्रेरित करता है और इसके द्वारा ही जीवन के विभिन्न पहलुओं पर विचार होना संभव है। वर्तमान काल में पूरी पृथ्वी पर जलवायु और पारिस्थितिकी तंत्र के अन्दर कई ऐसे पहलु आ गए हैं जोकि इसको अत्यंत ही बुरे तरीके से क्षतिग्रस्त करने की ओर अग्रसर हैं। मानव द्वारा जितने भी प्रयास इसको बचाने के लिए किये जा रहे हैं वो सब इस विशाल समस्या के आगे बौने प्रतीत हो रहे हैं ऐसे में प्रभावी तरीकों के बारे में सोच और शख्त कदम उठाने की जरूरत है। भारत वर्तमान काल में अपनी जलवायु की राजनीति में वैश्विक स्तर पर एक दोहरी स्थिति में है। भारत एक विकासशील देश है और यहाँ पर गरीबी उन्मूलन एक अहम् समस्या है जिसको लेकर ये आगे बढ़ रहा है।

भारत को वैश्विक जलवायु चुनौती के लिए वैश्विक स्तर पर सक्रिय रूप से भाग लेने की आवश्यकता है, वर्तमान में जलवायु राजनीति एक बड़ा आकार ले चुकी है। ऐसे में इस पर एक बहस और जलवायु के अनुकूलन के लिए व्यापक स्तर पर कार्य करने के लिए आगे बढ़ने की आवश्यकता है। इस बदलाव के लिए व्यापक स्तर पर भारत के मिडिया, राज्यों के नौकरशाहों, पर्यवारणविदों को आगे आने की जरूरत है। बढती मानव आबादी वैश्विक वातावरण के लिए एक खतरे की घंटी है, क्यूंकि मानव प्राकृतिक संसाधनों पर ही जीवन जीते हैं। पर्यावरणीय संकट और उसके संरक्षण विज्ञान के लिए केन्द्रीय विकास प्रतिमान के उत्पन्न संस्करणों को संबोधित करने की आवश्यकता है और साथ ही उन मूल्यों पर भी बदलाव की आवश्यकता है जोकि विकास केन्द्रित समाज से एक जैव और भौतिक सीमाओं को ध्यान में रख कर मानव कल्याण पर केन्द्रित हो। इस दिए गए कथन को जैव विविधितता संरक्षण का नाम दिया जा सकता है।

वर्तमान काल के इस समाज में जैव संरक्षण और अर्थशाश्त्र के मध्य सामंजस्य का होना एक अहम् बिंदु है। भारत में जलवायु निति और विकास निति दोनों अलग-थलग हैं और ये दो राजनीतियों भू-राजनीति और जलवायु राजनीति के मध्य घनचक्कर हो चुके हैं। वैश्विक स्तर पर ऐसी योजनाये हो रही हैं जो की भारत को वैश्विक जलवायु के मसले पर सक्रियता के लिए प्रेरित करती हैं इनमे इक्विटी फ्रेम एक बड़ा औपचारिक छत्र बन चुका है जोकि इन दिए गए स्थितियों के सन्दर्भ में हैं। हांलाकि पर्यावरण को लेकर घरेलु बहस अत्यंत जरूरी है कुलीन वर्गों में इसका असर देखा जा सकता है लेकिन इसमें व्यापकता अभी नहीं है। जलवायु परिवर्तन ने अधिक समृद्ध और जटिल चर्चा का जन्म दिया है विशेष रूप से ऊर्जा सुरक्षा संयोजन और उसमे जलवायु परिवर्तन का दृष्टिकोण। इक्विटी फ्रेम भारत की अंतर्राष्ट्रीय वार्ता के रुख का मार्गदर्शन करता है। भारत में अब यह आवाजे उठने लगी हैं जो की ऊर्जा, जलवायु, पारिस्थितिकी आदि की ओर इशारा करती हैं और ये एक प्रकार की नयी राजनीति का भी परिचय देता है जिसे जलवायु राजनीति भी कह सकते हैं। अब यह समय है जब भारत की जलवायु निति को संघीय प्रणाली या शासन तंत्र के रूप में बदल देना चाहिए।

सन्दर्भ:-
1.
https://www.pnas.org/content/113/22/6105
2. https://portals.iucn.org/library/sites/library/files/documents/Man-Econ-131.pdf
3. https://www.context.org/iclib/ic36/goodland/
4. https://bit.ly/2R6GJPA



RECENT POST

  • प्रलय में क्या संदेश देता है बाल कृष्ण का अंगूठा चूसते हुए चित्र ?
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     28-07-2021 10:22 AM


  • विश्व में सर्पदंश से होने वाली मौतों की लगभग आधी होती हैं भारत में
    रेंगने वाले जीव

     27-07-2021 10:04 AM


  • सुरक्षित वातावरण देख करती हमारी नाज़ुकमिज़ाज काली गर्दन वाली सारस प्रजनन
    पंछीयाँ

     26-07-2021 09:35 AM


  • मायन शहर के महत्वपूर्ण स्मारकों में से एक है, “एल कैस्टिलो”
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     25-07-2021 02:16 PM


  • टोक्यो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करते मेरठ के खिलाडियों को हमारी शुभकामनायें
    द्रिश्य 2- अभिनय कला

     24-07-2021 10:18 AM


  • तो क्या भविष्य में, सर्कस केवल सुनहरा इतिहास बन जाएंगे
    द्रिश्य 2- अभिनय कला

     23-07-2021 10:15 AM


  • हिंदू मुस्लिम संस्कृतियों के आत्मसातीकरण का एक उदाहरण है सुलेख या कैलीग्राफी Calligraphy
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     22-07-2021 10:39 AM


  • पश्चिमी और भारतीय दर्शन के अनुसार अच्छाई को कैसे परिभाषित किया गया है
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     21-07-2021 09:37 AM


  • शाकाहार का विरोध नहीं करता है इस्लाम
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     20-07-2021 10:23 AM


  • उष्ण द्वीप में परिवर्तित होते नगर
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     18-07-2021 06:14 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id