मेरठ की लोकप्रिय हलीम बिरयानी का सफर

मेरठ

 05-12-2018 11:58 AM
स्वाद- खाद्य का इतिहास

भारतीय संस्कृति में हर्षोल्लास की अभिव्यक्ति का पहला माध्‍यम भोजन है अर्थात जीवन की हर खुशी जैसे जन्म, विवाह इत्‍यादि के जश्‍न में खाना, दावत, पार्टी के अतिरिक्‍त कोई अन्य अपेक्षा नहीं की जाती है, क्योंकि मानवीय जीवन में ऊर्जा का सबसे बड़ा स्‍त्रोत भोजन ही है। भोजन हमारी संस्‍कृति की अभिव्‍यक्ति का भी सबसे बड़ा माध्‍यम है इसका प्रत्‍यक्ष प्रमाण है हमारे देश के विभिन्‍न क्षेत्रों के प्रसिद्ध व्‍यंजन जैसे गुजरात का ढोकला, मुंबई की पावभाजी, हैदराबाद की बिरयानी, राजस्‍थान का दाल बाटी चूरमा इत्‍यादि। भारत में एक ही व्‍यंजन को अनेक प्रकार से तैयार किया जाता है, जैसे हैदराबाद की बिरयानी की ही बात की जाए, यह अनेक तरीकों से बनायी जाती है तथा भिन्‍न-भिन्‍न नामों से जानी जाती है। जो भारत के अन्‍य भागों में भी प्रसिद्ध है, जिनमें से एक है हैदराबाद की हलीम बिरयानी जो कि मेरठ में अत्‍यंत लोकप्रिय है।

वास्‍तव में हलीम बिरयानी अरब का व्‍यंजन है जिसका सर्वप्रथम उल्‍लेख 10वीं शताब्‍दी में अरेबियन लेखक अबू मुहम्मद अल-मुजफ्फर इब्न सय्ययार ने हरीस नाम से किया है। इनके द्वारा व्‍यंजनों पर लिखी गयी पुस्‍तक विश्‍व की सबसे पुरानी अरेबियन कुकबुक (cookbook) है, जिसे किताब अल-ताबीख (व्‍यंजनों की पुस्‍तक) नाम से जाना जाता है। मध्‍य एशिया में अरब साम्राज्‍य में विस्‍तार के साथ हरीस इनका एक प्रतीकात्‍मक व्‍यंजन भी बन गया था। भारत से इसका परिचय हैदराबाद के निजाम के अरेबियन सैनिकों ने करवाया बाद में इसे हैदराबाद के लोगों द्वारा हलीम नाम दिया गया। अकबर की आइन-ए-अकबरी में भी हलीम का उल्‍लेख देखने को मिलता है, जिसका अर्थ है कि मुगलों द्वारा 16वीं शताब्‍दी तक हलीम भारत में ला दी गयी थी।

आज हैदराबादी हलीम विश्‍व भर में प्रसिद्ध है तथा वर्ष भर इसे बड़े चाऊ से लोगों द्वारा खाया जाता है। यदि इसके सांस्‍कृतिक परिदृश्‍य की बात करें तो रमजान और मुहर्रम के महीने में भारतीय और पाकिस्‍तानी, बांग्‍लादेशी मुस्लिमों के मध्‍य इसका विशेष महत्‍व है, जिसे उपवास समाप्‍त करने के उपरांत प्रमुख रूप से परोसा जाता है। रमजान के महीने में हैदराबाद की हलीम बिरयानी विश्‍व भर में निर्यात की जाती है, जिसे प्रारंभ करने में व्यवसायी एम डी माजिद का विशेष योगदान रहा है। हैदराबाद की पारंपरिक हलीम को गेहूं, जौ, चने, मसूर, मांस और तेलंगाना के प्रसिद्ध मसालों से तैयार किया जाता है। इसके लिए सर्वप्रथम रातभर गेहूं, जौ, चने, मसूर को भिगाया जाता है, तथा मसालों के साथ मीट का कोरमा तैयार किया जाता है। इसके पश्‍चात गेहूं, जौ, चने, मसूर को उबालकर मीट के साथ मैश किया जाता है। इस जायकेदार हलीम को पकाने में लगभग 6 घण्‍टे का समय भी लग जाता है। हैदराबादी हलीम को भारत के प्रसिद्ध जीआई (Geographical Indication) के टैग से भी नवाजा गया है।

संदर्भ:
1.https://en.wikipedia.org/wiki/Haleem
2.https://timesofindia.indiatimes.com/home/sunday-times/deep-focus/How-haleem-became-the-new-biryani/articleshow/47941113.cms

RECENT POST

  • टोक्सोप्लाज़मोसिज़ गोंडी- एक ऐसा  परजीवी जो चूहों और इंसानों को भयमुक्त कर सकता है
    कोशिका के आधार पर

     29-11-2022 10:37 AM


  • प्राचीन काल में अनुमानित तरीके से, इस तरह होता था, शरीर की ऊंचाई और जमीन का मापन
    सिद्धान्त I-अवधारणा माप उपकरण (कागज/घड़ी)

     28-11-2022 10:24 AM


  • अरब की भव्य इमारतें बहुत देखी होंगी आपने, पर क्या कभी अरबी शादी भी देखी ?
    सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

     27-11-2022 12:21 PM


  • प्रदूषण और कोहरा मिलकर बड़ा रहे है, हमारे शहरों में अँधेरा
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     26-11-2022 10:53 AM


  • भारतीय किसानों को अधिक दूध के साथ-साथ अतिरिक्त लाभ भी पंहुचा सकती हैं, चारा फसलें
    भूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)

     25-11-2022 10:49 AM


  • किसी भी व्यवसाय के सुख-दुःख का गहराई से विश्लेषण करती पुस्तक
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     24-11-2022 11:07 AM


  • पहनावे और सुगंध का संयोजन, आपको भीड़ में भी सबसे अलग पहचान दिलाएगा
    गंध- ख़ुशबू व इत्र

     23-11-2022 10:50 AM


  • कैसे कर रहे हैं हमारे देश के आदिवासी समुदाय पवित्र वनों का संरक्षण?
    जंगल

     22-11-2022 10:45 AM


  • भारतीय बाजार में टेलीविजन की बढ़ती मांग को पूरा करेंगे, भारतीय टेलीविज़न निर्माता
    संचार एवं संचार यन्त्र

     21-11-2022 10:37 AM


  • शून्य-गुरुत्वाकर्षण में इस टी-हैंडल की हरकतें आपको भी हैरान कर देंगी
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     20-11-2022 12:54 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id