दवा से लेकर जहर के रूप में प्रयुक्त होने वाली फंगस अरगट (Ergot)

मेरठ

 04-09-2019 12:03 PM
फंफूद, कुकुरमुत्ता

कवक या फंफूद ऐसे नाम है जो की रोजाना दिखाई तो देते ही हैं, साथ ही साथ खाने में और दवाइयों के रूप में भी प्रयुक्त होते हैं।

अरगट (Ergot), ऐसे ही फंफूदों में से एक ऐसा फफूंद है जो दवाई से लेकर जहर तक का कार्य करती है। आइये पहले जानते हैं की आखिर अरगट (Ergot) फंफूद का इतिहास क्या है? अरगट का सबसे पहला उदाहरण असीरिया (Assyria) के टेबलेट से मिलती है जिसकी तिथि 600 ईसा पूर्व है। इसका इतिहास मध्यकाल के दौरान बड़ा ही दिलचस्प रहा है। उस समय में अरगट (फंफूद), जौ इत्यादि से बनी पाव रोटी (Bread) पर आमतौर पर उत्पादित होता रहता था और इसको संत एंथोनी (Saint Anthony) के आग के रूप में जाना जाता था। इस फंफूद से हुयी बिमारी का इलाज संत एंथोनी के चर्च में जा कर हो जाती थी, जो की फ़्रांस देश में एक अरगट से मुक्त स्थान था।

अरगट, फंफूद की गंभीर सुरक्षा चिंताओं के बावजूद भी अरगट का प्रयोग दवाई के रूप में किया जाता रहा है। कुछ महिलायें मासिक धर्म के दौरान, गर्भपात के दौरान और बच्चा पैदा होने के बाद भी इसका प्रयोग दवा के रूप में करती हैं। एक अरगट की गुठली को स्क्लेरोटियम (sclerotium) कहा जाता है। यह तब पैदा होता है जब एक फंफूद का बीजाणु जो की क्लाविसप्स जीन्स (Claviceps purpurea) का है एक फूल वाले पौधे के पुष्पक को संक्रमित कर देता है। संक्रमण प्रक्रिया निषेचन के दौरान यह वास्तविक फूल के पराग की नक़ल करती है। अन्तोगत्वा यह फंफूद पौधे के अण्डाशय को नष्ट कर देता है। यह पदार्थ सामान्यत: संक्रमित घास के फूलों से निकलता है।

अरगट एक ऐसी फंफूद है जो की जौ, धान आदि पर तेज़ी से बढती है और यह उनसे बनाए गए ब्रेड से लोगों को संक्रमित कर देती है। इस फंफूद से होने वाले रोगों में शरीर के चमड़े पर चकतियाँ पड़ना, बोलने में असहज महसूस करना, बार-बार बीमार हो जाना आदि आता है। यह लोगों को फालिज या लकवा जैसी गंभीर बिमारियों से भी ग्रसित कर सकता है।

वर्तमान समय में नशा एक सबसे बड़ी समस्या है और इस कारण आज की युवा पीढ़ी का अवसाद इत्यादि के कारण नशे के कब्जे में आ जाना है। यदि देखा जाये तो आज नशों के प्रकारों की पूरी शब्दकोष मौजूद है उन्ही में से एक है एल एस डी (L.S.D.)। एल एस डी एक ऐसा नशा है जो की वर्तमान समय में बड़ी मात्रा में बढ़ रहा है। इसका वैज्ञानिक नाम या पूरा नाम है लायसर्जीक एसिड डीएथिलामाइड (lysergic acid diethylamide )।

अरगट पूर्ण रूप से एल एस डी तो नहीं उत्पादित करता परन्तु यह एल एस जरूर पैदा करता है जिसको शोधगृह में विभिन्न प्रयोगों के द्वारा एल एस डी की शक्ल दे दी जाती है। इसके प्रतिबंधित होने के पहले एल एस डी का प्रयोग मानसिक रोगों की चिकित्सा में प्रयोग में लाया जाता रहा है । वैज्ञानिकों की मान्यता थी की ये कुछ मानसिक रोगों को दूर करने में कारगर सिद्ध होगी।

सन्दर्भ:-
1.
https://en.wikipedia.org/wiki/Ergot
2. https://www.webmd.com/vitamins/ai/ingredientmono-431/ergot
3. https://science.howstuffworks.com/lsd6.htm
4. https://en.wikipedia.org/wiki/Ergotism



RECENT POST

  • तो क्या भविष्य में, सर्कस केवल सुनहरा इतिहास बन जाएंगे
    द्रिश्य 2- अभिनय कला

     23-07-2021 10:15 AM


  • हिंदू मुस्लिम संस्कृतियों के आत्मसातीकरण का एक उदाहरण है सुलेख या कैलीग्राफी Calligraphy
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     22-07-2021 10:39 AM


  • पश्चिमी और भारतीय दर्शन के अनुसार अच्छाई को कैसे परिभाषित किया गया है
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     21-07-2021 09:37 AM


  • शाकाहार का विरोध नहीं करता है इस्लाम
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     20-07-2021 10:23 AM


  • उष्ण द्वीप में परिवर्तित होते नगर
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     18-07-2021 06:14 PM


  • 110 साल पुराने दिल्ली क्षेत्रों को जीवंत रूप प्रदान करते हैं, कुछ दुर्लभ वीडियो
    आधुनिक राज्य: 1947 से अब तक

     18-07-2021 01:59 PM


  • 16 वें जैन तीर्थंकर शांतिनाथ तथा उनकी समाधी स्वरूप हस्तिनापुर में कायोत्सर्ग मुद्रा
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     17-07-2021 10:10 AM


  • सआदत हसन मंटो की प्रसिद्ध लघु कथाओं में से एक है,“मेरठ की कैंची”
    ध्वनि 2- भाषायें

     16-07-2021 09:45 AM


  • आगरा के ताजमहल से भी पुराना मुगल स्मारक है मेरठ का शाहपीर का मकबरा
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     15-07-2021 07:50 AM


  • डिजिटल अथवा क्रिप्टो करेंसी Crypto currency के उभरते बाजार में पंप एंड डंप Pump and Dump जैसे घोटालों को समझें
    संचार एवं संचार यन्त्र

     14-07-2021 10:36 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id