नमाज़- क्या है इस खूबसूरत शब्द का अर्थ?

मेरठ

 16-04-2018 01:56 PM
विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

नमाज़ मात्र एक शब्द ही नहीं है बल्कि इसका एक गहरा अर्थ है। नमाज़ इस्लाम में इबादत करने को कहते हैं। नमाज़ एक फारसी शब्द है, जो उर्दू में अरबी शब्द ‘सलाह’ या सलात का पर्याय है। कुरान शरीफ में सलात शब्द बार-बार आया है और प्रत्येक मुसलमान स्त्री और पुरुष को नमाज़ पढ़ने का आदेश ताकीद के साथ दिया गया है। इस्लाम के आरंभकाल से ही नमाज़ की प्रथा और उसे पढ़ने का आदेश दिया गया है।

सलाह का मुख्य उद्देश्य एक व्यक्ति के संचार और ईश्वर की स्मृति के रूप में कार्य करना है। "अल-फतिहा" कुरान का पहला अध्याय पढ़ कर ईश्वर के मार्गदर्शन की मांग करना है।

हनबली स्कूल के विचार के तहत, एक व्यक्ति जो एक दिन में पांच बार प्रार्थना नहीं करता एक अविश्वासी है। विचारधारा के अन्य तीन सुन्नी विद्यालयों का कहना है कि जो व्यक्ति दिन में पांच बार प्रार्थना नहीं करता वह एक अपवित्र पापधारी है। इसके अलावा, दैनिक पूजा मुसलमानों को भगवान के आशीर्वाद के लिए शुक्रिया अदा करने की याद दिलाती है और ईश्वर के प्रति समर्पण की भावना को दर्शाती है। मुसलमान मानते हैं कि परमेश्वर के सभी भविष्यद्वक्ताओं ने दैनिक प्रार्थना की थी और वे परमेश्वर के निगहबान में थे। मुसलमान यह भी मानते हैं कि परमेश्वर के भविष्यद्वक्ताओं का मुख्य कर्तव्य मानवता के आगे परमेश्वर की नम्रता को प्रदर्शित करना है।

यदि दो प्रमुख शब्दों, जो कि दो धार्मिक समुदाय से जुड़े हैं, को देखा जाए तो- शब्द "नमाज़" और शब्द "नमस्ते" भाषायी रूप से बारीकी से संबंधित हैं। "नमाज़" एक फारसी मूल शब्द है और इसे मुख्य रूप से इंडो-यूरोपीय भाषा के बोलने वालों द्वारा बोला जाता है जैसे कि ईरान, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, भारत, बांग्लादेश, श्रीलंका और अन्य एशियाई देश। दोनों शब्दों में "नामा" का अर्थ है "पूर्ण विनम्रता" या "मैं नहीं"। "नमाज़" के मामले में, यह "ईश्वर के प्रति परम नम्रता" यानी अरबी शब्द "सलाह" के बराबर है। इन दोनों शब्दों को मिलाकर यह देखा जा सकता है कि नमाज़ और नमस्ते बहुत हद तक एक ही आधार पर कार्यरत हैं और इनका उद्देश्य एक ही है।

1. इस्लाम: हाऊ टू डू सलात/सलाह/नमाज़ इस्लामिक प्रेयर द मुस्लिम प्रेयर फ्रॉम कुरान एंड सुन्नाह, फैसल फहीम
2. https://en.wikipedia.org/wiki/Salah
3. https://en.wikipedia.org/wiki/Al-Fatiha

RECENT POST

  • प्रकृति की अनोखी कहानियां, अपने छोटे से जीवन में पारिस्थितिकी तंत्र को काफी लाभ पहुंचाती है अंजीर ततैया
    व्यवहारिक

     29-05-2022 01:46 PM


  • विश्व कपड़ा व्यापार पर चीन की ढीली पकड़ ने भारत के लिए एक दरवाजा खोल दिया है
    स्पर्शः रचना व कपड़े

     28-05-2022 09:14 AM


  • भारत में हमें इलेक्ट्रिक ट्रक कब दिखाई देंगे?
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     27-05-2022 09:23 AM


  • हिन्द महासागर के हरे-भरे मॉरीशस द्वीप में हुआ भारतीय व्यंजनों का महत्वपूर्ण प्रभाव
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     26-05-2022 08:28 AM


  • देखते ही देखते विलुप्त हो गए हैं, मेरठ शहर के जल निकाय
    नदियाँ

     25-05-2022 08:12 AM


  • कवक बुद्धि व जागरूकता के साक्ष्य, अल्पकालिक स्मृति, सीखने, निर्णय लेने में हैं सक्षम
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     24-05-2022 07:35 AM


  • मेरे देश की धरती है दुर्लभ पृथ्वी खनिजों का पांचवां सबसे बड़ा भंडार, फिर भी इनका आयात क्यों?
    खनिज

     23-05-2022 08:43 AM


  • जमीन पर सबसे तेजी से दौड़ने वाला जानवर है चीता
    व्यवहारिक

     22-05-2022 03:34 PM


  • महान गणितज्ञों के देश में, गणित में रूचि क्यों कम हो रही है?
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     21-05-2022 11:18 AM


  • आध्यात्मिकता के आधार पर प्रकृति से संबंध बनाने की संभावना देती है, बायोडायनामिक कृषि
    भूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)

     20-05-2022 10:02 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id