Machine Translator

मेरठ में है पुराकाल से लेकर अंग्रेजी हुकूमत से जुड़े पर्यटन क्षेत्र

मेरठ

 27-09-2019 12:30 PM
नगरीकरण- शहर व शक्ति

पैट्रिक गेडिस ने कहा था कि “यूरोप का एकीकरण पर्यटन की शिक्षा के कारण ही हो सका।“ पूरे विश्व में 27 सितंबर पर्यटन दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। पर्यटन के लिए मेरठ भी किसी अन्य शहर से कम नहीं है। यहां अनेकों ऐसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्मारक हैं जो आज भी पर्यटकों को आकर्षित करते हैं ।

मेरठ कौरवों के हस्तिनापुर साम्राज्य का हिस्सा था, इस शहर के प्रमुख स्थलों में बाबा औघड़नाथ मंदिर भी है जिसे “काली पलटन मंदिर” के नाम से भी जाना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि अंग्रेजो के पास यहां के सैनिकों की एक टुकड़ी थी जिसे काली पलटन कहते थे और इसी मंदिर के मुख्य पुजारी ने यह बात सैनिकों को बताई थी की गाय की चर्बी अंग्रेज कारतूस में इस्तेमाल करते हैं। शहीद स्मारक व राजकीय स्वतंत्रता संग्राम संग्रहालय 1857 की क्रांति में शहीद हुए शूर वीरों को समर्पित है। क्या आप जानते हैं कि 1857 की क्रांति का पहला सरकारी संग्रहालय इसी शहीद स्मारक में बना था। परिसर में एक शहीद स्तंभ भी है। सेंट जॉन चर्च में 1857 की क्रांति में मारे गए कई अंग्रेजों की कब्र आज भी संरक्षित है। 1857 के समय विक्टोरिया पार्क में जब जेल में बंद करीब 83 सैनिकों को छुड़वाया गया तो उन्होंने ही कई अंग्रेजों को मौत के घाट उतार दिया और दिल्ली रवाना हो गए। 1672 से प्रारंभ हुआ नौचंडी का मेला तो प्रसिद्ध है ही।

महाभारत से जुड़े दो स्थल सूरजकुंड पार्क और किला परीक्षितगढ़ भी देखने लायक हैं। ऐसा माना जाता है कि महाभारत के समय में कर्ण ने अपना कवच और कुंडल सूर्यदेव को इसी जगह समर्पित किया था, और यह भी कहा जाता है कि किला परीक्षितगढ़ अर्जुन के पोते परीक्षित ने बनवाया था।

पर्यटन दिवस 27 सितंबर को इसलिए मनाया जाता है क्योंकि इसी दिन संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन संगठन ने अपने कानून को अंगीकृत किया था। अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन संगठन की स्थापना 1975 में हुई थी। यह संयुक्त राष्ट्र संगठन का एक विशेष संगठन है जिसका मुख्यालय स्पेन के मेड्रिड शहर में है। भारत समेत 158 देश इसके सदस्य हैं। इस संगठन का मुख्य उद्देश्य दीर्घकालिक पर्यटन को बढ़ावा देना है, जो कि सभी के आर्थिक विकास, अंतर्राष्ट्रीय समझ, शांति, समृद्धि, वैश्विक आदर भाव में योगदान दे सके। इन लक्ष्यों को पाने के लिए यह संगठन पर्यटन के लिए विकासशील देशों की जरूरतों पर विशेष ध्यान देता है।

आंकड़े बताते हैं कि पूरे विश्व में पर्यटन कई गुना बढ़ गया है। 1950 में जहां 25 मिलियन पर्यटक यात्रा करते थे वही यह संख्या आज 1.3 बिलियन तक पहुंच गई है। दुनिया में हर 10 में से एक रोजगार पर्यटन क्षेत्र में ही है तथा पर्यटन का वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद में 10 फ़ीसदी हिस्सा है।
अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन संगठन आशावान है कि 2030 तक पर्यटन औसतन 3% वार्षिक दर से वृद्धि करेगा। वर्ष 2019 का मुख्य कार्यक्रम इस बार दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है जिसका विषय रखा गया है- “पर्यटन एवं रोजगार- सभी के लिए एक बेहतर भविष्य”। क्या आप जानते हैं, मनोविज्ञान हमें उस प्रेरणा को समझने में मदद करती है जो लोगों को एक यात्री बनाती है। 5 तरह की जरूरतें पर्यटन के लिए जरूरी होती हैं। अलग-अलग उम्र में जरूरत बदलती रहती है और यही पर्यटन को प्रभावित करती है। मनोविज्ञान 5 तरह की जरूरतों की बात करता है-
1. विश्राम- जब लोग अपने को हर जिम्मेदारी से मुक्त पाते हैं।
2. उत्तेजना- वह जो हमेशा मस्ती और नई-नई चीजें करने की कोशिश करते रहते हैं।
3. संबंध- जो दूसरे लोगों से मिलने के इच्छुक होते हैं और अच्छी यादें सहेज कर रखना चाहते हैं ।
4. व्यक्ति निष्ठा- जो अपने किसी विधा को ध्यान में रखते हैं और उसे सुधारना चाहते हैं।
5. संतुष्टि- जो खुश रहना चाहते हैं और जो आध्यात्मिक हैं।

सन्दर्भ:-
1.
https://www.un.org/en/events/tourismday/
2. https://en.wikipedia.org/wiki/World_Tourism_Organization
3. https://bit.ly/2n4AChQ
4. https://murdomacdonald.wordpress.com/patrick-geddes-pilgrimage-and-tourism/
5. https://bit.ly/2kYXYoi
6. http://www.indiatourism4u.in/tourism/1101/Uttar-Pradesh/Meerut/
7. https://meerut.nic.in/tourist-places/



RECENT POST

  • भारतीय पारंपरिक स्वदेशी खेल गिल्ली डंडा का इतिहास
    हथियार व खिलौने

     07-08-2020 06:18 PM


  • फसल सुरक्षा: विविध प्रयास
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     06-08-2020 09:30 AM


  • आश्चर्यजनक कलाकृतियों में से एक है हज़रत शाहपीर का मकबरा
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     05-08-2020 09:30 AM


  • क्या रहा मेरठ के भूगोल के आधार पर, अब तक प्रारंग का सफर
    पर्वत, चोटी व पठार

     05-08-2020 08:30 AM


  • सोने और चांदी का भोजन में प्रयोग
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     04-08-2020 08:45 AM


  • रक्षाबंधन और कोविड-19, रक्षाबंधन के बदलते रूप
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     03-08-2020 04:14 PM


  • रोपकुंड कंकाल झील
    नदियाँ

     31-07-2020 05:31 PM


  • ध्यान की अवस्था को संदर्भित करता है कायोत्सर्ग
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     31-07-2020 06:06 PM


  • क्या रहा समयसीमा के अनुसार, अब तक प्रारंग और मेरठ का सफर
    शुरुआतः 4 अरब ईसापूर्व से 0.2 करोड ईसापूर्व तक

     31-07-2020 08:25 AM


  • क्यों दी जाती है बकरीद पर कुर्बानी
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     31-07-2020 06:09 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.