बढ़ते प्रदूषण से निजात दिला सकती है वास्तुस्थितिकी परियोजना

मेरठ

 23-10-2019 01:24 PM
नगरीकरण- शहर व शक्ति

शहरीकरण पर बढ़ते ध्यान के साथ, हम कभी-कभी उन दुष्प्रभावों को महसूस करने में विफल हो जाते हैं जो निरंतर शहरीकरण के साथ जुड़े होते हैं। ऐसी ही एक गंभीर समस्या के समाधान के रूप में आधुनिक समाज द्वारा वास्तुस्थितिकी (अंग्रेज़ी में Arcology/आर्कोलॉजी) को शहरों की भीड़ से हो रहे नुकसान के चलते अपनाया जा रहा है। वास्तुस्थितिकी, वास्तु कला और पारिस्थितिकी का एक मिश्रित अध्ययन होता है जिसमें विशेष रूप से घनी जनसंख्या वाले क्षेत्रों में ऐसे आवास व कार्यस्थल बनाने पर ज़ोर दिया जाता है जिससे पर्यावरण पर कम-से-कम हानिकारक प्रभाव पड़े। इसमें एक ही बड़ी इमारत में आवास, कार्यालय, कृषि, जल, बिजली और दुकानों जैसी सारी चीज़ों को उपलब्ध करवाया जाएगा।

“वास्तुस्थितिकी” शब्द को 1969 में वास्तुकार पाओलो सोलेरी द्वारा दिया गया था। उनका मानना था कि वास्तुस्थितिकी व्यक्तिगत मानव पर्यावरणीय प्रभाव को कम करते हुए विभिन्न आवासीय, वाणिज्यिक और कृषि सुविधाओं के लिए स्थान प्रदान करेगी। इस अवधारणा को विभिन्न विज्ञान कथा के लेखकों द्वारा लोकप्रिय बनाया गया, ‘द वॉटर नाइफ’ (The Water Knife) में पाओलो बेसिगलुपी और ‘न्यूट्रॉनियम अल्केमिस्ट’ (Neutronium Alchemist) में पीटर हैमिल्टन जैसे लेखकों ने स्पष्ट रूप से अपने कथानक में वास्तुस्थितिकी विज्ञान का उपयोग किया और उसमें उन्हें आत्म-निहित या आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर चित्रित किया था।

प्राकृतिक संसाधनों पर मानव प्रभाव को कम करने के लिए वास्तुस्थितिकी का प्रस्ताव रखा गया था। वहीं वास्तुस्थितिकी के डिज़ाइन (Design) बहुत बड़े पैमाने पर पारंपरिक भवन और सिविल इंजीनियरिंग (Civil engineering) की तकनीकों का प्रयोग करती हैं, लेकिन वास्तुस्थितिकी की व्यावहारिक परियोजनाओं को हासिल करना काफी मुश्किल है। लेकिन वर्तमान में निर्माणाधीन विश्व की वास्तविक वास्तुस्थितिकी की एक सूची निम्नलिखित है :-
अर्कोसांटी (Arcosanti) :- पाओलो सोलेरी ने फीनिक्स से 70 मील उत्तर में एरिज़ोना रेगिस्तान में 5,000 लोगों के लिए एक नियोजित समुदाय अर्कोसांटी को बनाने की परियोजना को तैयार किया था। 1970 से, सोलरी ने 6,000 से अधिक लोगों की मदद से इस परियोजना पर काम शुरू कर दिया था। हालांकि, इसमें आखिरी इमारत 1989 में पूरी हो गई थी, और तब से धीमी गति में प्रगति हो रही है, जिसमें निर्माण पर कम ध्यान और शिक्षा और पर्यटन पर अधिक ज़ोर दिया जा रहा है।

मसदर शहर :- संयुक्त अरब अमीरात में आबू धाबी में एक योजनाबद्ध शहर बनाया जा रहा है, जो पूरी तरह से सौर और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों पर निर्भर होगा और इसमें शून्य-कार्बन (Zero-Carbon), शून्य-अपशिष्ट का सिद्धांत शामिल है। यह परियोजना 45,000 से 50,000 लोगों और 1,500 व्यवसायों को घर प्रदान करेगी, जिसमें अंतर्राष्ट्रीय नवीकरणीय ऊर्जा एजेंसी और मसदर इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (Masdar Institute of Science and Technology) शामिल हैं। साथ ही इसमें कारों पर प्रतिबंध लगाया जाएगा।

क्रिस्टल आइलैंड (Crystal Island) :- मॉस्को, रूस में, नॉर्मन फोस्टर ने एक और वास्तुस्थितिकी क्रिस्टल आइलैंड को डिज़ाइन किया है। यदि यह योजना सफलतापूर्वक बनती है तो इसमें 25 लाख वर्ग मीटर का स्थान और 450 मीटर की ऊँचाई होगी, जिससे यह दुनिया की छठी सबसे ऊंची इमारत होगी और जगह के मामले में सबसे बड़ी संरचना होगी।

हैली रिसर्च स्टेशन (Halley Research Station) :- ब्रिटिश अंटार्कटिक सर्वेक्षण द्वारा संचालित हैली रिसर्च स्टेशन, वास्तुस्थितिकी के कई उदाहरणों में से एक है। 1956 में इसकी स्थापना की गई थी, इसकी स्थापना लकड़ी की झोपड़ियों से लेकर स्टील (Steel) की सुरंगों से की गई है। विश्व भर के विभिन्न देशों द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न अनुसंधान स्टेशन लगभग सभी स्वयं-निहित इकाइयों के रूप में मौजूद हैं, क्योंकि वहाँ बाहरी दुनिया के साथ बहुत कम संपर्क संभव है।

वहीं वास्तविक वास्तुस्थितिकी के निर्माण के अधिकांश प्रस्ताव वित्तीय, संरचनात्मक या वैचारिक कमियों के कारण विफल रहे हैं। इसलिए वास्तुस्थितिकी मुख्य रूप से काल्पनिक कार्यों में पाए जाते हैं जैसे साहित्य में सबसे शुरुआती उदाहरणों में से एक विलियम होप हॉजसन की 1912 की भयावी/काल्पनिक उपन्यास ‘द नाइट लैंड’ (The Night Land) है, जिसमें मानवता के अंतिम अवशेष दो विशाल स्व-निहित धातु स्तंभों में जीवित दर्शाए गये हैं। एक अन्य महत्वपूर्ण उदाहरण लैरी निवेन और जेरी पॉर्नेल द्वारा 1981 के उपन्यास ‘ओथ ऑफ फील्टी’ (Oath of Fealty) में पाया जा सकता है, जिसमें दर्शाया गया है कि लॉस एंजेलेस की आबादी का एक खंड एक वास्तुस्थितिकी में स्थानांतरित हो गया।

संदर्भ :-
1.
https://en.wikipedia.org/wiki/Arcology
2. https://codinaarchitectural.com/arcology-architecture-and-ecology/
3. https://www.wired.co.uk/article/paolo-soleri-arcologies
4. https://bit.ly/2W62iQM

RECENT POST

  • सिंथेटिक कोशिकाओं में छिपी हैं, क्रांतिकारी संभावनाएं
    कोशिका के आधार पर

     29-06-2022 09:19 AM


  • मेरठ का 300 साल पुराना शानदार अबू का मकबरा आज बकरियों का तबेला बनकर रह गया है
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     28-06-2022 08:15 AM


  • ब्लास्ट फिशिंग से होता न सिर्फ मछुआरे की जान को जोखिम, बल्कि जल जीवों को भी भारी नुकसान
    मछलियाँ व उभयचर

     27-06-2022 09:25 AM


  • एक पौराणिक जानवर के रूप में प्रसिद्ध थे जिराफ
    शारीरिक

     26-06-2022 10:08 AM


  • अन्य शिकारी जानवरों पर भारी पड़ रही हैं, बाघ केंद्रित संरक्षण नीतियां
    निवास स्थान

     25-06-2022 09:49 AM


  • हम में से कई लोगों को कड़वे व्यंजन पसंद आते हैं, जबकि उनकी कड़वाहट कई लोगों के लिए सहन नहीं होती
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     24-06-2022 09:49 AM


  • भारत में पश्चिमी शास्त्रीय संगीत धीरे-धीरे से ही सही, लेकिन लोकप्रिय हो रहा है
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

     23-06-2022 09:30 AM


  • योग शरीर को लचीला ही नहीं बल्कि ताकतवर भी बनाता है
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     22-06-2022 10:23 AM


  • प्रोटीन और पैसों से भरा है कीड़े खाने और खिलाने का व्यवसाय
    तितलियाँ व कीड़े

     21-06-2022 09:54 AM


  • कृत्रिम बुद्धिमत्ता गलत सूचना उत्पन्न करने और साइबरसुरक्षा विशेषज्ञों के साथ छल करने में है सक्षम
    संचार एवं संचार यन्त्र

     20-06-2022 08:51 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id