डिप्रेशन: क्यों आज यह एक गंभीर मुद्दा है

मेरठ

 16-06-2018 11:03 AM
विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

वर्तमान काल में एक बड़ी समस्या हमारे समक्ष उभर कर आई है और यह समस्या हमारे स्वास्थ्य और समाज से जुड़ी है। अक्सर हम खिन्नता (Depression) और आघात के विषय में बात करने से कतराते हैं परन्तु यह एक ऐसा विषय है जिसपर हमें आज बात करने की आवश्यकता है। प्रत्येक वर्ष अकेले भारत में करीब 4,00,000 लोग आघात से मारे जाते हैं। आघात मन में दबी खिन्नता से आता है जो कि एक जानलेवा समस्या बन कर सामने उभर जाता है। चिंता चिता समान है और जब कोई चिंता या खिन्नता मनुष्य के दिमाग में घर बना लेती है तो यह आघात का रूप ले लेती है। यह महत्वपूर्ण विषय है कि खिन्नता या चिंता आदि के विषय में ज्यादा से ज्यादा आकार पर सोचा या विचारा जाए।

विगत कुछ वर्षों से इन विषयों के उपर भारत में विचार विमर्श होना शुरू हुआ है और यह जरूरी भी है। दुनिया भर में खिन्नता एक आम बीमारी है जिस से 300 मिलियन से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। पुरुषों (3.6%) की तुलना में महिलाओं (5.1%) के बीच खिन्नता सबसे आम है। दुनिया भर में खिन्नता से पीड़ित लोगों की कुल संख्या 322 मिलियन से अधिक है। इन पीड़ित लोगों में से लगभग आधे दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र और पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में रहते हैं जिसमें चीन और भारत जैसे अति जनसँख्या वाले देश भी शामिल हैं। वर्तमान में भारत की करीब 4.5% आबादी मानसिक खिन्नता से पीड़ित है। चीन में खिन्नता से पीड़ित लोगों की संख्या वहाँ की कुल आबदी का करीब 4.2% है। भारत में चिंता से पीड़ित लोगों की संख्या कुल 38 मिलियन है जो प्रतिशत के अनुसार 3% है। यदि इन दोनों आंकड़ों को मिला कर देखा जाए तो यह दर्शाता है कि भारत की करीब 7.5% जनसँख्या मानसिक बीमारियों से जूझ रही है तथा इसके कारण ही आघात से होने वाली मौतों का आंकड़ा बढ़ रहा है।

विश्व विकलांगता के आंकड़े में सबसे बड़ा योगदानकर्ता के रूप में डब्ल्यू.एच.ओ. द्वारा चिंता को स्थान दिया गया है। यह आत्महत्या का भी एक प्रमुख कारण है जो प्रति वर्ष 8,00,000 के करीब है। रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया भर में 2005 से 2015 तक चिंता का प्रसार 18 प्रतिशत बढ़ गया है। यह प्रदर्शित करता है कि क्यों चिंता एक प्रमुख समस्या है और यह किस प्रकार से समय दर समय बढ़ रही है। इस समस्या के समाधानों की जांच करना एक अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य है तथा चिंता या कुंठा को मन में दबा कर रखने के अलावा उसको उजागर करना एक महत्वपूर्ण बिंदु है। अतः यदि आप कभी खिन्नता महसूस करें तो अपने करीबियों से चर्चा करें और यदि आपके आस-पास कभी कोई ऐसा महसूस करे तो ज़रूर उससे बात कर उसकी सहायता करें। याद रखें, डिप्रेशन एक बहुत ही गंभीर मुद्दा है और इसके बारे में चर्चा करना कोई शर्म वाली बात नहीं है।

1.https://www.dailyo.in/lifestyle/depression-mental-disorder-anxiety-healthcare/story/1/22165.html
2.https://timesofindia.indiatimes.com/life-style/health-fitness/health-news/Are-you-depressed-and-dont-know-it/articleshow/51596721.cms
3.https://timesofindia.indiatimes.com/life-style/health-fitness/health-news/depression-causes-signs-symptoms-prevention/articleshow/61487507.cms

RECENT POST

  • आध्यात्मिकता के आधार पर प्रकृति से संबंध बनाने की संभावना देती है, बायोडायनामिक कृषि
    भूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)

     20-05-2022 10:02 AM


  • हरियाली की कमी और बढ़ते कांक्रीटीकरण से एकदम बढ़ जाता है, शहरों का तापमान
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     19-05-2022 09:45 AM


  • खेती से भी पुराना है, मिट्टी के बर्तनों का इतिहास, कलात्मक अभिव्यक्ति का भी रहा यह साधन
    म्रिदभाण्ड से काँच व आभूषण

     18-05-2022 08:46 AM


  • भगवान गौतम बुद्ध के जन्म से सम्बंधित जातक कथाएं सिखाती हैं बौद्ध साहित्य के सिद्धांत
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     17-05-2022 09:49 AM


  • हमारे बहुभाषी, बहुसांस्कृतिक देश में शैक्षिक जगत से विलुप्‍त होता भाषा अध्‍ययन के प्रति रूझान
    ध्वनि 2- भाषायें

     17-05-2022 02:06 AM


  • अपघटन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, दीमक
    व्यवहारिक

     15-05-2022 03:31 PM


  • भोजन का स्थायी, प्रोटीन युक्त व् किफायती स्रोत हैं कीड़े, कम कार्बन पदचिह्न, भविष्य का है यह भोजन?
    तितलियाँ व कीड़े

     14-05-2022 10:11 AM


  • मेरठ में सबसे पुराने से लेकर आधुनिक स्विमिंग पूलों का सफर
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     13-05-2022 09:38 AM


  • भारत में बढ़ रहा तापमान पानी की आपूर्ति को कर रहा है गंभीर रूप से प्रभावित
    जलवायु व ऋतु

     11-05-2022 09:07 PM


  • मेरठ की रानी बेगम समरू की साहसिक कहानी
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     11-05-2022 12:10 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id