मेरठ अशोक स्तम्भ अभिलेख

मेरठ

 23-03-2018 11:00 AM
ध्वनि 2- भाषायें

मेरठ महाजनपद काल से ही राजनैतिक रूप से केंद्र बिंदु था। यही कारण है कि हस्तिनापुर व अन्य कितने ही पुरातात्विक टीले इस जिले में मिलते हैं। मेरठ का प्राचीन नाम मयराष्ट्र था जिसका विवरण रामायण और हस्तिनापुर का विवरण महाभारत से मिल जाता है। मौर्य साम्राज्य के आ जाने के बाद इस स्थान का वैभव और भी ऊँचा चला जाता है जिसका प्रमाण यहाँ के नाम के विवरणों से मिलता है। बिन्दुसार के निधन के बाद उसका बेटा अशोक राजगद्दी पर बैठा। अशोक के शासन काल में मेरठ का महत्व कई गुना बढ़ गया। अशोक ने अपने राज्यारोहण के 26वें वर्ष में मेरठ में अपना स्तम्भ लेख स्थापित करवाया। सन 1364 ईस्वी में फिरोजशाह तुगलक शिकार खेलता हुआ मेरठ आया और वह मेरठ में स्थापित शिलालेख को दिल्ली ले आया जिसे आज भी बड़ा हिन्दू राय के पास देखा जा सकता है। इस स्तम्भ को अशोक के द्वितीय स्तम्भ लेख के रूप में जाना जाता है। इस स्तम्भ लेख पर ब्राह्मी लिपि में अशोक के आदेशों को लिखा गया है। ब्राह्मी लिपि को जेम्स प्रिन्सेप की वजह से पढ़ा जाना संभव हो पाया है। इस स्तम्भ पर लिखे आदेश निम्नवत हैं-

“देवताओं के प्रिय प्रियदर्शी राजा का कहना है कि धर्म करना अच्छा है। पर धर्म क्या है? धर्म यही है कि पाप से दूर रहें, बहुत से अच्छे काम करें। दया, दान, सत्य और शौच (पवित्रता) का पालन करें। मैंने कई प्रकार से चक्षु का दान या आध्यात्मिक दृष्टि का दान भी लोगों को दिया है। दोपायों, चौपायों, पक्षियों और जलचरों पर भी मैंने कृपा की है। मैंने उन्हें प्राणदान भी दिया है और भी बहुत से कल्याण के कार्य मैंने किये हैं। यह लेख मैंने इसलिए लिखवाया है कि लोग इसके अनुसार आचरण करें और यह चिरस्थाई रहे जो मनुष्य इसके अनुसार आचरण करेगा, वह पुण्य का कार्य करेगा।"

उपरोक्त दिए अभिलेख से यह अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है कि अशोक ने किस प्रकार से धर्म और दर्शन के प्रचार-प्रसार का बीड़ा उठाया था। यह लेख मेरठ की महत्ता पर भी दृष्टिगोचर करता है।

1. इन्स्क्रिप्शन ऑफ़ अशोक, डी.सी. सिरकार
2. अशोक एंड द डिक्लाइन ऑफ़ द मौर्याज़, रोमिला थापर
3. फीचर लेखन, पी.के.आर्य
4. महानायक सम्राट अशोक, ऍम.ऍम.चन्द्र

RECENT POST

  • खेती से भी पुराना है, मिट्टी के बर्तनों का इतिहास, कलात्मक अभिव्यक्ति का भी रहा यह साधन
    म्रिदभाण्ड से काँच व आभूषण

     18-05-2022 08:46 AM


  • भगवान गौतम बुद्ध के जन्म से सम्बंधित जातक कथाएं सिखाती हैं बौद्ध साहित्य के सिद्धांत
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     17-05-2022 09:49 AM


  • हमारे बहुभाषी, बहुसांस्कृतिक देश में शैक्षिक जगत से विलुप्‍त होता भाषा अध्‍ययन के प्रति रूझान
    ध्वनि 2- भाषायें

     17-05-2022 02:06 AM


  • अपघटन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, दीमक
    व्यवहारिक

     15-05-2022 03:31 PM


  • भोजन का स्थायी, प्रोटीन युक्त व् किफायती स्रोत हैं कीड़े, कम कार्बन पदचिह्न, भविष्य का है यह भोजन?
    तितलियाँ व कीड़े

     14-05-2022 10:11 AM


  • मेरठ में सबसे पुराने से लेकर आधुनिक स्विमिंग पूलों का सफर
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     13-05-2022 09:38 AM


  • भारत में बढ़ रहा तापमान पानी की आपूर्ति को कर रहा है गंभीर रूप से प्रभावित
    जलवायु व ऋतु

     11-05-2022 09:07 PM


  • मेरठ की रानी बेगम समरू की साहसिक कहानी
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     11-05-2022 12:10 PM


  • घातक वायरस को समाप्‍त करने में सहायक अच्‍छे वायरस
    कीटाणु,एक कोशीय जीव,क्रोमिस्टा, व शैवाल

     10-05-2022 09:00 AM


  • विदेश की नई संस्कृति में पढ़ाई, छात्रों के लिए जीवन बदलने वाला अनुभव हो सकता है
    सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

     09-05-2022 08:53 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id