सबका पहला आदर्श - पिता

मेरठ

 16-06-2019 10:30 AM
विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

आप जितने भी सफल व्यक्तियों को देखेंगे, तो उनके जीवन की सफलता में उनके पिता का रोल आपको नज़र आएगा। उन्होंने अपने पिता से प्रेरणा ली होती है और उनको आदर्श माना होता है। इसके पीछे सिर्फ यही कारण होता है कि कोई व्यक्ति लाख बुरा हो, लाख गन्दा हो, लेकिन अपनी संतान को वह 'अच्छी बातें और संस्कार' ही देने का प्रयत्न करता है। ऐसे कई उदाहरण हैं कि कोई व्यक्ति नालायक होता है, शराबी होता है, जुआरी होता है लेकिन ज्योंही वह पिता बनता है, अपनी गन्दी आदतें इसलिए छोड़ देता है ताकि उसके बच्चों पर बुरा असर न पड़े। हालाँकि, यह संसार बहुत बड़ा है और इसमें लोग भी भिन्न प्रकार के हैं। पर यह कहा जा सकता है कि अपने बच्चे के लिए हर पिता बेहतर कोशिश करता है, अपनी क्षमता से कहीं ज्यादा! इसलिए वह तारीफ़ के काबिल तो होता ही है। अपने पिता से अफ़सोस और शिकायतें तो सिर्फ वो लोग करते हैं जिन्होंने जिंदगी में अपने आप को साबित नहीं किया वरना हर पिता का जीवन सीखने योग्य होता है। पिता ही दुनिया का एक मात्र शख्‍स है, जो चाहते है कि उसका बच्‍चा उससे भी ज्‍यादा तरक्‍की करे, उससे भी ज्‍यादा नाम कमाये। इसके लिए वह कई बार सख्त रूख भी अख्तियार करते हैं, क्योंकि जीवन में आगे बढ़ने के लिए 'अनुशासन' का सहारा लेना ही पड़ता है। एक पिता की इच्छा यही होती है कि वो जब भी अपने बच्चे को देखे तो उसे उसे वह हँसता हुआ और खुश दिखाई दे। आज अन्तराष्ट्रीय पितृ दिवस है। आज के दिन प्रत्येक संतान को संकल्पित होकर अपने पिता को खुश रखने का प्रयत्न करना चाहिए और उन्हें धन्यवाद देना चाहिए, उनके संघर्षो के लिए उनके त्याग के लिए, हर उस बात के लिए जिसकी उन्होंने परवाह नही की। हमें उनका कृतज्ञ होना चाहिए सिर्फ हमारे लिए अपनी खुशियाँ त्यागने के लिए, हमसे गुस्सा होने के लिए, और हमें मनाने के लिए, हमारी जिद को पूरा करने के लिए और हमें ये जीवन देने के लिए।

आज पितृ दिवस के लिए प्रारंग लेकर आया है एक ऐसा चलचित्र जिसमें एक बेटी और उसके अभिभावक का रिश्ता खासकर पिता के रिश्ते को दिखाया गया है और उसके पार्श्व में एक हिंदी गीत ‘बेटी तेरी एक मुस्कान में’ दिया गया है।

सन्दर्भ:-
1. https://www.youtube.com/watch?v=lIg0hEDJE9o



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