Post Viewership from Post Date to 03-Aug-2022 (30th Day)
City Subscribers (FB+App) Website (Direct+Google) Email Instagram Total
2170 14 2184

***Scroll down to the bottom of the page for above post viewership metric definitions

देश में टमाटर जैसे घरेलू सब्जियों के दाम भी क्यों बढ़ रहे हैं?

लखनऊ

 04-07-2022 10:13 AM
साग-सब्जियाँ

आपको जानकर आश्चर्य होगा की टमाटर वास्तव में एक सब्जी नहीं, बल्कि फल होता है! लेकिन भारतीय घरों में यह मुख्य रूप से सब्जी के तौर पर ही प्रयोग होता है। एक आम भारतीय घर में पूरे दिन एक न एक बार किसी भी सब्जी में, टमाटर का प्रयोग होता ही है। इसका अनोखा स्वाद, किसी भी सब्जी में जान फूंकने का काम करता है। लेकिन पिछले कुछ दिनों से भारत में सब्जियां और दालें टमाटर के अनोखे स्वाद के बिना, कुछ फीकी-फीकी से लगने लगी है! जिसका कारण है, “भारत में टमाटर के लगातार बढ़ते दाम!” देश के प्रमुख मेट्रो शहरों में टमाटर की खुदरा कीमतें 77 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई हैं! चलिए समझते हैं की आखिर टमाटर सहित अन्य खाद्य पदार्थों के बढ़ते दामों के लिए कौन जिम्मेदार है? विशेषज्ञों के अनुसार मार्च-अप्रैल के दौरान, प्रमुख टमाटर उत्पादक राज्यों महाराष्ट्र, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में गर्मी की लहरों ने उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है, और इसलिए देश भर में टमाटर की कीमतों में तेजी आई है। हालांकि, टमाटर की कीमतों में जुलाई में तेज गिरावट की उम्मीद है, क्योंकि इस दौरान देश के सभी प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों से फसल बाजार में प्रवेश करती है। उपभोक्ता मामलों के विभाग के आंकड़ों के अनुसार, देश के प्रमुख शहरों में टमाटर की औसत कीमत 55 रुपये से 60 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच थी।
इसके साथ ही कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष की तुलना में 2021-22 फसल वर्ष (जुलाई-जून) में टमाटर का उत्पादन 4% से अधिक घटकर 20.3 मिलियन टन (mt) होने की उम्मीद है। व्यापारियों और विशेषज्ञों ने खुदरा कीमतों में वृद्धि के लिए आंध्र प्रदेश और कर्नाटक जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों से आपूर्ति की संभावित कमी को भी जिम्मेदार ठहराया। वैज्ञानिकों ने फल और सब्जियां महंगी होने के पीछे के कारणों में चरम मौसम के कारण जलवायु परिवर्तन को भी जिम्मेदार माना है, जिसने इस साल कई फसलों के उत्पादन को विशेष तौर पर प्रभावित किया है। खाद्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, टमाटर जो कि अधिकांश भारतीय व्यंजनों का मूल घटक है ,का औसत खुदरा मूल्य, एक महीने पहले की तुलना में 70 प्रतिशत बढ़कर 2 जून को 53.75 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया था। यह एक साल पहले की तुलना में 168% अधिक है। आंध्र प्रदेश और कर्नाटक जैसे राज्यों से भी टमाटर की आपूर्ति मौजूदा कमजोर अवधि के दौरान घट गई है।
बेमौसम बारिश ने जनवरी में कई राज्यों में फूल आने के दौरान नींबू की फसल को भी नुकसान पहुंचाया था। अप्रैल में, नींबू की कीमतें अनदेखे 200 रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गईं थी, जिससे उपभोक्ताओं को बहुत बड़ा झटका लगा। दिसंबर-जनवरी में भारी बारिश ने नींबू के पौधों को भी नुकसान पहुंचाया था।
साल दर साल औसत भारतीय के किराना बिल बढ़ रहे हैं, क्योंकि उपभोक्ता मुद्रास्फीति एक साल पहले अप्रैल में आठ साल के उच्च स्तर 7.79% पर पहुंच गई थी। भारत में, इस गर्मी में प्रतिकूल मौसम के कारण आम की फसल 20% कम होने का अनुमान है।
रिजर्व बैंक ने अपने मुद्रास्फीति पूर्वानुमान को यह कहते हुए बढ़ा दिया है कि, उसे उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2013 में मुद्रास्फीति तेजी से बढ़कर 5.7% हो जाएगी, जो इसके पिछले 4.5% के पूर्वानुमान से अधिक है। अप्रैल में खाद्य कीमतों में रिकॉर्ड 8.38% की वृद्धि हुई। इस बीच यूक्रेन में युद्ध से संकट और बढ़ गया है, जिसने गेहूं, उर्वरक, खाद्य तेल और पशु चारा की कमी पैदा कर दी है। खाद्य तेल की कीमतें साल-दर-साल 8-13% के बीच बढ़ी हैं। खाद्य मंत्रालय द्वारा अपनी खाद्य सुरक्षा योजनाओं के लिए पर्याप्त गेहूं खरीदने में विफल रहने के बाद सरकार ने 13 मई की शाम को निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया। इसका उद्देश्य घरेलू खाद्य मुद्रास्फीति पर काबू पाना था, जो अप्रैल में सालाना आधार पर 8.4 प्रतिशत के उच्च स्तर पर पहुंच गई थी। 19 मई को, कृषि मंत्रालय ने गेहूं उत्पादन अनुमान को संशोधित कर 106.4 मिलियन टन (तीसरा अग्रिम अनुमान) कर दिया। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि, पिछले एक साल में टमाटर की खुदरा कीमतों में औसतन 146 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
यह किसानों को अधिक पौधे लगाने के लिए प्रेरित कर सकता है, जिससे कीमतों में गिरावट आ सकती है, लेकिन कुछ महीने बाद सड़क किनारे टमाटर फेंके जा सकते हैं। मूल्य श्रृंखलाओं या पारगमन के दौरान, गोदामों में कितना खाना बर्बाद होता है, इस पर भी कोई विश्वसनीय डेटा मौजूद नहीं है। इससे यह भी स्पष्ट होता है की, खाद्य उत्पादों की तीव्र मुद्रास्फीति के प्रमुख कारणों में, गलत समय पर खराब डेटा का उपयोग करने का भी बड़ा बुरा प्रभाव पड़ा है।

संदर्भ
https://bit.ly/3ujSR2G
https://bit.ly/3aaIF5F
https://bit.ly/3ui8p70

चित्र संदर्भ
1. बिक्री हेतु रखे गए टमाटरों को दर्शाता एक चित्रण (flickr)
2. एक टमाटर मार्केट को दर्शाता एक चित्रण (wikimedia)
3. महिला टमाटर विक्रेता को दर्शाता एक चित्रण (flickr)
4. फेंके गए टमाटरों को दर्शाता एक चित्रण (linkedin)



***Definitions of the post viewership metrics on top of the page:
A. City Subscribers (FB + App) -This is the Total city-based unique subscribers from the Prarang Hindi FB page and the Prarang App who reached this specific post. Do note that any Prarang subscribers who visited this post from outside (Pin-Code range) the city OR did not login to their Facebook account during this time, are NOT included in this total.
B. Website (Google + Direct) -This is the Total viewership of readers who reached this post directly through their browsers and via Google search.
C. Total Viewership —This is the Sum of all Subscribers(FB+App), Website(Google+Direct), Email and Instagram who reached this Prarang post/page.
D. The Reach (Viewership) on the post is updated either on the 6th day from the day of posting or on the completion ( Day 31 or 32) of One Month from the day of posting. The numbers displayed are indicative of the cumulative count of each metric at the end of 5 DAYS or a FULL MONTH, from the day of Posting to respective hyper-local Prarang subscribers, in the city.

RECENT POST

  • ऑनलाइन खरीदारी के बजाए लखनऊ के रौनकदार बाज़ारों में सजी हुई राखिये खरीदने का मज़ा ही कुछ और है
    संचार एवं संचार यन्त्र

     11-08-2022 10:20 AM


  • गांधीजी के पसंदीदा लेखक, संत व् कवि, नरसिंह मेहता की गुजराती साहित्य में महत्वपूर्ण भूमिका
    मध्यकाल 1450 ईस्वी से 1780 ईस्वी तक

     10-08-2022 10:04 AM


  • मुहर्रम के विभिन्न महत्वपूर्ण अनुष्ठानों को 19 वीं शताब्दी की कंपनी पेंटिंग शैली में दर्शाया गया
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     09-08-2022 10:25 AM


  • राष्ट्रीय हथकरघा दिवस विशेष: साड़ियाँ ने की बैंकिग संवाददाता सखियों व् बुनकरों के बीच नई पहल
    स्पर्शः रचना व कपड़े

     08-08-2022 08:55 AM


  • अंतरिक्ष से दिखाई देती है,भारत और पाकिस्तान के बीच मानव निर्मित सीमा
    द्रिश्य 1 लेंस/तस्वीर उतारना

     07-08-2022 12:06 PM


  • भारतीय संख्या प्रणाली का वैश्विक स्तर पर योगदान
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     06-08-2022 10:25 AM


  • कैसे स्वचालित ट्रैफिक लाइट लखनऊ को पैदल यात्रियों के अनुकूल व् आज की तेज़ गति की सडकों को सुरक्षित बनाती
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     05-08-2022 11:23 AM


  • ब्रिटिश सैनिक व् प्रशासक द्वारा लिखी पुस्तक, अवध में अंग्रेजी हुकूमत की करती खिलाफत
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     04-08-2022 06:26 PM


  • पाकिस्तान, चीन की सीमाओं तक फैली हुई, काराकोरम पर्वत श्रृंखला की विशेषताएं व् प्राचीन व्याख्या
    पर्वत, चोटी व पठार

     03-08-2022 06:11 PM


  • प्राचीन भारतीय शिक्षा की वैदिक प्रणाली की प्रमुख विशेषताएं
    धर्म का उदयः 600 ईसापूर्व से 300 ईस्वी तक

     02-08-2022 09:03 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id