मेरठ से उठी जेल तोड़ने की क्रांति

मेरठ

 13-03-2018 10:50 AM
उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

प्रस्तुत चित्र में 1857 की क्रांति के दौरान नयी जेल का तोड़ा जाना दिखाया गया है। नयी जेल में उन 85 कैदियों को कैद किया गया था जिन्होंने चर्बी युक्त कारतूस चलाने से मना कर दिया था। यह नयी जेल विक्टोरिया पार्क में स्थित थी। 10 मई 1857 की विद्रोह होते ही तीसरी देशी अश्वारोही रेजिमेंट के सिपाहियों ने तत्काल घोड़ों पर सवार होकर नयी जेल में बंधक बनाये गए अपने 85 सिपाहियों को जेल तोड़ कर छुड़ा लिया और उनकी बेड़ियाँ काट कर दिल्ली की तरफ कूंच किया था। उस दौरान मेरठ को मिला कर उत्तर भारत भर में करीब 41 जेलों को तोड़ा गया था। स्वतंत्रता प्रेमियों ने उत्तर-पश्चिमी प्रान्त की 40 में से 27 जेलों को तोड़ दिया था।

तोड़े गए जेलों में- मेरठ, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, अलीगढ, बिजनौर, मुरादाबाद, बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, मथुरा, आगरा, इटावा, मैनपुरी, एटा, फतेहगढ़, कानपुर, फतेहपुर, इलाहबाद, बाँदा, हमीरपुर, आजमगढ़, गोरखपुर, जौनपुर, जालौन, झाँसी, ललितपुर, और दमोह आदि। बंगाल प्रान्त में भी कई जेलें तोड़ी गयी थी जिनमे गया, आरा, हजारीबाग, पुरुलिया आदि। पंजाब, दिल्ली, गुरुग्राम, लुधियाना आदि स्थानों पर भी जेल तोड़े गए थे तथा इन जेलों से कुल 23,000 कैदी भागे थे। इसमें ब्रितानी सरकार को कुल 220,350 रूपए का खर्चा मात्र उत्तर-पश्चिमी प्रान्त से आया था। जेल तोड़ने में मेरठ से कुल 1541 बंधक भागे थे जिनमे 364 पुनः ब्रितानी सरकार द्वारा पकड़ लिए गए थे तथा अन्य 1195 कभी पकडे नहीं गयें। उत्तर-पश्चिमी प्रान्त से कुल निकले बंधकों की संख्या 19,217 थी जिसमे 4,962 पुनः पकड़ लिए गए थे और अन्य 14,267 कभी नहीं पकडे गए। इस क्रांति ने ब्रितानी सरकार की कमर तोड़ कर रख दी थी इसमें उन्हें आर्थिक व युद्ध दोनों तरफ से भारी नुकसान का सामना करना पड़ा था।

1.द इंडियन अपराइजिंग ऑफ़ 1857-8: प्रिजन्स, प्रिजनर्स एंड रेबेलियन, क्लार्क एंडरसन



RECENT POST

  • अद्वितीय स्वाद और सुगंध के लिए प्रसिद्ध है मुजफ्फरपुर की शाही लीची
    साग-सब्जियाँ

     22-06-2021 08:20 AM


  • अपने पुष्‍पों के सौंदर्य के साथ अद्भुत औषधीय गुणों के धनी नागलिंग के पेड़
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     21-06-2021 07:29 AM


  • रोमांटिक काल में कैसे बदला संगीत का स्‍वरूप?
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

     20-06-2021 12:38 PM


  • हमारे देश का गौरव होते हैं भारतीय सेना के वफादार सेवा निवृत्त कुत्ते।
    स्तनधारी

     19-06-2021 01:45 PM


  • जल वितरण प्रणाली में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं. ओवरहेड वाटर टावर
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन नगरीकरण- शहर व शक्ति

     18-06-2021 09:32 AM


  • मेरठ शहर का गौरव है सूरज कुंड पार्क
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     17-06-2021 10:47 AM


  • बैडमिंटन का इतिहास और भारत में बढ़ती इसकी लोकप्रियता
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     15-06-2021 08:47 PM


  • भारत की सबसे प्राचीन सिंधु लिपि को पढ़ने के लिये किये गये कई प्रयास
    ध्वनि 2- भाषायें

     15-06-2021 12:41 PM


  • जनगणना कराने के उद्देश्य और आवश्यकताएं
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     14-06-2021 09:18 AM


  • अविश्वसनीय है, तेंदुएं को किसी पेड़ पर चढ़ते हुए देखना
    व्यवहारिक

     13-06-2021 11:30 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id