मेरठ की जामा मस्जिद उत्तर भारत की सबसे पहली जामा मस्जिद

मेरठ

 11-06-2019 11:08 AM
वास्तुकला 1 वाह्य भवन

खुदा की इबादत की जगह सभी के दिल के करीब होती है तथा आकार में भी बड़ी होती है। ऐसी ही एक मस्जिद है मेरठ की जामा मस्जिद, जिसे उत्तर भारत की सबसे पुरानी मस्जिद माना जाता है। मुस्लिम समुदाय के लोग नियमित रूप से मस्जिद में नमाज़ अदा करने आते हैं। मुगल बादशाह हुमायूं द्वारा इस मस्जिद की आंशिक रूप से मरम्मत की गई थी। क्योंकि समय के साथ-साथ मस्जिद का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। आज मुस्लिम समुदाय इस मस्जिद की देखरेख करता है। इसका निर्माण 1019 में सुल्तान महमूद गज़नवी के वज़ीर ने करवाया था तथा उसके पश्चात् इल्तुतमिश के पौत्र नसीरूद्दीन महमूद ने इसका पुनर्निर्माण 1239 ई. में करवाया। मेरठ की जामा मस्जिद से पहले भी कई मस्जिदों का निर्माण भारत में हो चुका था। परंतु फिर भी इसे भारत की शुरुआती मस्जिदों की सूची में रखा गया है। तो आइए जानते हैं भारत की कुछ प्राचीन मस्जिदें और उनके निर्माण का समय :-

तो ये थीं भारत की कुछ प्राचीन मस्जिदें जो देश-विदेश में भी प्रसिद्ध हैं। मेरठ की जामा मस्जिद की बात करें तो यह मस्जिद मेरठ के कोतवाली क्षेत्र में स्थित है। इसके ऐतिहासिक महत्व को जानने के लिए लोग दूर-दूर से यहां आते हैं। यह सल्तनत काल की वास्तुकला का एक अनूठा नमूना है। यह मस्जिद कई सौ वर्ग मीटर में फैली हुई है और आज भी बेहतर स्थिति में है। इस मस्जिद का रखरखाव और खर्चा लोगों से चंदा लेकर होता है। बताया जाता है कि सात सौ साल पहले यहां सिर्फ पीछे का ही हिस्सा बना था और यहां की तीन गुंबदें मुगलों के समय की हैं। गुंबदों और आगे के हिस्से को छोड़कर अन्य हिस्सों का निर्माण बाद में कराया गया था। इस जामा मस्जिद की बनावट मुगलकालीन स्थापत्य कला से अलग है। हालांकि मुगलकाल के बाद भी इस मस्जिद में कुछ ना कुछ बनता रहा है। ऐसे में इस मस्जिद में मुगलकाल के पूर्व और बाद की कला का मेल साफ-साफ दिखाई देता है।

कहा जाता है कि महमूद गज़नवी के वज़ीर हसन महबंदी जब मेरठ आए तो इन्होंने बाले मियां के साथ मेरठ में काफी समय बिताया। तभी कई सूफी लोग भी यहां बसे। इस कारण इन लोगों की इबादत के लिए वर्ष 1019 में महबंदी ने मस्जिद की नींव रखवाई, तब यह मस्जिद छोटी थी। गुलाम वंश नसीरुद्दीन महमूद के शासन काल के दौरान उनके वज़ीर बलबन ने मस्जिद निर्माण के काम को पूरा करवाया। उसी समय इस मस्जिद को जामा मस्जिद का दर्जा दिया गया था। इस प्रकार उत्तर भारत की सबसे पहली जामा मस्जिद का निर्माण मेरठ में हो गया।

संदर्भ:
1. https://bit.ly/2XCqR7T
2. https://bit.ly/2wMqUSN
3. https://bit.ly/2WrcLoE
4. https://www.nativeplanet.com/meerut/attractions/jama-masjid/
5. http://www.theleadersnews.com/10-oldest-mosques-india-showcase-best-indo-islamic-architecture/
6. https://en.wikipedia.org/wiki/List_of_mosques_in_India



RECENT POST

  • मेरठ में मौजूद शनिदेव की अष्‍टधातु की प्रतिमा का संक्षिप्‍त विवरण
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     23-01-2021 12:13 PM


  • 7 वीं (मेरठ) डिवीजन का प्रथम विश्व युद्ध में अपरिहार्य भूमिका
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     22-01-2021 03:54 PM


  • बकरी पालन व्‍यवसाय का संक्षिप्‍त विवरण
    स्तनधारी

     21-01-2021 01:32 AM


  • पिछले वर्ष लॉकडाउन के तहत सड़क दुर्घटनाओ में देखी गई कमी
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     20-01-2021 11:48 AM


  • विभिन्न वर्गों के लिए दिए जाते हैं, विभिन्न प्रकार के पासपोर्ट
    सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

     19-01-2021 12:27 PM


  • बुलियन (bullion) और न्यूमिज़माटिक (Numismatic ) में अंतर
    सिद्धान्त I-अवधारणा माप उपकरण (कागज/घड़ी)

     18-01-2021 12:44 PM


  • जीवन को बेहतरीन बनाती है, निस्वार्थ भावना
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     17-01-2021 12:03 PM


  • कोरोना महामारी के तहत चमड़े के निर्यात में 10.89% की गिरावट
    वास्तुकला 2 कार्यालय व कार्यप्रणाली

     16-01-2021 12:26 PM


  • जैन धर्म के पवित्र मंदिर की दीवारों पर चित्रित दैवीय कलाकृतियाँ
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     15-01-2021 12:54 AM


  • आखिर क्यों है कुंभ मेले में मकर संक्रांति के दिन का इतना महत्व
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     14-01-2021 12:24 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id