मेरठवासियों के लिये गर्मी की छुट्टियों में घूमने का एक अच्छा विकल्प- चंडीगढ़

मेरठ

 27-05-2019 11:00 AM
पर्वत, चोटी व पठार

स्कूलों में होने वाली गर्मी की छुट्टियों का बच्चों को बेसब्री से इंतजार रहता है। ऐसे में बच्चे सैर सपाटे की तैयारी करना शुरू कर देते हैं और ज्यादातर अभिभावक भी गर्मी की छुट्टियों में अपने बच्चों के साथ कहीं बाहर घूमने जाना चाहते हैं। क्या आपने भी इन गर्मियों की छुट्टियों में कहीं जाने का सोचा है? यदि हां तो मेरठवासी, चंडीगढ़ में अपनी छुट्टियाँ बिताने की योजना बना सकते हैं, क्योंकि चंडीगढ़ भारत में सबसे आधुनिक और सबसे नये शहरों में से एक है जो कि फ्रांसीसी वास्तुकार, ले कोर्बुज़ीयर द्वारा डिज़ाइन (Design) किया गया है। और यहां कई सुंदर और आकर्षक पर्यटन स्थल भी हैं। सौभाग्य से यह मेरठ से सिर्फ 263 किमी दूर है और यहां पहुंचने के लिए केवल 5-6 घंटे लगते हैं।

चंडीगढ़ अपनी अद्भुत वास्तुकला और परिदृश्य के लिये जाना जाता है, यहां के दर्शनीय स्थल, शहर के खूबसूरत बाग, साफ सुथरी सड़कें और सुनियोजित तरीके से सजे बाज़ार, स्वच्छ और शांत परिवेश आदि देशी विदेशी पर्यटकों का मन-मोह लेते हैं। यहाँ पर बहुत सारे उद्यान और पिकनिक (Picnic) स्थल हैं जो पर्यटकों की यात्रा को यादगार बनाते हैं। यहाँ हम आपको चंडीगढ़ शहर में घूमने की कई जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं।

रोज़ गार्डन (Rose Garden)
चंडीगढ़ के रोज़ गार्डन को ‘ज़ाकिर हुसैन रोज़ गार्डन’ के रूप में भी जाना जाता है जो 30 एकड़ में फैला हुआ है। उत्तम तरह के फूलों की किस्मों की वजह से यह गार्डन पर्यटकों और प्रकृति के प्रेमियों के लिए स्वर्ग के समान है। इस क्षेत्र के अधिकांश पौधे विभिन्न गुलाबों से भरे हैं परंतु गुलाब के अलावा यहां कई औषधीय जड़ी बूटियों की किस्में भी देखने को मिलती हैं। इस गार्डन की सबसे खास बात यह है कि यह एशिया में अपनी तरह का सबसे बड़ा उद्यान है।

लीज़र वैली (Leisure Valley)
चंडीगढ़ में घूमने के लिए लेज़र वैली सबसे महत्वपूर्ण स्थानों में से एक है। यह राजेंद्र पार्क से लेकर कई पार्कों और उद्यानों तक लगभग 8 किमी तक फैला हुआ है। इसमें रोज़ गार्डन, शांति कुंज, बोगनविला गार्डन (Bougainvillea Garden), हिबिस्कस गार्डन (Hibiscus Garden), गार्डन ऑफ फ्रेगरेंस (Garden of Fragrance) आदि जैसे उद्यान शामिल हैं। इस वैली में कदम रखने के बाद पर्यटक का यहाँ से जाने का मन नहीं करता।

बटरफ्लाई पार्क (Butterfly Park)
रंग-बिरंगी तितलियों की यहां नई प्रजातियां देखने को मिलती हैं, यह पार्क सात एकड़ की भूमि में फैला हुआ है। बटरफ्लाई पार्क में घूमने के इच्छुक पर्यटक यहां खुद को प्रकृति के बेहद नज़दीक महसूस कर सकते हैं। यहां तितलियों को आकर्षित करने के लिए कई तरह के पौधे भी लगे हैं।

रॉक गार्डन (Rock Garden)
यह चंडीगढ़ के दर्शनीय स्थल में काफी प्रसिद्ध और खुबसूरत पार्क है। यह पार्क शहर में कल्पना और नवीनता का एक प्रतीक बन गया है। इस गार्डन में बेकार तथा टूटी-फूटी वस्तुओं से अनूठी कलाकृतियों का निर्माण किया गया है। कला प्रेमियों के लिए यह जगह स्वर्ग के समान है।

टैरेस्ड गार्डन (Terraced Garden)
यह चंडीगढ़ का एक प्रसिद्ध और अधिक लोकप्रिय पर्यटक आकर्षण है। रंग-बिरंगे मौसमी फूलों से भरा यह गार्डन 10 एकड़ भूमि में फैला हुआ है। यहाँ अनेक प्रकार के मौसमी फूलों की भरमार है।

छतबीड़ चिड़ियाघर
छतबीड़ प्राणी उद्यान कई प्रकार के स्तनधारियों, सरीसृपों, पक्षियों और अन्य जंगली जानवरों का घर है। यद्यपि यह जगह जंगली जानवरों से भरी हुई है, फिर भी यहां प्रमुख आकर्षण शेर सफारी है। विभिन्न जंगली प्राणियों को दिखने के कारण पर्यटकों के लिए यह चिड़ियाघर चंडीगढ़ जाने के लिए शीर्ष स्थान बन गया है।

उपरोक्त स्थलों के अलावा यहां नेपाली रिज़र्व वन, कैक्टस गार्डन (Cactus Garden), अंतर्राष्ट्रीय गुड़िया संग्रहालय, मोहाली क्रिकेट स्टेडियम, ले कॉर्बूसियर ऑफिस (Le Corbusier Office), इस्कॉन मंदिर आदि कई स्थल हैं जहां आप घूम सकते हैं।

चंडीगढ़ कैसे पहुंचे:
चंडीगढ़ में कई रेलवे स्टेशन हैं। इसके अलावा यहाँ पर एक अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा भी है जो देश और विदेश के शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। यह शहर सड़कों द्वारा उत्तर भारत के प्रमुख शहरों से भी अच्छी तरह जुड़ा हुआ है।
हवाई जहाज़ से चंडीगढ़ कैसे पहुंचे
चूँकि यह एक अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा है इसलिए आपको यहाँ के लिए सभी छोटी बड़ी एयरलाइंस (Airlines) मिल जाएँगी। यहां पहुंचने के लिए आपको पहले बस के द्वारा मेरठ से नई दिल्ली के लिये लगभग 2 घंटे 30 मीटर की यात्रा करनी होगी जिसका बस टिकट लगभग 1064 रूपये का होगा इसके बाद आपको दिल्ली से चंडीगढ़ के लिए हवाई जहाज़ मिल जायेगा जो आपको 1382 रूपये की टिकट के साथ लगभग 50 मिनट में चंडीगढ़ पहुंचा देगा। हवाई अड्डे पर पहुँचने के बाद आप टैक्सी (Taxi) की मदद से मुख्य शहर तक पहुँच सकते हैं।
सड़क मार्ग से चंडीगढ़ कैसे पहुंचें
चंडीगढ़ सड़कों के माध्यम से देश के प्रमुख शहरों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। आप पहले ट्रेन से यात्रा करके मेरठ से अंबाला कैंट पहुंचे (ट्रेन टिकट की कीमत- 149 रूपये) जोकि मेरठ से केवल 3 घंटे 25 मिनट की दूरी पर है। इसके बाद आप अबाला कैंट से बस द्वारा 90 रूपए की टिकट के साथ लगभग 1 घंटे 30 मिनट में चंडीगढ़ पहुँच सकते हैं।
ट्रेन से चंडीगढ़ कैसे पहुंचे
अगर आप चंडीगढ़ की यात्रा ट्रेन से करना चाहते हैं तो आप मेरठ से चंडीगढ़ तक ट्रेन पकड़ सकते हैं। वैसे तो कई ट्रेनें हैं जो दोनों शहरों के बीच चलती हैं। परंतु साप्ताहिक आधार पर 1 ट्रेन मेरठ चंडीगढ़ मार्ग पर चलती है और 263 किमी. की दूरी तय करती है। पहली ट्रेन जो मेरठ से चंडीगढ़ तक चलती है वो 12687 देहरादून एक्सप्रेस है जो रात के 10:43 बजे मेरठ से रवाना होती है और सुबह के 04:40 बजे चंडीगढ़ पहुंचती है। यह ट्रेन सबसे तेज़ और सबसे सस्ती है।
कहां ठहरें:
यदि आप चंडीगढ़ में अच्छे होटल देखना चाहते हैं तो आप करीब 800-1000 रूपए की लागत में अच्छे होटल पा सकते हैं।

संदर्भ:
1. https://www.wiwigo.com/blog/places-to-visit-in-chandigarh/
2. https://www.cleartrip.com/tourism/routes/dd/meerut-to-chandigarh-route.html
3. https://www.cleartrip.com/tourism/train/routes/meerut-to-chandigarh-trains.html
4. https://www.oyorooms.com/hotels-in-chandigarh/

RECENT POST

  • हिन्द महासागर के हरे-भरे मॉरीशस द्वीप में हुआ भारतीय व्यंजनों का महत्वपूर्ण प्रभाव
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     26-05-2022 08:28 AM


  • देखते ही देखते विलुप्त हो गए हैं, मेरठ शहर के जल निकाय
    नदियाँ

     25-05-2022 08:12 AM


  • कवक बुद्धि व जागरूकता के साक्ष्य, अल्पकालिक स्मृति, सीखने, निर्णय लेने में हैं सक्षम
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     24-05-2022 07:35 AM


  • मेरे देश की धरती है दुर्लभ पृथ्वी खनिजों का पांचवां सबसे बड़ा भंडार, फिर भी इनका आयात क्यों?
    खनिज

     23-05-2022 08:43 AM


  • जमीन पर सबसे तेजी से दौड़ने वाला जानवर है चीता
    व्यवहारिक

     22-05-2022 03:34 PM


  • महान गणितज्ञों के देश में, गणित में रूचि क्यों कम हो रही है?
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     21-05-2022 11:18 AM


  • आध्यात्मिकता के आधार पर प्रकृति से संबंध बनाने की संभावना देती है, बायोडायनामिक कृषि
    भूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)

     20-05-2022 10:02 AM


  • हरियाली की कमी और बढ़ते कांक्रीटीकरण से एकदम बढ़ जाता है, शहरों का तापमान
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     19-05-2022 09:45 AM


  • खेती से भी पुराना है, मिट्टी के बर्तनों का इतिहास, कलात्मक अभिव्यक्ति का भी रहा यह साधन
    म्रिदभाण्ड से काँच व आभूषण

     18-05-2022 08:46 AM


  • भगवान गौतम बुद्ध के जन्म से सम्बंधित जातक कथाएं सिखाती हैं बौद्ध साहित्य के सिद्धांत
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     17-05-2022 09:49 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id