Machine Translator

क्या है बियर का इतिहास और कैसे है मेरठ और बियर में पुराना सम्बंध

मेरठ

 23-08-2019 01:06 PM
स्वाद- खाद्य का इतिहास

बीयर (Beer) सम्भवतः विश्व की सबसे पुरानी शराब है जो मुख्यतः जौ, गेहूँ, मक्का इत्यादि अनाजों से बनायी जाती है। इतिहास में मेसोपोटामिया और प्राचीन मिस्र की सभ्यताओं में इसके प्रमाण हैं। बीयर अन्य शराबों की अपेक्षा काफ़ी कम समय में तैयार हो जाती है और अपेक्षाकृत सस्ती होती है। इसे अनाजों के आंशिक किण्वन और उसके बाद एक से दो सप्ताह के परिपक्वन से बनाया जाता है। मूलतः कोई भी आंशिक किण्वन से बनने वाली शराब जिसका आसवन न किया गया हो बीयर कहलाती है।

बीयर का इतिहास वाईन (Wine) से भी पुराना है। पुराने ज़माने में मेसोपोटामिया के जिस इलाके में सुमेरी लोगों का बसेरा था, वहाँ से कुछ शिलालेख मिले। उन शिलालेखों के मुताबिक बीयर का इस्तेमाल तीसरे मिलेनियम ई.पू. से शुरू हुआ था। सुमेर (आधुनिक ईरान में) में गोडिन टेप (Godin Tepe) के उत्खनन स्थल पर बीयर का एक जार (Jar) पाया गया जो लगभग 3400 ई.पू. का था। उसी दौरान बाबुलियों और मिस्रियों के भी बीयर पीने का पता चला है। प्राचीन मिस्र में बीयर बनाना आम बात थी। प्राचीन मिस्र के लोगों ने बीयर बनाने के तरीके को लगभग 5,000 ई.पू. पेपिरस स्क्रॉल (Papyrus scrolls) पर लिखा था। इस पहली बीयर को खजूर, अनार और अन्य देसी जड़ी-बूटियों के साथ बनाया गया था। मिस्रियों ने फैरो (Pharaoh) के साथ धार्मिक समारोहों के लिए भी बीयर का इस्तेमाल किया। फैरो ने ही मिस्र में सबसे पहले शराब बनायी थी। मिस्र से पहले मेसोपोटामिया के लोग शराब बनाने के लिए जाने जाते थे। जैसे-जैसे समय बीता बीयर बनाने की तकनीक यूरोप तक पहुँच गयी।

इतिहासकारों की मानें तो जर्मन और दूसरे क्षेत्रों के लोग भी बीयर का सेवन करते थे। मध्य युग के दौरान बीयर जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गयी थी। बीयर को सड़ने से बचाने के लिए हॉप्स (Hops) का इस्तेमाल किया जाने लगा तथा इसे बनाने की तकनीक में काफी सुधार किया गया। हॉप्स ने बीयर की समयावधि के लिए प्राकृतिक संरक्षक के रूप में काम किया। जिसका उपयोग जर्मनी और बेल्जियम जैसे उत्तरी यूरोपीय देशों में भी किया गया। बीयर ब्रिटिश जीवन का भी अभिन्न हिस्सा रही। ब्रिटिश सेना ने प्रत्येक सैनिक के राशन में दैनिक बीयर को शामिल किया। बीयर की बहुत लोकप्रिय शैली इंडिया पेल एल (India Pale Ale) को जहाज़ों के माध्यम से इंग्लैंड से भारत और बर्मा जैसे दूर-दराज़ क्षेत्रों पर पहुंचाया गया।

अमेरिका में शुरुआती शराब बनाने वाले केंद्र न्यूयॉर्क और फिलाडेल्फिया (Philadelphia) थे। 1810 में अकेले न्यूयॉर्क शहर में 42 बीयर बनाने वाले केंद्र थे। 1800 के दशक के अंत और 1900 के प्रारंभ में लेगर (Lager) बीयर की बढ़ती मांग ने अमेरिकी बीयर उत्पादन को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया। 19वीं सदी में कारखानों के बनते ही बीयर मशीनों के ज़रिए बनायी जाने लगी थी।

बीयर का इतिहास लंबे समय से मेरठ के साथ भी जुड़ा हुआ है। 1830 के दशक में मेरठ में देसी बीयर बनायी जाती थी जिसे मिस्टर भोले बीयर (Mr. Bhole beer) के नाम से जाना जाता था। यूरोपीय सैनिकों के लिए यह बीयर आकर्षण का केंद्र थी। कैंट में ज़्यादातर रम (Rum), और ब्रांडी (Brandy) का सेवन बीयर के साथ ही किया जाता था। यहां मिस्टर भोले नामक एक व्यक्ति द्वारा बीयर बनाई जाती थी जिस कारण इसे मिस्टर भोले बीयर का नाम दिया गया था। यह देसी बीयर स्वाद में बढ़िया, पौष्टिक तथा सेहत को नुकसान न पहुँचाने वाली थी। इसका उपयोग सैनिकों द्वारा व्यापक रूप से किया जा रहा था किंतु 1839 मे ईस्ट इंडिया कंपनी (East India Company) के डॉक्टर, जॉन मरे (John Murray) ने कैंट के अंदर इस बीयर के सेवन पर रोक लगा दी। ऐसा मानना था कि यह बीयर खट्टी, अत्यधिक गैस वाली और पेट व स्वास्थ्य पर विपरीत असर डालने वाली थी।

मेरठ में स्थित भोला की झाल का नाम भोला बीयर के नाम पर ही रखा गया है। भोला की झाल मेरठ के पास जानीखुर्द नामक गाँव में है जिसे सलावा की झाल नाम से भी जाना जाता है। यह एक प्रकार का पिकनिक स्पॉट (Picnic spot) है जिसकी ख्याति शहर के लोगों में बहुत अधिक है। आज यह केवल एक सैर-सपाटे की ही जगह नहीं है बल्कि शहरवासियों के लिए गंगाजल और बिजली परियोजनाओं का पर्याय भी है। जानी कस्बे में स्थित इस नहर पर एक बांध बनाया गया है जिससे बड़े स्तर पर शहर को बिजली आपूर्ति की जा रही है। वहीं इस बांध के आस-पास के क्षेत्र को एक पिकनिक स्पॉट की तरह विकसित कर दिया गया है जहां आप अपने परिवार और दोस्तों के साथ एक छुट्टी बिताने की योजना बना सकते हैं।

संदर्भ:
1.
https://bit.ly/2Jz4by5
2. https://bit.ly/2ROZgxO
3. https://bit.ly/2Zj3QLr
4. https://bit.ly/2XrLNOi
5. https://bit.ly/2KPde1e
चित्र सन्दर्भ:-
1.
https://www.flickr.com/photos/ancientartpodcast/8045321195
2. https://bit.ly/2INpWx4
3. https://bit.ly/2L6VqNR
4. https://bit.ly/2Zc3CGK
5. https://en.wikipedia.org/wiki/Beer_Street_and_Gin_Lane



RECENT POST

  • मेरठ शहर और 120 साल पुराने शिकारी खेल में है, अनोखा सम्बन्ध
    हथियार व खिलौने

     04-06-2020 02:30 PM


  • इंडो पार्थियन युग के जीवन को दर्शाते हैं राजा गोंडोफेरस के सिक्के
    धर्म का उदयः 600 ईसापूर्व से 300 ईस्वी तक

     03-06-2020 03:10 PM


  • क्या है, हमारे जीवन में कीटों का महत्व ?
    तितलियाँ व कीड़े

     02-06-2020 10:50 AM


  • विभिन्न उद्यमों ने किया है सरकार से मजबूत राहत पैकेज का अनुरोध
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     01-06-2020 11:25 AM


  • बाम्बिनो नामक लड़के की प्यारी सी कहानी है, ला लूना
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     31-05-2020 11:50 AM


  • एक मार्मिक चित्र जिसने 1857 की क्रांति के दमन को दर्शाया
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     30-05-2020 09:25 AM


  • आज भी आवश्यकता है एक प्राचीन रोजगार “नालबंद” की
    सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

     29-05-2020 10:20 AM


  • भारत के पश्तून/पठानों का इतिहास
    सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

     28-05-2020 09:40 AM


  • ब्रह्मांड की उत्पत्ति, इसके विकास और अंतिम परिणाम की व्याख्या करता है धार्मिक ब्रह्मांड विज्ञान
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     27-05-2020 01:00 PM


  • भारतीय और एंग्लो इंडियन पाक कला
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     26-05-2020 09:45 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.