प्रवास के समय पक्षियों की गति प्रभावित करने वाले कारक

मेरठ

 10-11-2018 10:00 AM
पंछीयाँ

हम सभी पक्षियों को हर मौसम उड़ते हुए देखते हैं लेकिन हम पक्षियों की उड़ान के बारे में कभी नहीं जान पाते हैं। हम इस बात का पता नहीं लगा पाते हैं जो पक्षी हमारे घरों के ऊपर से उड़कर जा रहे हैं वे अपनी सामान्य दिनचर्या के लिये चक्कर काट रहे हैं या भोजन की तलाश में एक स्थान को छोड़ नये की खोज में यात्रा कर रहे हैं। पक्षियों की सामान्य और प्रवास यात्रा के दौरान गति काफी अलग-अलग होती है। यह हम सभी जानते हैं सभी पक्षियों की उड़ान की गति अलग-अलग होती है। उनकी गति को कई कारक प्रभावित करते हैं।

पक्षियों की सामान्य गति और प्रवास गति में काफी अंतर होता है। सामान्य गति की अपेक्षा प्रवास की गति अधिक होती है। इन दोनों गतियों में होने वाले अंतर को अच्छे से समझा जा सकता है। प्रवास यात्रा के दौरान पक्षी को निश्चित समय के भीतर निश्चित दूरी तय करनी होती है, इसके लिये उसे मार्ग में आने वाले कई चुनौतियों से होकर गुजरना होता है। प्रवास यात्रा के दौरान मौसम की मार, दुश्मन, मार्ग की दूरी, भोजन और विश्राम आदि कारक उनकी गति को प्रभावित करते हैं। उड़ान के दौरान पक्षियों को अपने वज़न को हवा में संभाले रखने, अपने शरीर के घर्षण को निरस्त करने, पंखों को फड़फड़ाने तथा शारारिक क्रियाएं जैसे उपापचयन, रक्त संचरण और फेफड़ा संवातन आदि में काफ़ी ऊर्जा की ज़रूरत होती है।

इन सभी कारकों पर ही उड़ान की गति निर्भर करती है। दूसरे शब्दों में कहें तो पक्षियों का वज़न, उनके पंखों का विस्तार भी उनकी गति को प्रभावित करता है लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है कि जो पक्षी जितना हल्का होगा उसके पंखों का विस्तार भी उतना ही अधिक और उसकी गति भी उतनी ही अधिक होगी। प्रकृति ने पक्षियों को विशेष गुण दिये हैं जिनसे वे प्रत्येक प्राकृतिक साधनों का समुचित उपयोग कर सकते हैं। पक्षी दिन में गर्मी के कारण पड़ने वाले गर्मी के झोकों का भी बेहतर तरीके से उपयोग करते हैं।

दिन के वक़्त ज़मीन के एक समान न होने पर वायु के झोंके बुलबुलों की तरह एक-दो कि.मी. ऊपर उठ जाते हैं और पंक्षी भी इनके साथ ऊपर उठ जाते हैं और एक झोंके से दूसरे झोंके में तैरते हुए काफी दूरी तय कर लेते हैं। इस प्रकार कम ऊर्जा खर्च कर ये लम्बी दूरी तय करते हैं। पक्षी लम्बी दूरी तय करते वक़्त यात्रा के दौरान खर्च होने वाली वसा को जमा कर लेते हैं। प्रवासी पक्षी लम्बी दूरी के दौरान इन सब चीज़ो का ख्याल रखते हैं।

आईये कुछ पक्षियों की प्रवास यात्रा और सामान्य यात्रा के दौरान गति देखते हैं।

संदर्भ:
1.https://stanford.io/2QFm7e1
2.https://khabar.ndtv.com/news/faith/navratri-2018-importance-of-jau-or-jwara-pujan-1930872
3.https://www.patrika.com/lucknow-news/navratri-vrat-and-jau-pujan-vidhi-1264907/
4.https://www.quora.com/How-many-Navratri-comes-in-a-year



RECENT POST

  • अद्वितीय स्वाद और सुगंध के लिए प्रसिद्ध है मुजफ्फरपुर की शाही लीची
    साग-सब्जियाँ

     22-06-2021 08:20 AM


  • अपने पुष्‍पों के सौंदर्य के साथ अद्भुत औषधीय गुणों के धनी नागलिंग के पेड़
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     21-06-2021 07:29 AM


  • रोमांटिक काल में कैसे बदला संगीत का स्‍वरूप?
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

     20-06-2021 12:38 PM


  • हमारे देश का गौरव होते हैं भारतीय सेना के वफादार सेवा निवृत्त कुत्ते।
    स्तनधारी

     19-06-2021 01:45 PM


  • जल वितरण प्रणाली में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं. ओवरहेड वाटर टावर
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन नगरीकरण- शहर व शक्ति

     18-06-2021 09:32 AM


  • मेरठ शहर का गौरव है सूरज कुंड पार्क
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     17-06-2021 10:47 AM


  • बैडमिंटन का इतिहास और भारत में बढ़ती इसकी लोकप्रियता
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     15-06-2021 08:47 PM


  • भारत की सबसे प्राचीन सिंधु लिपि को पढ़ने के लिये किये गये कई प्रयास
    ध्वनि 2- भाषायें

     15-06-2021 12:41 PM


  • जनगणना कराने के उद्देश्य और आवश्यकताएं
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     14-06-2021 09:18 AM


  • अविश्वसनीय है, तेंदुएं को किसी पेड़ पर चढ़ते हुए देखना
    व्यवहारिक

     13-06-2021 11:30 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id