हिरण की एक खूबसूरत प्रजाति टफ्टेड हिरण

मेरठ

 28-02-2019 11:02 AM
शारीरिक

जिम कार्बेट राष्‍ट्रीय उद्यान विभिन्‍न वन्‍य प्रजातियों का घर है। रामपुर के निकट स्थित होने के कारण जिम कॉर्बेट में रामपुर के लोगों का आना जाना लगा रहता है और वे अक्‍सर यहां के हिरनों से रूबरू होते हैं। किंतु यहां के एक विचित्र हिरन से शायद ही कोई रामपुर का बाशिंदा रूबरू हुआ होगा। हम यहां बात कर रहे हैं टफ्टेड (Tufted) हिरन की। इस हिरन की प्रमुख विशेषता इसके दो श्वानदंत (मात्र नर प्रजाति के) तथा इनके माथे पर गुच्‍छेदार बाल है। यह हिरन एलाफोडस (Elaphodus) प्रजाती का एकमात्र सदस्‍य रह गया है। यह समुद्र तल से 4500 मीटर की ऊँचाई तक वनाच्छादित पहाड़ी पर निवास करते हैं जिस कारण इनका अध्‍ययन मुश्किल हो जाता है। अत्‍यधिक शिकार और निवास स्‍थान में होने वाली क्षति के कारण इनकी प्रजाति खतरे में आ गयी है।

यह हिरन दिखने में काकड़ के समान होते हैं, किंतु इनकी गर्दन लंबी तथा पैर पतले होते हैं। इसकी लंबाई लगभग 50-70 सेंटीमीटर तथा वजन 17 से 30 किलोग्राम होता है। इनकी पूंछ 10 सेंटीमीटर की होती है। इनका शरीर छोटे तथा घने बालों से आवृत्‍त होता है। यह सर्दियों में लगभग काले और गर्मियों में भूरे रंग के होते हैं। इनके होंठ, कानों का सिरा और पूंछ का नीचला भाग सफेद होता है। नर हिरन मादा की अपेक्षा बड़े होते हैं।

यह हिरन चीन तथा दक्षिण में पूर्वी तट से पूर्वी तिब्बत में निवास करते हैं। प्रारंभ में म्‍यांमार में भी इनके होने के साक्ष्‍य पाये गये हैं, किंतु वर्तमान में किये गये सर्वेक्षण में इनके यहां कोई प्रमाण नहीं मिले हैं। यह सदाबहार और पर्णपाती जंगलों, दोनों में पाया जाता है जिसमें व्यापक वनस्‍पति और आस-पास में ताजे पानी की आपूर्ति होती है। नमक की छोटी मात्रा की उपलब्धता भी इस जानवर की उपस्थिति का एक सकारात्मक कारक है। यह मुख्‍यतः पत्तियों, टहनियों, घास, फलों और अन्य प्रकार के पौधों को खाते हैं। इन्‍हें विचरक और चराई के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।

यह हिरन एकांत प्रिय पशु हैं जो कभी कभी जोड़े में पाए जाते हैं। यह संध्‍याचर पशु हैं तथा अपने निर्धारित मार्ग पर ही विचरण करते हैं जिसकी सुरक्षा नर हिरन द्वारा की जाती है। यह एक डरपोक जानवर है इसलिए यह अच्‍छे आवरण वाले स्‍थानों पर निवास करते हैं, जहां से भलीभांति छलावरण किया जा सके। यह आसानी से व्‍याकूल और शंकित हो जाता है तथा जौर से आवाज करके बिल्ली की भांति कूदकूदकर भागता है। नर हिरन साथी और क्षेत्र के लिए लड़ते समय अपने श्वानदंत को अपने प्रमुख हथियार के रूप में उपयोग करते हैं। इनके प्रजनन का समय सितंबर से दिसंबर के मध्‍य होता हैं। गर्भधारण की अवधि लगभग 6 महीने तक रहती है और गर्मियों की शुरुआत में 1 से 2 शावकों को जन्‍म दिया जाता है। युवा 1-2 वर्ष की अवस्‍था में पूर्ण परिपक्व हो जाते हैं, तथा 10-12 वर्ष तक जीवित रहते हैं।

चीन में, इस प्रजाति को कई जगहों पर प्रांतीय रूप से संरक्षित प्रजातियों के रूप में सूचीबद्ध किया गया है, लेकिन राष्ट्रीय कानून द्वारा इन्‍हें कोई संरक्षण नहीं दिया गया है। कुशल संरक्षण के लिए इस प्रजाति पर अधिक अध्ययन किए जाने की आवश्यकता है। ये अधिकांशतः संरक्षित क्षेत्रों में पाये जाते है। कुशल संरक्षण के लिए इस प्रजाति पर अधिक अध्ययन करने की आवश्यकता है।

संदर्भ:
1. https://bit.ly/2T72qBc
2. https://en.wikipedia.org/wiki/Tufted_deer
3. https://bit.ly/2SsHWhn

RECENT POST

  • हरियाली की कमी और बढ़ते कांक्रीटीकरण से एकदम बढ़ जाता है, शहरों का तापमान
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     19-05-2022 09:45 AM


  • खेती से भी पुराना है, मिट्टी के बर्तनों का इतिहास, कलात्मक अभिव्यक्ति का भी रहा यह साधन
    म्रिदभाण्ड से काँच व आभूषण

     18-05-2022 08:46 AM


  • भगवान गौतम बुद्ध के जन्म से सम्बंधित जातक कथाएं सिखाती हैं बौद्ध साहित्य के सिद्धांत
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     17-05-2022 09:49 AM


  • हमारे बहुभाषी, बहुसांस्कृतिक देश में शैक्षिक जगत से विलुप्‍त होता भाषा अध्‍ययन के प्रति रूझान
    ध्वनि 2- भाषायें

     17-05-2022 02:06 AM


  • अपघटन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, दीमक
    व्यवहारिक

     15-05-2022 03:31 PM


  • भोजन का स्थायी, प्रोटीन युक्त व् किफायती स्रोत हैं कीड़े, कम कार्बन पदचिह्न, भविष्य का है यह भोजन?
    तितलियाँ व कीड़े

     14-05-2022 10:11 AM


  • मेरठ में सबसे पुराने से लेकर आधुनिक स्विमिंग पूलों का सफर
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     13-05-2022 09:38 AM


  • भारत में बढ़ रहा तापमान पानी की आपूर्ति को कर रहा है गंभीर रूप से प्रभावित
    जलवायु व ऋतु

     11-05-2022 09:07 PM


  • मेरठ की रानी बेगम समरू की साहसिक कहानी
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     11-05-2022 12:10 PM


  • घातक वायरस को समाप्‍त करने में सहायक अच्‍छे वायरस
    कीटाणु,एक कोशीय जीव,क्रोमिस्टा, व शैवाल

     10-05-2022 09:00 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id