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लखनऊ के कार्टोग्राफी चित्रकार मुंशी गुलाम हुसैन का अहम् योगदान है, राष्ट्रपति भवन के कैबिनेट कक्ष निर्माण में

लखनऊ

 14-12-2021 10:44 AM
द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

भारत के राष्ट्रपति के आधिकारिक निवास के रूप में विख्यात “राष्ट्रपति भवन” देश की सबसे प्रतिष्ठित स्मारकों में से एक माना जाता है। देश की राजधानी नई दिल्ली में स्थित राष्ट्रपति भवन को क्षेत्रफल की दृष्टि से देश में किसी भी मुखिया का सबसे बड़ा निवास स्थान होने का गौरव प्राप्त है। इस शानदार स्मारक की चौरस भूमि पर उद्यान, संग्रहालय, सेरेमोनियल हॉल (Ceremonial Hall), बड़े खुले स्थान, अंगरक्षकों और कर्मचारियों का निवास आदि शामिल हैं। वस्तुतः राष्ट्रपति भवन के सभी कक्ष एवं अन्य स्थान ऐतिहासिक और पर्यटन की दृष्टि से दर्शनीय है, किंतु इन सभी में राष्ट्रपति भवन में स्थित कैबिनेट कक्ष कई मायनों में विशिष्ट एवं अति प्रवीण स्थान है।
कैबिनेट कक्ष में भारत की स्वतंत्रता के परिपेक्ष में कई ऐतिहासिक बैठकें हुई है। अपनी ऐतहासिक विलक्षणता के साथ ही यह कक्ष कार्टोग्राफी कला (cartographic art) के संदर्भ में भी विशिष्टता रखता है। दरअसल कैबिनेट कक्ष की ऊँची-ऊँची दीवारों में कार्टोग्राफी कला (कार्टोग्राफी मानचित्र बनाने की कला, विज्ञान और तकनीक है) पर आधारित सचित्र मानचित्रों को चित्रित किया गया है, साथ ही इनके माध्यम से भारत को दुनिया के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाले हवाई और समुद्री मार्गों को भी दर्शाया गया है। कला के इस अनूठे पतिमान को एक कुशल ब्रिटिश कला और स्थापत्य इतिहासकार पर्सी ब्राउन (Percy brown) के नेतृत्व में चित्रित किया गया था। ब्राउन ने 16-17वीं शताब्दी की कार्टोग्राफी कला पर आधारित इन सचित्र मानचित्रों के विचार की कल्पना की। राष्ट्रपति भवन के कैबिनेट कक्ष की दीवारों पर इन नक्शों को गवर्नमेंट स्कूल ऑफ आर्ट्स एंड क्राफ्ट्स, लखनऊ (Government School of Arts and Crafts, Lucknow) के, वाइस प्रिंसिपल के रूप में सेवा करने वाले स्वर्गीय मुंशी गुलाम हुसैन की देखरेख में, कई भारतीय कलाकारों ने चित्रित किया। इन सभी प्रमुख चित्रकारों में के.एन बनर्जी, एस इनायत मोहम्मद, बी-बी बेनेगल और फुजल-उद-दीन शामिल थे। कैबिनेट कक्ष की पूर्वी दीवार भारत के दक्षिणी भाग और बर्मा को दर्शाने वाले मानचित्र का प्रतिनिधित्व करती है, और पश्चिमी भारत के भौगोलिक क्षेत्र दक्षिण की दीवार के बाईं ओर दिखाई देते हैं। जबकि पूर्वी भारत को दक्षिण की दीवार के दाईं ओर दर्शाया गया है। उत्तरी और मध्य एशिया को पश्चिम की दीवार पर दर्शाया गया है। धनुषाकार द्वार के दोनों ओर उत्तरी दीवार पर भारत-इंग्लैंड हवाई मार्ग दिखाया गया है। नक्शे में भौगोलिक सीमाओं के दृश्यों का प्रतिनिधित्व करने के लिए मानव रूपों, जानवरों और स्थापत्य तत्वों का प्रयोग किया गया हैं। राष्ट्रपति भवन के कैबिनेट कक्ष में एक राजसी आयताकार दृढ़ लकड़ी की मेज के चारों ओर 50 लोग आसानी से बैठ सकते हैं। 1947 में, कैबिनेट कक्ष ने रेडक्लिफ आयोग (Radcliffe Commission) के लिए अंतिम स्थल के रूप में कार्य किया था, जिसे भारत और पूर्वी और पश्चिमी पाकिस्तान के बीच की सीमाओं का सीमांकन करने के लिए स्थापित किया गया था। आज़ादी से पूर्व इस कमरे को परिषद कक्ष (Council Room) के रूप में जाना जाता था, और यह वायसराय (Viceroy) की कार्यकारी परिषद, कानूनी कैबिनेट के लिए बैठक कक्ष के रूप में कार्य करता था। कैबिनेट कक्ष की दीवारें किसी को भी पहली नज़र में अचंभित कर देती हैं। इन दीवारों पर उपमहाद्वीप के बड़े-बड़े नक्शे चमकीले रंगों में चित्रित किये गए है, जिसमें महत्त्वपूर्ण कस्बों और स्थलों को चिह्नित करने के लिए चंचल कार्टूनों का प्रयोग किया गया हैं। कैबिनेट कक्ष की दीवारों पर इन शानदार मानचित्रों को 1930 के जून और अक्टूबर के बीच, ब्राउन की देखरेख में भारतीय चित्रकारों द्वारा जीवंत किया गया था।
हालांकि इन भारतीय चित्रकारों में से अधिकांश ने कभी अपने देश के अलावा किसी अन्य देश की यात्रा नहीं की थी। दीवारें इतनी उत्कृष्ता से चित्रित की गई हैं, कि कोई भी पहली नज़र में उनसे अपनी आँखें नहीं हटा सकता। इन दीवारों के स्तब्ध चित्रणों में शानदार समुद्री ड्रेगन, देदीप्यमान बाघ, मूछों वाले पुरुष, समुद्री अप्सराओं और ऊंटों के बेड़े, अनायास ही आकर्षित कर देते हैं। कमरे की उत्तरी दीवारों पर ग्वादर, अलेक्जेंड्रिया, एथेंस और बेलग्रेड में हाल्ट के साथ दिल्ली से लंदन तक का हवाई मार्ग चित्रित है। इनमें से प्रत्येक शहर को एक आकर्षक आकृति द्वारा दर्शाया गया है। भारत-इंग्लैंड हवाई मार्ग उत्तरी दीवार के केंद्र में एक धनुषाकार द्वार के दो किनारों पर दिखाया गया है। विभिन्न गतिविधियों में लगे लोग, जानवर और वास्तुकला इस सचित्र मानचित्र की शानदार कलात्मक अपील को उजागर करते हैं।

संदर्भ
https://bit.ly/3IHzBBz
https://bit.ly/3lZ1fAx
https://bit.ly/3s0jAB1

चित्र संदर्भ   

1.राष्ट्रपति भवन के कैबिनेट कक्ष की दीवारों पर इन नक्शों को गवर्नमेंट स्कूल ऑफ आर्ट्स एंड क्राफ्ट्स, लखनऊ (Government School of Arts and Crafts, Lucknow) के, वाइस प्रिंसिपल के रूप में सेवा करने वाले स्वर्गीय मुंशी गुलाम हुसैन की देखरेख में, कई भारतीय कलाकारों ने चित्रित किया। जिनको दर्शाता एक चित्रण (chughtaimuseum) 2.कैबिनेट रूम में सचित्र मानचित्र, ऑइल पेंटिंग को दर्शाता एक चित्रण (presidentofindia)
3. राष्ट्रपति भवन के कैबिनेट कक्ष में एक राजसी आयताकार दृढ़ लकड़ी की मेज के चारों ओर 50 लोग आसानी से बैठ सकते हैं ,को दर्शाता एक चित्रण (presidentofindia)



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