एयर प्यूरीफायर की तुलना में घरेलु पौधे अधिक प्राकृतिक, लागत प्रभावी और चिकित्सीय लाभकारी हैं

लखनऊ

 08-01-2022 06:47 AM
बागवानी के पौधे (बागान)

विज्ञान और प्रद्योगिकी की सहायता से आज इंसान अपने पूरे इतिहास के सबसे सुलभ और आरामदायक युग में पहुंच चुका है। उदाहरण के तौर पर आज आप आफिस जाकर नौकरी करने के लिए बाध्य नहीं हैं। साथ ही कोई भी घर बैठे अपना मनचाहा सामान अथवा सुविधा घर पर ही मंगा सकता है। हालांकि इस आधार पर तार्किक रूप से हमारी पीढ़ी को अधिक समृद्ध एवं सुखी होना चाहिए। साथ ही आज समाज में सर्वाधिक लोग तनाव जैसी बीमारी से जूझ रहें हैं।
दरअसल इसका प्रमुख कारण है की तकनीकी वृद्धि के बावजूद मनुष्य निरंतर प्रकृति से दूर होता जा रहा है। लेकिन आज कई ऐसे उपाय मौजूद हैं, जिनकी सहायता से आप प्रकृति और तकनीक को एक साथ लेकर चल सकते हैं, और यह उपाय निश्चित तौर पर आपको लंबी आयु एवं तनावमुक्त जीवन प्रदान करेंगे। सबसे अचूक उपायों में घर के भीतर अथवा बाहर फूलों तथा पेड़-पोंधों को लगाना शामिल हैं।
आज के समय में एक ऊर्जा कुशल, आधुनिक इमारत में रहने से कई अनपेक्षित दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं। उदाहरण के तौर पर घरों में वायु प्रवाह की कमी से इनडोर वायु प्रदूषण (indoor air pollution) का निर्माण होता है जिससे अस्थमा, बिल्डिंग सिंड्रोम (building syndrome) जैसी गंभीर स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा होती हैं। आपको जानकर आश्चर्य हो सकता है, की आधुनिक साज-सज्जा, सिंथेटिक निर्माण सामग्री और यहां तक ​​ कि आपके अपने कालीन में भी अपेक्षा से अधिक रसायन हो सकते हैं। ये रसायन 90 प्रतिशत तक इनडोर वायु प्रदूषण कर सकते हैं। लेकिन इस समस्या का एक बेहतरीन और शानदार उपाय भी है, जिसे हाउसप्लांट (houseplant) अथवा घर के भीतर उगने वाले पोंधों से संदर्भित किया जा सकता है।
1989 में, नासा (NASA) ने अपने एक शोध में पाया कि हाउसप्लांट विशेष रूप से कम हवा के प्रवाह वाले स्थानों से हानिकारक विषाक्त पदार्थों को अवशोषित कर सकते हैं। यह अध्ययन इनडोर पौधों और उनकीवायु सफाई क्षमताओं के बारे में नए अध्ययनों का आधार रहा है। हालाँकि पौधों में एयर प्यूरीफायर (air purifiers) की तुलना में कम हॉर्स पावर (horsepower) होती है, लेकिन फिर भी वे इनसे अधिक प्राकृतिक, लागत प्रभावी और चिकित्सीय लाभकारी होते हैं। यह हमारे मूड , उत्पादकता, एकाग्रता एवं याददाश्त में वृद्धि और तनाव तथा थकान को भी कम कर सकते हैं। नासा के द्वारा सुझाव दिया जाता है की प्रत्येक 100 वर्ग फुट के लिए 8 से 10 इंच के गमलों में दो या तीन पौधों को उगाया जाना चाहिए। कुछ पौधे दूसरों की तुलना में कुछ रसायनों को हटाने में बेहतर होते हैं। लेकिन यदि आपके पास बिल्ली और कुत्ते जैसे पालतू जानवर हैं, तो आप वायु शुद्ध करने वाले पौधों पर पुनर्विचार कर सकते हैं, क्यों की कई इनडोर पौधे उनके लिए जहरीले हो सकते हैं।
नासा क्लीन एयर स्टडी (nasa clean air study), नासा (NASA) के नेतृत्व में एसोसिएटेड लैंडस्केप कॉन्ट्रैक्टर्स ऑफ अमेरिका (ALCA) के साथ मिलकर अंतरिक्ष स्टेशनों में हवा को साफ करने के तरीकों पर शोध करने के लिए एक परियोजना थी। इसके परिणामों बताया गया कि, कुछ सामान्य इनडोर पौधे कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करने और प्रकाश संश्लेषण के माध्यम से ऑक्सीजन छोड़ने के अलावा, वाष्पशील कार्बनिक प्रदूषकों को हटाने का एक प्राकृतिक तरीका भी प्रदान कर सकते हैं।
दि नासा के 'स्वच्छ वायु अध्ययन' पर ध्यान दिया जाए, तो यह न केवल हमें ऑक्सीजन देते हैं, बल्कि बेंजीन, फॉर्मलाडेहाइड और ट्राइक्लोरोइथिलीन (benzene, formaldehyde and trichlorethylene) जैसे कार्बनिक वायु प्रदूषकों को भी दूर करते हैं। इनडोर प्लांट्स न केवल एक जगह में अधिक सुंदरता जोड़ते हैं, बल्कि एक सकारात्मक मूड को बढ़ावा देते हैं, हवा को शुद्ध करते हैं, और आपको प्रकृति से जुड़ाव महसूस कराते हैं।
आगे क्रमशः भारत में उपलब्ध कुछ इनडोर पौधों की सूची दी गई है जो देखने में अच्छे लगते हैं और हवा को भी साफ करते हैं। 1. ज़मीओकुलकास ज़मीफ़ोलिया (Zamioculcas zamifolia (Zanzibar Gem): हरे रंग के इस उष्णकटिबंधीय बारहमासी पोंधे को आमतौर पर ज़ांज़ीबार मणि कहा जाता है। यह अपनी जड़ों में पानी जमा कर सकता है, इसलिए इसे सप्ताह में केवल एक या दो बार ही पानी की आवश्यकता होती है। इसके हरे रंग में दूषित इनडोर वायु से, बेंजीन, टोल्यूनि, एथिलबेनज़ीन और ज़ाइलीन (BTEX) की सांद्रता को कम करने की क्षमता होती है। 2. संसेविया (Sansevieria (snake plant): स्नेक प्लांट उज्ज्वल और मध्यम रोशनी में बेहतर उगता है। जिसे गर्मियों के दौरान हर 10 दिनों में और सर्दियों के दौरान हर 20-30 दिनों में पानी देना चाहिए। यह एक वायु शोधक की भांति विषाक्त पदार्थों को फ़िल्टर करता है। 3. मॉन्स्टेरा डेलिसिओसा (Monstera deliciosa (Swiss Cheese Plant): यह भी उज्ज्वल और मध्यम रोशनी में बेहतर उगता है, जिसे हर 1-2 सप्ताह में पानी की आवश्यकता होती है। यह पर्यावरण की एक समस्या फॉर्मलाडेहाइड (formaldehyde) को हटाने में प्रभावी होता है।
4. एग्लोनिमा पिंक अन्यामनी (Aglaonema Pink Anamani (Chinese evergreen): एग्लोनिमा सबसे प्रसिद्ध वायु शुद्ध करने वाले पौधों में से एक है। जो हवा से फॉर्मलाडेहाइड और बेंजीन को साफ करने के लिए जाना जाता है। यह नमी में बेहतर उगता है। पुराने पौधे पर कभी-कभी कैला या शांति लिली जैसे फूल भी उगते हैं । 5. सिनगोनियम पोडोफिलम (Syngonium podophyllum (arrowhead plant): यह खूबसूरत पौंधा इनडोर प्रदूषण को कम करता है, नमी प्रदान करता है और आपको ताजा सांस लेने में मदद करता है। इसे आमतौर पर एरोहेड प्लांट (arrowhead plant) के नाम से भी जाना जाता है। इसके लिए मध्यम से तेज रोशनी की आवश्यकता होती है और यह तीव्र, प्रत्यक्ष सूर्य के लिए उपयुक्त नहीं है। यह सौभाग्य के प्रतीक के रूप में सबसे अच्छे फेंग शुई पौधों (feng shui) में से एक के रूप में जाना जाता है। COVID-19 महामारी के दौरान खराब वेंटिलेशन वाले क्षेत्रों में वायरस के प्रसार को रोकने के लिए सभी सार्वजनिक और निजी इनडोर स्थानों में वायु शोधन और जैव-संदूषण तकनीकों का उपयोग करने की सिफारिश की जा रही है। मशीनों के बजाय हवा को शुद्ध करने के लिए इनडोर प्लांट का उपयोग हो सकता है। कई अध्ययनों से पता चला है कि इनडोर पौधे हवा की गुणवत्ता को बढ़ाते हैं, प्रदूषकों को हटाते हैं, और बैक्टीरिया तथा फंगल संक्रमण को कम करते हैं। इसके अलावा, सीमित स्थानों में सापेक्ष आर्द्रता को नियंत्रित करने वाले पौधों की प्रस्तावित भूमिका को एक वैकल्पिक समाधान माना जा सकता है। जिसका उपयोग SARS-CoV-2 की व्यवहार्यता को कम करने और आसपास के वातावरण में सौंदर्य जोड़ने के लिए किया जा सकता है।

संदर्भ
https://bit.ly/3qUzQBk
https://bit.ly/3f0SwK8
https://bit.ly/3q0URuK
https://bit.ly/3n5dEDh

चित्र संदर्भ   
1.हाउसप्लांट (houseplant) अथवा घर के भीतर उगने वाले पोंधों को दर्शाता एक चित्रण (Flickr)
2. विभिन्न प्रकार के हाउसप्लांट (houseplant) अथवा घर के भीतर उगने वाले पोंधों को दर्शाता एक चित्रण (Flickr)
3. ज़मीओकुलकास ज़मीफ़ोलिया को दर्शाता एक चित्रण (Flickr)
4. स्नेक प्लांट को दर्शाता एक चित्रण (Flickr)
5. मॉन्स्टेरा डेलिसिओसा को दर्शाता एक चित्रण (flickr)
6. रंएग्लोनिमा को दर्शाता एक चित्रण (flickr)
7. सिनगोनियम पोडोफिलम को दर्शाता एक चित्रण (flickr)



RECENT POST

  • लखनऊ के निकट कुकरैल रिजर्व मगरमच्छों की लुप्तप्राय प्रजातियों को संरक्षण प्रदान कर रहा है
    रेंगने वाले जीव

     22-01-2022 10:26 AM


  • कैसे शहरीकरण से परिणामी भीड़ भाड़ को शहरी नियोजन की मदद से कम किया जा सकता है?
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     21-01-2022 10:05 AM


  • भारवहन करने वाले जानवरों का मानवीय जीवन में महत्‍व
    स्तनधारी

     20-01-2022 11:46 AM


  • भारत में कुर्सी अथवा सिंहासन के प्रयोग एवं प्रयोजन
    घर- आन्तरिक साज सज्जा, कुर्सियाँ तथा दरियाँ

     19-01-2022 11:08 AM


  • केरल के मछुआरों को अतिरिक्त आय प्रदान करती है, करीमीन मछली
    मछलियाँ व उभयचर

     17-01-2022 10:52 AM


  • भगवान अयप्पा की उत्पत्ति की पौराणिक कथा, हमारे लखनऊ में दक्षिण भारतीय शैली में इनका मंदिर
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     17-01-2022 05:37 AM


  • स्नोबोर्डिंग के लिए बुनियादी सुविधाएं और प्रशिक्षण प्रदान करते हैं, भारत के कुछ स्थान
    हथियार व खिलौने

     16-01-2022 12:47 PM


  • कौन से हैं हमारे लखनऊ शहर के प्रसिद्ध, 100 वर्ष से अधिक पुराने कॉलेज?
    सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

     15-01-2022 06:36 AM


  • भारत में कैसे मनाया जाता है धार्मिक और मौसमी बदलाव का प्रतीक पर्व , मकर संक्रांति?
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     14-01-2022 02:45 PM


  • लखनऊ में बढ़ रही है, विदेशी सब्जियों की लोकप्रियता तथा खेती
    साग-सब्जियाँ

     13-01-2022 06:58 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id