बेसिलिस्क (Basilisk) : पानी पर चलने वाली छिपकली

मेरठ

 28-02-2019 10:49 AM
निवास स्थान

हमने यह तो सुना ही है कि ईसा मसीह पानी की सतह पर चले थे, लेकिन क्या आपने कभी छिपकली को पानी में चलते हुए देखा है, आप सोच रहे होंगे ये तो असंभव है। परंतु वास्तव में कोरीटोफनिदए (Corytophanidae) परिवार की सामान्य बेसिलिस्क में पानी की सतह पर चलने की एक अद्भुत क्षमता है। यह छिपकली की एक प्रजाति है, जो मध्य अमेरिका और दक्षिण अमेरिका के वर्षावनों में नदियों और पानी के स्रोतों के आसपास पायी जाती है। इनकी पानी के सतह में चलने की क्षमता की वजह से इसे ईसा मसीह छिपकली, यीशु छिपकली, दक्षिण अमेरिकी यीशु छिपकली, या लैगार्टो डी जीसस क्रिस्टो (lagarto de Jesus Cristo) के नाम से भी जाना जाता है।

अधिकांश सामान्य बेसिलिस्क भूरे और क्रीम रंग के होते हैं। इनमें नर प्रजाति के सिर और पूंछ पर ऊंची कलगी होती हैं। इनके ऊपरी होंठ पर एक सफेद, क्रीम या पीले रंग की लकीर होती है और शरीर के दोनों ओर भी एक लकीर होती है। ये लकीरें उनकी उम्र बढ़ने के साथ-साथ फीकी होती रहती है। सामान्य बेसिलिस्क के नवजात शीशु का वजन मात्र 2 ग्राम और लम्बाई 1.5 से 1.7 इंच होती है। वहीं वयस्क 2.5 फीट की कुल लंबाई (पूंछ सहित) तक बढ़ सकते हैं। आम तौर पर मादा बेसिलिस्क का वजन 135 से 194 ग्राम होता है, जो पुरुषों के वजन के मुकाबले आधा होता है। सामान्य बेसिलिस्क की पुंछ की लंबाई उसके शरीर की लंबाई से 70 से 75% होती है। उदाहरण के लिए, एक सामान्य बेसिलिस्क की लंबाई 70 सेमी है तो उसकी पुंछ की लंबाई 50 सेमी लंबी होगी।

सामान्य बेसिलिस्क का मुंह बड़ा होता है, जिसके जबड़े के अंदरूनी हिस्से पर नुकीले दांत होते हैं। ये 11 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने की क्षमता रखते हैं। इनका औसत जीवन काल सात वर्ष का होता है। इनमें केवल पानी में चलने की क्षमता नहीं बल्कि ये एक उत्कृष्ट पर्वतारोही और तैराक भी हैं और ये पानी के नीचे आधे घंटे तक रह सकते हैं। शिकारियों से बचने के लिए ये निकटतम पानी की ओर तेज गति से भागती है। यह छिपकली केवल अपने पीछे के पैरों का उपयोग कर खड़ी अवस्था में पानी की सतह पर भागती है। ये पानी की सतह में इसलिए भाग लेते हैं क्योंकि इनके पैर बड़े होते हैं और पैर की उंगलियाँ त्वचा से आवृत्त होती हैं, जो पैरों में वायु को अवशोषित करने में मदद करती है।

सामान्य बेसिलिस्क तीन चरणों में पानी में दौड़ते हैं, स्लेप, स्ट्रोक और रिकवरी। स्लेप के दौरान पैर मुख्य रूप से लंबवत नीचे की ओर बढ़ता है। वहीं स्ट्रोक के दौरान पैर मुख्य रूप से पीछे की ओर हो जाता है। और रिकवरी के दौरान पैर पानी से ऊपर और बाहर निकलता है, और बेसिलिस्क द्वारा पानी में चलने के लिए इन चरणों को दुबारा दौहराया जाता है। सीधे खड़े रहने के लिए यह लेटरल रिएक्‍शन फोरसिस (lateral reaction forces) का इस्तेमाल करता है, जिसमें पक्षों में बल का निर्माण किया जाता है। इन बलों को बनाने के लिए, बेसिलिस्क स्लेप चरण के दौरान बाहर की ओर धक्का देती है क्योंकि वे खुद को सहायक अंग की ओर घेरते हैं। फिर वे स्ट्रोक के दौरान खुद को अपने शरीर की ओर गेरते हैं क्योंकि इस चरण में उनके द्रव्यमान का केंद्र सहायक अंग से दूर हट जाता है। यह प्रभाव बेसिलिस्क को सीधा खड़े होने में मदद करता है।

सामान्य बेसिलिस्क इतनी तेज दौड़ते हैं कि वह डूबने से पहले पानी की एक सतह को पार कर देते हैं। पानी पर, यह 24.1 किमी प्रति घंटे की औसत गति से चलते हैं, वैसे तो सामान्य बेसिलिस्क पानी के करीब शिकारियों से बचने के लिए रहते हैं, लेकिन ये आवश्यकता पड़ने पर ही पानी में जाते हैं, क्योंकि कुछ जलीय जानवरों द्वारा भी इनका शिकार किया जाता है।

बेसिलिस्क एक सर्वाहारी है और ये आमतौर पर कीड़े खाते हैं, उदाहरण के लिए, बीटल या पतंगे; फूल, और छोटे कशेरुक जैसे सांप, पक्षी, अंडे और मछली का सेवन करते हैं। मादा बेसिलिस्क एक वर्ष में 10-20 अंडे देती है, और अंडे देने के बाद वे अंडो को स्वयं फूटने के लिए छोड़ देती है। इन अंडों से लगभग तीन महीने बाद नवजात बाहर आ जाते हैं। इन नवजातों में पैदा होते ही दौड़ने (जमीन और पानी पर), चढ़ने और तैरने की क्षमता होती है। साथ ही स्थिर अवस्था में उनकी उत्कृष्ट छलावरण की शक्ति उन्हें छिपने में मदद करती है।

संदर्भ :-
1. https://en.wikipedia.org/wiki/Common_basilisk
2. https://www.nationalgeographic.com/animals/reptiles/g/green-basilisk-lizard/
3. https://on.natgeo.com/2VnMEii

RECENT POST

  • खेती से भी पुराना है, मिट्टी के बर्तनों का इतिहास, कलात्मक अभिव्यक्ति का भी रहा यह साधन
    म्रिदभाण्ड से काँच व आभूषण

     18-05-2022 08:46 AM


  • भगवान गौतम बुद्ध के जन्म से सम्बंधित जातक कथाएं सिखाती हैं बौद्ध साहित्य के सिद्धांत
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     17-05-2022 09:49 AM


  • हमारे बहुभाषी, बहुसांस्कृतिक देश में शैक्षिक जगत से विलुप्‍त होता भाषा अध्‍ययन के प्रति रूझान
    ध्वनि 2- भाषायें

     17-05-2022 02:06 AM


  • अपघटन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, दीमक
    व्यवहारिक

     15-05-2022 03:31 PM


  • भोजन का स्थायी, प्रोटीन युक्त व् किफायती स्रोत हैं कीड़े, कम कार्बन पदचिह्न, भविष्य का है यह भोजन?
    तितलियाँ व कीड़े

     14-05-2022 10:11 AM


  • मेरठ में सबसे पुराने से लेकर आधुनिक स्विमिंग पूलों का सफर
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     13-05-2022 09:38 AM


  • भारत में बढ़ रहा तापमान पानी की आपूर्ति को कर रहा है गंभीर रूप से प्रभावित
    जलवायु व ऋतु

     11-05-2022 09:07 PM


  • मेरठ की रानी बेगम समरू की साहसिक कहानी
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     11-05-2022 12:10 PM


  • घातक वायरस को समाप्‍त करने में सहायक अच्‍छे वायरस
    कीटाणु,एक कोशीय जीव,क्रोमिस्टा, व शैवाल

     10-05-2022 09:00 AM


  • विदेश की नई संस्कृति में पढ़ाई, छात्रों के लिए जीवन बदलने वाला अनुभव हो सकता है
    सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

     09-05-2022 08:53 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id